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एजीएम के बाद क्यों टूटा रिलायंस का शेयर?

सब उम्मीद के मुताबिक था तो फिर रिलायंस इंडस्ट्रीज की एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐसा क्या कह दिया जिसे सुनकर निवेशक बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर बेचने लगे.

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी (फोटोः एएफपी) रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी (फोटोः एएफपी)

सब उम्मीद के मुताबिक था तो फिर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) की एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐसा क्या कह दिया जिसे सुनकर निवेशक बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर बेचने लगे. सुबह से अपने दम पर बाजार को संभाल रहा आरआइएल का शेयर शाम होते होते टॉप लूजर बन गया. भारती एयरटेल के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज गिरने वाले शेयरों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर था. दिन के उच्चतम स्तर से शेयर का भाव 9 फीसद से ज्यादा टूट गया. 1,978 का उच्चतम स्तर छूने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर बुधवार को 3.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,845 के स्तर पर बंद हुआ. बंद होने से ठीक पहले इसने 1,798 का निचला स्तर भी छुआ.

क्या सुनकर बिगड़ा मूड?

एंजेल ब्रोकिंग की डिप्टी वाइज प्रेसीडेंट (इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट) ज्योति रॉय के मुताबिक, एजीएम के बाद मैनेजमेंट का यह बयान कि सऊदी अरामको सौदा उम्मीद के अनुरूप आगे नहीं बढ़ रहा और कंपनी अपने O2C बिजनेस को अलग करेगी. गौरतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और अरामको के बीच एक गैर बाध्यकारी समझौता अगस्त, 2019 में हुआ था जिसमें अरामको रिलायंस में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 75 अरब डॉलर में खरीदने पर विचार कर रही थी. प्रबंधन का बयान इस बात का संकेत है कि अब कोई भी रणनीतिक निवेश कंपनी में इससे कम वैल्युएशन पर ही होगा. यह खबर शेयर में बिकवाली का एक बड़ा कारण हो सकता है. इसके अलावा निवेशकों को अब जियो प्लेटफॉर्म के आइपीओ की एक तय सीमा का भी इंतजार है. इसका कोई भी जिक्र इस बार एजीएम में नहीं किया गया. यह भी निवेशकों में निराशा का एक कारण हो सकता है.

एस्कॉर्ट सिक्योरिटी के हेड (रिसर्च) आसिफ इकबाल मानते हैं कि आरआइएल के शेयर में यह गिरावट विशुद्ध रूप से मुनाफावसूली है. बीते तीन महीने में शेयर के भाव दोगुने से ज्यादा चढ़ गए. एजीएम में जिन घोषणाओं की उम्मीद थी वे सामने आ गईं. छोटी अवधि के लिए निवेश करने वाले निवेशक संभावनाओं पर खरीदकर खबर पर बेचने की रणनीति अपनाते हैं. यही कारण है कि एजीएम में सब कुछ अच्छा होने के बाद भी मुनाफावसूली देखने को मिली. हालांकि, लंबी अवधि के लिए अभी भी रिलायंस इंडस्ट्रीज में निवेश किया जा सकता है. गौरतलब है कि 23 मार्च को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर ने अपना 52 हफ्तों का निचला स्तर 867 को छुआ था.

एजीएम की हाइलाइट्स

1. रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘जियो प्लेटफॉर्म्स में एक रणनीतिक निवेशक के तौर पर हम गूगल का स्वागत करते हैं. हमने एक पक्का सौदा किया है जिसके तहत जियो प्लेटफॉर्म्स में गूगल 33,737 करोड़ रुपये का निवेश कर के 7.7 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त करेगी.’’

2. अगली कुछ तिमाहियों में रिलायंस रिटेल में वैश्विक साझेदारों और निवेशकों को शामिल करने के संकेत.

3. जियो ने शून्य से प्रारंभ कर पूर्णतया अपना 5जी समाधान डिजाइन और विकसित किया है. यह परीक्षण के लिए तैयार है. अंबानी ने कहा, ‘’अगले साल जितनी जल्दी 5जी स्पेक्ट्रम उपलब्ध होगा उतनी ही जल्दी हम इसका प्रायोगिक परीक्षण शुरू कर देंगे.’’

4. भारत की सबसे पहली क्लाउड-आधारित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप जियोमीट को शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर 50 लाख लोगों ने डाउनलोड कर लिया.

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