scorecardresearch
 

टैक्स प्लानिंग: एक महीना बाकी, कहां निवेश कर बचाएं टैक्स

अगर आप निवेश करके मौजूदा वित्त वर्ष के लिए टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपके पास अब सिर्फ 30 दिन का समय बाकी बचा है.

प्रतीकात्मक फोटो (पिक्साबे) प्रतीकात्मक फोटो (पिक्साबे)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त होने में अब एक माह का समय ही बाकी बचा है
  • आवश्यकता के हिसाब से बीमा खरीदें, टैक्स बचाने के लिए नहीं
  • लंबी अवधि का नजरिया है तो ईएसएसएस फंड में निवेश करके टैक्स बचाया जा सकता है

मौजूदा वित्त वर्ष समाप्त होने में अब एक माह का समय ही बाकी बचा है. यानी अगर आप निवेश करके मौजूदा वित्त वर्ष के लिए टैक्स बचाना चाहते हैं तो आपके पास अब सिर्फ 30 दिन का समय बाकी है. सामान्य तौर पर वित्तीय सलाहकार यह सलाह देते हैं कि टैक्स प्लानिंग वित्त वर्ष के अंत में न करके पूरे साल के दौरान करना उचित रहता है, इससे आप अंत समय की आपाधापी से भी बच पाते हैं, साथ ही निवेश से जुड़े ऐसे निर्णय ले पाते हैं जो आपकी वित्तीय सेहत के लिए बेहतर रहता है. फिलहाल अगर आपने अब तक कोई प्लानिंग नहीं की है तो अंतिम महीने में टैक्स प्लानिंग निम्मलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखकर की जा सकती है.  

निवेश से पहले देखें खर्च 

इनकम टैक्स की धारा 80 सी के अंतर्गत केवल निवेश की नहीं बल्कि कुछ ऐसे खर्चे भी होते हैं जो इसके दायरे में आते हैं. मसलन, बच्चों की स्कूल फीस में ट्यूशन फीस का हिस्सा, होमलोन की किस्त आदि. यदि आपने ऐसा कोई खर्च पूरे साल के दौरान किया है तो नए निवेश से बेहतर है इसका फायदा लें.  

नौकरीपेशा करें पीएफ की कैल्युलेशन 

नौकरीपेशा लोगों की सैलरी में से हर माह एक राशि पीएफ के रूप में कटती है. यह सेक्शन 80 सी के 1.5 लाख रुपए की बचत के दायरे में आता है. कई बार आपके वेतन में से कटने वाला पीएफ ही इस बचत की अधिकांश राशि को समेट लेता है. ऐसे में टैक्स बचाने के लिए किसी निवेश की जरुरत नहीं पड़ती.   

टैक्स बचाने के लिए न खरीदें बीमा पॉलिसी 

टैक्स बचाने के लिए लोग अक्सर जीवन बीमा पॉलिसी खरीद लेते हैं. यह उचित नहीं है. अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा खरीदिए. किसी निवेश के साथ बीमा खरीदने पर न निवेश पर अच्छा रिटर्न ही मिल पाता है और न ही प्रीमियम के हिसाब से बीमे का फायदा. बेहतर है कि आवश्यकता के हिसाब से बीमा खरीदें टैक्स बचाने के लिए नहीं.  

निवेश करना ही है तो 

लंबी अवधि का नजरिया है तो ईएसएसएस फंड में निवेश करके टैक्स बचाया जा सकता है. शेयर बाजार से जुड़े इस निवेश में लंबी अवधि में अच्छे रिटर्न मिल सकते हैं. हालांकि शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर है तो तीन साल (लॉक इन) की अवधि में बड़े रिटर्न की उम्मीद कम है.  

पीपीएफ, पांच साल के लिए बैंक एफडी, सुकन्या समृद्धि योजना आदि कुछ ऐसे विकल्प हैं जहां निवेश करके टैक्स प्लानिंग की जा सकती है. अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह पर निवेश विकल्प को चुनें जो आपकी टैक्स प्लानिंग के साथ वित्तीय सेहत को भी मजबूती दे. 

निवेश से साथ यह भी जरूरी 

स्वास्थ्य बीमा भी निवेश के जितना ही जरूरी है. निवेश के इतर आप अपने और अपने परिवार के लिए स्वास्थ्य बीमा खरीदकर इनकम टैक्स में राहत ले सकते हैं. 

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें