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लॉकडाउन में ढील के बाद भी घर से नहीं निकल रहे लोग

लॉकडाउन में ढील के बाद भी घर से नहीं निकल रहे लोगलॉकडाउन में शर्तों के साथ राहत तो मिली लेकिन न तो ग्राहकों में पहले जैसा उत्साह है और न ही व्यापारिक गतिविधियां ही पहले की तरह सुचारू हो पाईं हैं.

फोटोः इंडिया टुडे फोटोः इंडिया टुडे

लॉकडाउन में शर्तों के साथ राहत तो मिली लेकिन न तो ग्राहकों में पहले जैसा उत्साह है और न ही व्यापारिक गतिविधियां ही पहले की तरह सुचारू हो पाईं हैं. रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआइ) की ओर से किए गए एक ताजा सर्वेक्षण के मुताबिक जून के पहले 15 दिनों में मॉल्स के अंदर की दुकानों के कारोबार में पिछले साल की तुलना में 77 फीसदी की गिरावट है. जबकि बाजारों की दुकानों का कारोबार 61 फीसदी तक गिर गया है. आरएआइ के सर्वेक्षण में छोटी-बड़ी 100 से अधिक खुदरा दुकानदारों की राय शामिल की गई है.

कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण को थामने ने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. जिसके चलते पूरे देश में तमाम व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं. जून के पहले हफ्ते से लॉकडाउन में कुछ रियायतें दी गईं लेकिन इन रियायतों के बाद भी बाजार में रौनक पहले की तरह नहीं लौटी. इसकी एक बड़ी रियायतों का पूरे देश में प्रभावी न होना है. राज्य के मुख्यमंत्री या जिले के डीएम को यह अधिकार है कि वे स्थिति को देखते हुए रियायतों को घटा या बढ़ा सकते हैं.

ग्राहकों में नहीं पहले जैसा उत्साह

आरएआइ ने अपने बयान में कहा है कि ‘उपभोक्ताओं का उत्साह अब भी गिरा हुआ है. हाल के सर्वे के मुताबिक देश में हर पांच में से चार उपभोक्ता मानते हैं कि पाबंदियां हटने के बाद भी उसके उपभोग खर्च में पहले की तुलना में कम होंगे.

कहां कितना असर

सर्वे के मुताबिक रेस्त्रां की बिक्री 70 प्रतिशत तक गिर गयी है. कपड़े और परिधान की खुदरा बिक्री 69 प्रतिशत और घड़ी और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं का कारोबार 65 प्रतिशत की कमी आई है. संगठन का कहना है कि बाजार धीरे-धीरे खुलने जरूर लगे हैं. केंद्र सरकार ने अर्थव्यस्था को पुन: चालू करने के लिए पाबंदी हटाने का अच्छा फैसला किया है पर राज्यों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी. उन्हें यह देखना होगा कि सभी प्रकार की खुदरा दुकानें नियमित रूप से चल सकें.

आरएआई के मुख्य कार्यपालक कुमार राजगोपालन कहते हैं, ‘’हम अर्थव्यवस्था को फिर चालू करने की केंद्र की मंशा और इसके लिए प्रथम चरण के विस्तृत दिशानिर्देशों की सराहना करते हैं. इस मामले में यह महत्वपूर्ण है कि राज्य अपनी जिम्मेदारी लें और यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार की खुदरा दुकानें नियमित रूप से चल सकें.’

खुलके भी नहीं खुले

इंदिरापुरम में जयपुरिया मॉल में स्थित ब्रांड फैक्ट्री लॉकडाउन में मिली रियायतों के बाद खुलने जरूर लगा लेकिन ग्राहक नदारद हैं. ग्राहक न के बराबर हैं इसलिए नतो मॉल में एसी चल रहे और न ही सारे सेक्शन सुचारू रूप से चलाए जा रहे. स्टाफ भी पहले की तुलना में एक तिहाई नजर आया. इक्का दुक्का ग्राहक भी वहां जाकर नए कायदे कानून के कारण कुछ नहीं खरीद पाए. मसलन, ट्रायल रूम चालू नहीं है. एक बार बिका माल वापस नहीं होगा. यह हाल केवल एक मॉल का नहीं बल्कि 7 किलोमीटर की दायरे में फैले 4 अन्य मॉल्स का भी कमोवेश यही हाल है.

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