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विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार में रिकॉर्ड निवेश

मौजूदा वित्त वर्ष में 10 मार्च तक विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से 36 अरब डॉलर का निवेश किया जा चुका है.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • विदेशी निवेशक इक्विटी में खरीदार रहे हैं, जबकि डेट मार्केट में उनकी ओर से बिकवाली की गई है
  • चालू वित्त वर्ष में 10 मार्च तक एफपीआई ने शेयरों में शुद्ध रूप से 36 अरब डॉलर डाले हैं
  • जनवरी के अंत तक देश में एफडीआइ 44 अरब डॉलर पर पहुंच गया है

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) ने चालू वित्त वर्ष के दौरान भारतीय शेयर बाजार में रिकॉर्ड निवेश किया है. मौजूदा वित्त वर्ष में 10 मार्च तक एफपीआई की ओर से 36 अरब डॉलर का निवेश किया जा चुका है. भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के हिसाब से यह वित्त वर्ष 2012-13 के बाद शेयरों में सबसे ऊंचा निवेश है.

केंद्रीय बैंक के बुलेटिन के मुताबिक, विदेशी निवेशक इक्विटी में खरीदार रहे हैं, जबकि डेट मार्केट में उनकी ओर से बिकवाली की गई है. कुल मिलाकर चालू वित्त वर्ष में 10 मार्च तक एफपीआई ने शेयरों में शुद्ध रूप से 36 अरब डॉलर डाले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक एफपीआई निवेश की गुणवत्ता में भी सुधार आया है. फरवरी के अंत तक श्रेणी-एक के विदेशी निवेशकों मसलन केंद्रीय बैंक, सॉवरेन फंड, पेंशन फंड, नियमन वाली इकाइयां, बहुपक्षीय संगठनों का कुल इक्विटी परिसंपत्तियों में हिस्सा बढ़कर 95 प्रतिशत के उच्चस्तर पर पहुंच गया. दिसंबर, 2019 के अंत तक यह 87 प्रतिशत पर था.

मार्च में 8,642 करोड़ रुपए का निवेश 

एफपीआई ने मार्च में अबतक भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 8,642 करोड़ रुपए का निवेश किया है. डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एक से 19 मार्च के दौरान एफपीआई ने शेयरों में 14,202 करोड़ रुपए डाले, जबकि उन्होंने ऋण या बांड बाजार से 5,560 करोड़ रुपए की निकासी की. इस तरह उनका शुद्ध निवेश 8,642 करोड़ रुपए रहा. इससे पहले फरवरी में एफपीआई ने भारतीय बाजारों में 23,663 करोड़ रुपए और जनवरी में 14,649 करोड़ रुपए डाले थे.  

एफडीआई में भी उछाल 

शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) भी बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. जनवरी के अंत तक देश में एफडीआइ 44 अरब डॉलर पर पहुंच गया है. एक साल पहले यह 36.3 अरब डॉलर पर था. नवंबर और दिसंबर में अच्छे प्रवाह से एफडीआई बढ़ा है. दिसंबर में एफडीआई रिकॉर्ड 6.3 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंचा था.

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