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चीन का सुपर साइंस वाला अवतार देखकर बदल जाएगी भारतीयों की राय

चीन तकनीकी क्षेत्र में तेजी से अमेरिका की बराबरी की दिशा में बढ़ रहा है और दोनों के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है.

विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ता चीन विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ता चीन

भारत में आम तौर पर लोगों के लिए ''मेड इन चाइना" का मतलब नकली सामान, सस्ते खिलौनों और परले दर्जे के इलेक्ट्रिक उपकरणों से होता है. पर अब इस नए 'मेड इन चाइना' को देख-सुनकर भारतियों की ही नहीं बल्कि दुनियाभर की राय बदल जाएगी. ये नया मेड इन चाइना चीन का सुपर साइंस वाला अवतार है. आधुनिकतम टेक्नॉलोजी और विज्ञान के नए अवतार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल के अनूठे प्रयोगों का चीन गढ़ बनता जा रहा है.

उदाहरण के तौर पर जियान की एक फैक्टरी में इनसानों की जगह रोबोटों ने ले ली है, जहां दुनिया के सबसे उन्नत लेजर डायोड बनाए जा रहे हैं. गुइझाऊ में चीन दुनिया का सबसे बड़ा बिग डाटा केंद्र बना रहा है. बीजिंग के तकनीकी केंद्र झोंगुआनकुन में स्टार्टअप से शुरुआत करने वाली इंटरनेट कंपनियां अब दुनिया की विशालकाय कंपनियों में शुमार हो चुकी हैं.

कमाई के लिहाज से दुनिया की दस सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनियों में चार चीन की हैं—ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी जेडी और अलीबाबा, टेन्सेंट जो सोशल मीडिया ऐप ''वीचैट" से जुड़ी है, और बाइडू जिसने सर्च इंजन के तौर पर शुरुआत की थी और अब एआइ के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और इसमें खास तरह की कारें भी शामिल हैं. दुनिया की 25 बड़ी कंपनियों में भारत की केवल एक फ्लिपकार्ट आती है. चीन में 70 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर हैं—भारत से दो गुना.

चीन तकनीकी क्षेत्र में तेजी से अमेरिका की बराबरी की दिशा में बढ़ रहा है और दोनों के बीच का अंतर लगातार कम होता जा रहा है. खासकर एआइ के क्षेत्र मंक चीन के बढ़ते कदमों से सतर्क होकर बराक ओबामा प्रशासन ने एक नेशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट स्ट्रैटेजिक योजना बनाई थी जिसने पाया कि एआइ रिसर्च का रुझान ''दुनिया में बढ़ता जा रहा है और प्रकाशन संख्या के मामले में अमेरिका अब आगे नहीं रह गया है."

वह स्थान अब चीन ले चुका है. उस योजना में बताया गया कि समाज पर एआइ का प्रभाव ''कई क्षेत्रों पर बढ़ता रहेगा जिनमें रोजगार, शिक्षा, जन सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ अमेरिका की आर्थिक वृद्धि पर भी प्रभाव होगा."

अलीबाबा के पूर्व अध्यक्ष तु जाइपेई कहते हैं, ''चीन और अमेरिका के बीच अंतर घटता जा रहा है. एआइ के क्षेत्र में लीडर बनने के लिए चीन के पास अच्छा मौका है." उनका कहना है कि तकनीक के क्षेत्र में अगला बड़ा कदम बढ़ाने के लिए चीन की स्थिति बहुत अच्छी है.

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