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शेयर बाजार में डूबे 11 लाख करोड़ रुपए, निवेशकों में क्यों भरोसे की कमी?

बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कोविड-19 की दूसरी लहर का खतरा, अमेरिकी चुनाव को लेकर अनिश्चितता और डॉलर में मजबूती भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य कारण थे.

शेयर बाजार में गिरावट (प्रतीकात्मक फोटो) शेयर बाजार में गिरावट (प्रतीकात्मक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुरुवार के सत्र में शेयर बाजार में तीखी गिरावट देखने को मिली
  • बाजार में यह गिरावट का लगातार सांतवा सत्र था
  • इन सत्रों में निवेशकों की 11 लाख करोड़ से ज्यादा की पूंजी डूब गई.

गुरुवार के सत्र में भारतीय शेयर बाजार में तीखी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 1,114 अंकों की गिरावट के साथ 36,553 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी में 326 अंकों की गिरावट देखने को मिली. निफ्टी ने गुरुवार के साथ में 11,000 का अहम स्तर तोड़कर 10,805 के स्तर पर बंद हुआ. बाजार में यह गिरावट का लगातार सांतवा सत्र था. इन सत्रों में निवेशकों की 11 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की पूंजी डूब गई. बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कोविड-19 की दूसरी लहर का खतरा, अमेरिकी चुनाव को लेकर अनिश्चितता और डॉलर में मजबूती भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य कारण थे.

एक्सकॉर्ट सिक्योरिटीज के प्रमुख (रिसर्च) आसिफ इकबाल कहते हैं, "बीते छह महीनों में भारतीय शेयर बाजार में जो तेजी देखने को मिली वह किसी भी तरह फंडामेंटल को सपोर्ट नहीं करती है. यह केवल सस्ती पूंजी के बल पर चुनिंदा शेयरो में खरीदारी कर प्रमुख सूचकांक के चलने की कहानी थी.’’ अर्थव्यस्था से जुड़े हर माह आने वाले आंकड़े बताते हैं कि मंदी गहरी है. औद्योगिक उत्पादन में गिरावट और बढ़ती बेरोजगारी यह संकेत देती है कि मांग को कोविड 19 से पहले के स्तर पर पहुंचने में अभी वक्त लगेगा. ऐसे में तेजी के बाद मुनाफावसूली स्वाभाविक है.  

आसिफ कहते हैं, "बाजार में बीते एक हफ्ते में निवेशकों के बीच जो भरोसे में कमी आई है उसकी मुख्य वजह अमेरिकी चुनाव से पहले वैश्विक बाजार में मुनाफावसूली और फिनसेन पेपर में भारत समेत दुनियाभर के बैंकों का संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त होने का शक है.’’ बाजार में मोटे तौर स्थायी वापसी तभी होगी जब अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छे और मजबूत आंकड़े सामने आएंगे. 

चार्ट्स पर बाजार की चाल को पकड़ने वाले बाजार विशेषज्ञ राजेश शर्मा कहते हैं, "10,800 का स्तर निफ्टी के लिहाज से अहम है. बीते छह दिनों की गिरावट के बाद निफ्टी को सपोर्ट यहीं पर मिला है. यह स्तर अगर वाल्यूम्स के साथ टूटता है तो 10,550-10,600 के स्तर देखने को मिल सकते हैं.’’  

गुरुवार के सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से 1,800 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली की गई. यह बिकवाली आगे भी जारी रहने की आशंका है. राजेश मानते हैं, "जनवरी तक बाजार में हर तेजी में बिकवाली करना फायदेमंद होगा.’’

एक्सपायरी के दिन बाजार का हाल  

  • निफ्टी में शुमार 50 में से 49 शेयरों में गिरावट, केवल एचयूएल बढ़त के साथ बंद हुआ. 
  • बैंक निफ्टी 721 अंकों की गिरावट के साथ 20,456 के स्तर पर. बैंक ऩिफ्टी में 20,000 का स्तर टूटने के बाद तेज गिरावट का खतरा.  
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 1,414 शेयर गिरावट के साथ 213 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए. 
  • मिडकैप इंडेक्स 2.51 फीसद गिरावट के साथ बंद.

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