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कोरोना के साए में बढ़ती सोने की चमक

इस साल एक जनवरी को अगर आपने सोने में निवेश किया होता तो मात्र छह माह में आपको 25 फीसद रिटर्न मिल चुका होता.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

इस साल एक जनवरी को अगर आपने सोने में निवेश किया होता तो मात्र छह माह में आपको 25 फीसद रिटर्न मिल चुका होता. एक जनवरी को सोने का भाव 39,800 रुपए प्रति 10 ग्राम था. दिल्ली हाजिर बाजार में गुरुवार को सोने के भाव कुछ समय के लिए 50,000 के स्तर तक पहुंच गए थे हालांकि इसके बाद मुनाफावसूली के चलते कीमतों में नरमी देखने को मिली. वायदा बाजार में सोने के भाव भी जल्द 50,000 का स्तर छू सकते हैं. शुक्रवार को (शाम पांच बजे) वायदा बाजार में सोना 48,000 रुपए के स्तर पर कारोबार कर रहा है.

क्यों है कीमतों में तेजी?

केडिया कमोडिटी के प्रमुख अजय केडिया कहते हैं, ‘’सोने की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह कोविड-19 की दूसरी लहर की आशंका है.’’ कोरोना के कारण पूरी दुनिया में व्यापारिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं. अर्थव्यवस्था में संकट के दौर में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग में इजाफा हुआ और सोने ने बीते छह महीने में जबरदस्त रिटर्न दिए.

आगे क्या उम्मीद?

केडिया मानते हैं 50,000 का स्तर सोने के लिहाज से एक अहम मनोवैज्ञानिक स्तर है. यहां एक मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है. हालांकि गिरावट बहुत तीखी होगी इसकी गुंजाइश कम है. क्योंकि दुनियाभर के केंद्रीय बैंक अभी भी सोने में खरीदारी कर रहे हैं. साथ ही सोने की बढ़ती चमक गोल्ड ईटीएफ के प्रति निवेशकों का रुझान बढ़ा रही है. मई महीने में गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने 815 करोड़ रुपए का निवेश किया है. वित्त वर्ष 2019-20 में 14 गोल्ड आधारित ईटीएफ स्कीमों में कुल 1,613 करोड़ रुपए का निवेश आया, जबकि इससे पहले लगातार छह वर्षों तक निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ से पैसा निकाला था. यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि सोने में निवेश मांग वापस लौटी है.

बैंक ऑफ अमेरिका की हाल में जारी रिपोर्ट ‘फेड कैन नॉट प्रिंट गोल्ड’ में विश्लेषकों ने यह अनुमान जताया है कि सोने के भाव अगले 18 महीनों में 3,000 डॉलर का स्तर छू सकते हैं. वैश्विक बाजार में अभी भाव 1,800 डॉलर प्रति औंस के करीब हैं. यानी मौजूदा भाव से 70 फीसद की तेजी. साल 2020 में औसत भाव 1,695 डॉलर प्रति औंस और 2021 में 2,063 डॉलर प्रति औंस रहने का अनुमान है.

हाजिर बाजार के व्यापारी भी सोने में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे हैं. मॉनसून अच्छा रहने पर सोने की मांग अच्छी रहने की उम्मीद बढ़ जाती है. क्योंकि सोने की 60 फीसद मांग गांव से आती है. ऐसे में अगर घरेलू मांग निकली तो इस साल सोने के भाव 55,000 तक पहुंचने के समीकरण भी व्यापारी बनते देख रहे हैं.

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