scorecardresearch
 

सोने की कीमतों में जारी रहेगी तेजी, 62,000 रुपए तक के भाव संभव

बाजार विशेषज्ञ मौजूदा स्तर पर सोने की कीमतों में सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि अगस्त में एक मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. हालांकि मध्यम अवधि में यह तेजी जारी रहने की पूरी संभावना है.

एक दुकान में ग्राहक को आभूषण दिखाती सेल्सवुमेन (फाइल फोटोः रॉयटर्स) एक दुकान में ग्राहक को आभूषण दिखाती सेल्सवुमेन (फाइल फोटोः रॉयटर्स)

सोने की कीमतों में तेजी लगातार जारी है. वायदा बाजार में सोना आज लगातार 14वें सत्र में बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. गुरुवार (6 अगस्त) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना करीब 11 बजे 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 55,510 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर काम कर रहा है. ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर काम कर रही हैं. कॉमैक्स पर सोने की कीमतें 2,050 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही हैं. बाजार विशेषज्ञ मौजूदा स्तर पर सोने की कीमतों में सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं क्योंकि अगस्त में एक मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. हालांकि मध्यम अवधि में यह तेजी जारी रहने की पूरी संभावना है.

क्या है तेजी का कारण?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एक्सपर्ट किशोर नारने कहते हैं, "सोने की कीमतों में तेजी का कारण दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की ओर से उदार मौद्रिक नीति, व्यापार युद्ध की चिंता और कोरोना वायरस के चलते प्रभावित हुईं वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं हैं." सोना और चांदी इस साल अब तक सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली संपत्ति बनकर उभरी हैं. इनमें इस साल क्रमश: 40 प्रतिशत 50 प्रतिशत रिटर्न दिया है

केडिया कमोडिटी के प्रबंध निदेशक अजय केडिया कहते हैं, ‘’सोने की कीमतों में तेजी भाव को इस साल 60,000 से 62,000 के स्तर तक ले जा सकती है.’’ ऐसी कई अवधारणाएं हैं जो सोने की कीमतों को ऊपर की तरफ ले जाने में सहारा दे रही हैं. मसलन, कोरोना के प्रकोप से उबारने के लिए दुनियाभर के केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रवाह कर रहे. यह अर्थव्यवस्था में कमजोरी के संकेत हैं, जो मुद्रा को भी कमजोर करेगा. ऐसे में सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने की की मांग बढ़ेगी.

इसके अलावा शेयर बाजार में उथल पुथल भी सोने के प्रति निवेशकों के रुझान को बढ़ाती है. केडिया इस रोचक तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहते हैं, ‘’2007, 2012 और 2019 ये ऐसे वर्ष थे जब सोने और शेयर बाजार दोनों में तेजी देखने को मिल रही थी. इसके बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट आई और सोना ऊपरी स्तर पर टिका रहा.’’ उनका इशारा यह भी था कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल सकती है जो सोने में निवेश के प्रति लोगों को आकर्षित करेगी.

बैंक ऑफ अमेरिका ने अगले 18 महीनों के लिए सोने का लक्ष्य 3,000 डॉलर प्रति औंस कर दिया है, जो पहले 2,000 डॉलर प्रति औंस का था. बैंक ऑफ अमेरिका के विशेषज्ञों के मुताबिक, अर्थव्यवस्था में संकट, केंद्रीय बैंकों की ओर से उदार मौद्रिक पॉलिसी और बचतों का टूटना ये तीन ऐसे मुख्य कारण हैं जो सोने की कीमतों को बल दे रहे हैं.

सोने की मांग घटी

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) के मुताबिक, भारत में अप्रैल-जून की तिमाही में सोने की मांग 70 प्रतिशत घटकर 63.7 टन रह गई. डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 की वजह से देश में लागू लॉकडाउन के चलते सोने की मांग में गिरावट आई है. 2019 की दूसरी तिमाही में भारत में सोने की मांग 213.2 टन रही थी. रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी तिमाही में आभूषणों की मांग 74 प्रतिशत घटकर 168.6 टन से 44 टन पर आ गई. मूल्य के हिसाब से आभूषणों की मांग 63 प्रतिशत घटकर 18,350 करोड़ रुपए रह गई, जो 2019 की समान अवधि में 49,380 करोड़ रुपए थी.

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें