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डॉलर के मुकाबले मजबूत होता रुपया, ये हैं बड़े कारण

बीते 15 दिनों में रुपया 2 फीसद से ज्यादा मजबूत हो गया. बाजार विशेषज्ञ रुपए में और मजबूती का अनुमान लगा रहे हैं. लेकिन अगर कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता है तो अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे की बढ़त के साथ 74.52 के स्तर पर खुला लेकिन बंद 2 पैसे गिरकर 74.68 के स्तर पर हुआ. यह अप्रैल के चौथे हफ्ते की बात है जब एक डॉलर की कीमत 77 रुपए के करीब तक पहुंच गई थी. लेकिन 19 जून के बाद से रुपया मजबूत होना शुरू हुआ और बीते 15 दिनों में रुपया 2 फीसद से ज्यादा मजबूत हो गया. बाजार विशेषज्ञ रुपए में और मजबूती का अनुमान लगा रहे हैं.

और मजबूत होगा रुपया

केडिया कमोडिटी के प्रबंध निदेशक अजय केडिया कहते हैं, ‘’रुपए में तेजी अभी जारी रहने का अऩुमान है. एक डॉलर की कीमत अगले तीन से चार हफ्तों में 73.80 के स्तर तक जा सकती हैं.’’ हालांकि वे इस उम्मीद के साथ यह आशंका जरूर जताते हैं कि अगर कोरोना का संक्रमण आने वाले दिनों में और तेजी से बढ़ता है तो निश्चित तौर पर इसका अर्थव्यवस्था पर गहरा नकारात्मक असर होगा. यह रुपए की तेजी पर ब्रेक लगा सकता है.

रिलायंस सिक्युरिटीज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘एशियाई बाजारों से मजबूती के संकेत हैं. आने वाले दिनों में कच्चे तेल के दाम स्थिर रहने, शेयर बाजारों में तेजी रहने और रिजर्व बैंक के डॉलर की खरीदारी से दूर रहने से घरेलू मुद्रा में और मजबूती आ सकती है.’’

क्या हैं रुपए में तेजी के बड़े कारण?

1. भारतीय कंपनी भारत बायोटेक की ओर से कोरोना की वैक्सीन के जल्द ह्यूमन ट्रायल की बात को केडिया रुपए की मजबूती से जोड़ते हैं. उनका मानना है कि अगर ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर यह अर्थव्यवस्था और देश की मुद्रा दोनों के लिए बेहतर संकेत है.

2. रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म में फेसबुक समेत आधा दर्जन कंपनियों ने हिस्सेदारी खरीदी है. जियो प्लेटफॉर्म में बिकवाली करके मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 92,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम जुटाई. इससे देश में डॉलर का इनफ्लो बढ़ा है. डॉलर का इनफ्लो रुपए में मजबूती का कारण है.

3. लॉकडाउन के दौरान देश का आयात बिल घटा है. यह रुपए में मजबूती का एक और बड़ा कारण है. इस साल तेल का आयात 8.9 फीसद घटने का अनुमान है. इसके अलावा जून में सोने का आयात भी पिछले साल की तुलना में 86% घटकर 11 टन रहा.

4. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 500 अरब डॉलर से ज्यादा होकर ऐतिहासिक स्तर पर है. विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर पर होना रुपए को मजबूती दे रहा है.

5. इसके अलावा कई देसी और विदेशी एजेंसियां कोविड के असर से उबरने के मामले में दुनिया की अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत को बेहतर स्थिति में मान रही हैं. केडिया रुपए में आगे भी मजबूती के लिए इसको एक बड़ा कारण बताते हैं.

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