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येलेन के बयान से डरा अमेरिकी बाजार, भारतीय बाजार को भी खतरा

बीते तीन सत्रों से जारी भारतीय शेयर बाजार की गिरावट और गहरा सकती है. मंगलवार को अमेरिका की ट्रेजरी सेक्रटरी जेनेट येलेन की ओर दिया गया बयान इसकी वजह बन सकता है.

अमेरिका की ट्रेजरी सेक्रटरी जेनेट येलेन अमेरिका की ट्रेजरी सेक्रटरी जेनेट येलेन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए फेडरल रिजर्व की ओर से डॉलर छापकर भारी भरकम राहत पैकेज दिए जा रहे हैं
  • येलेन के बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली.
  • भारतीय शेयर बाजार में बीते तीन सत्रों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है

बीते तीन सत्रों से जारी भारतीय शेयर बाजार की गिरावट और गहरा सकती है. मंगलवार को अमेरिका की ट्रेजरी सेक्रटरी जेनेट येलेन की ओर दिया गया बयान इसकी वजह बन सकता है. एक सेमिनार में येलेन ने यह संकेत दिए कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं. येलेन कहती हैं, ‘’अर्थव्यवस्था में जरूरत से ज्यादा नकदी का प्रवाह न हो जाए यह सुनिश्चित करने के लिए ब्याज दरों को एक स्थिति के बाद बढ़ाना पड़ सकता है.’’ गौरतलब है अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए फेडरल रिजर्व की ओर से डॉलर छापकर भारी भरकम राहत पैकेज दिए जा रहे हैं. 

येलेन के इस बयान के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली. भारतीय समय के अनुसार रात करीब 12 बजे अमेरिकी सूचकांक नैस्डेक 2.31 फीसद की गिरावट के साथ 13,573 के स्तर पर, एसऐंडपी 500 एक फीसद की गिरावट के साथ 4,151 के स्तर पर और डाओ जोंस 0.22 फीसद की गिरावट के साथ 34,037 के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं.  

भारत पर क्या होगा असर? 

ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू होने का सीधा मतलब है कि कर्ज महंगा होगा. एस्कॉर्ट सिक्योरिटीज के हेड (रिसर्च) आसिफ इकबाल कहते हैं, ‘’सस्ते डॉलर का वह हिस्सा जो भारतीय बाजार में निवेश है, निश्चित तौर पर विदेशी निवेशकों की ओर से निकाला जाएगा और यही बाजार में गिरावट का कारण बनेगा.’’ गौरतलब है कि भारतीय शेयर बाजार में बीते तीन सत्रों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है.  

मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में सेसेक्स 465 अंक लुढ़क कर बंद हुआ. कोविड-19 की गंभीर स्थिति तथा विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट का बड़ा कारण बने. 

एलकेपी सिक्योरिटीज के हेड (रिसर्च) एस रंगनाथन के मुताबिक, ‘‘कई अच्छी मझोली कंपनियों के तिमाही परिणाम अच्छे नहीं रहने की वजह से शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली. इसके अलावा राज्यों के स्तर पर लॉकडाउन लगाये जाने से बाजार में चिंता दिखी और दोपहर के कारोबार में मेटल और फार्मा कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली की गयी.’’

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