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नीतीश का PM मोदी पर हमला, बोले- किसानों को नहीं मिल रहा उचित मूल्य

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चल रहे किसान आंदेलन को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है.

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसान आंदोलनों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. किसानों की उपज के लिए अपर्याप्त और कम खरीद मूल्य वर्तमान कृषि संकट का आधार है.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कर्ज माफी अकेला समाधान नहीं है. अलग-अलग जगहों पर अलग समस्या हैं. कहीं किसानों की लागत बढ़ गई है और उत्पादन मूल्य में वृद्धि नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि मोदीजी ने चुनाव के समय कहा था कि लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य की घोषणा की जाएगी.

उन्होंने जीएम सीड को लेकर केंद्र को पत्र लिखा है कि नई प्रकार की बीमारियां शुरू हो गई है. कृषि में यह अवधारणा है कि इन सीडो से जितना उत्पादन बढ़ेगा वो उतना ही गलत है. साथ ही उन्होंने लिखा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए नहीं है. हमें किसानों के हित को ध्यान में रखकर बेहतर नीति बनानी होगी.

बिहार में किसान कर्ज नहीं लेते
जिस किसान ने कर्ज नही लिया वो संकट में नहीं है. नीतीश ने कहा कि बिहार में किसान कर्ज नहीं लेते हैं. उन्होंने कहा कि लागत मूल्य बढ़ रहा है और उत्पादन मूल्य कम हो रहा है. ये सबसे बड़ी समस्या है. उन्होंने ये भी कहा कि इस देश के जाट मराठा और पाटीदार आरक्षण की मांग कर रहे है. उसके पीछे कारण कृषि संकट ही है.

बता दें कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में 1 जून से चल रहे आंदोलन में प्रदर्शनकारी किसानों के उग्र होने पर पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी, जिसमें छह किसानों की जान चली गई. इस फायरिंग में पांच किसानों की उसी दिन मौत हो गई, जबकि एक अन्य किसान ने शुक्रवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया.

 

नीतीश कुमार बोलते गांधी की तरह, आचरण राहुल गांधी की तरह करते हैं
कृषि मंत्री राधामोहन सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार महात्मा गांधी की तरह बोलते तो हैं, लेकिन आचरण गांधी की तरह नहीं करते. वह आचरण राहुल गांधी और लालू यादव की तरह करते हैं. किसानों के लिए केंद्र सरकार ने काफी कुछ किया है. कृषि मंत्रालय ने कई कदम उठाए हैं, लेकिन नीतीश कुमार ने क्या किया उनको बताना चाहिए.

किसान आंदोलन के दौरान किसानों से जुड़े सवालों से बचने और योग आंदोलन की बात करने पर हुई आलोचना पर राधा मोहन सिंह का कहना है कि योग उनकी दिनचर्या का हिस्सा है. वह जो हर रोज करते हैं, वही उस दिन भी कर रहे थे, लेकिन वह किसानों को लेकर अलग-अलग राज्यों में जाकर प्रोग्राम करते हैं, किसानों के बीच में रहते हैं.

कर्जमाफी के मुद्दे पर राधामोहन सिंह का कहना है कि कर्ज माफी का मामला अलग-अलग राज्यों से जुड़ा है. अलग-अलग राज्य अपने हिसाब से करते हैं. यह उनका अपना निर्णय है, लेकिन जहां तक केंद्र सरकार की बात है, केंद्र सरकार चाहती है कि किसानों का सशक्तिकरण हो और मजबूत बने.

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