scorecardresearch
 

बिहार चुनाव में 66 प्रतिशत रहा योगी का स्ट्राइक रेट

बिहार चुनाव के दौरान योगी ने तीन चरणों में कुल 19 सभाएं की, जिनके प्रभाव में 17 जिलों के 75 से अधिक विधानसभा क्षेत्र आए. इनमें से 50 सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भाजपा के स्टार प्रचारकों में योगी आदित्यनाथ शामिल थे
  • योगी आदित्यनाथ ने बिहार में कुल 19 सभाएं कीं
  • योगी ने राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाने को बड़ा मुद्दा बनाया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जब बिहार के विधानसभा चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कि तो उसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ को भी प्रमुखता से जगह मिली. देश में भाजपा शासित राज्यों में केवल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भाजपा ने बिहार में चुनाव प्रचार के लिए उतारा था. यह वह समय था जब यूपी में भी सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा हो चुकी थी और इन चुनावों में योगी आदित्यनाथ की सीधे तौर पर प्रतिष्ठा जुड़ी हुई थी. इसके बावजूद उन्होंने बिहार में एनडीए उम्मीदवारों की जबरदस्त मांग के कारण चुनावी सभाएं करने की जिम्मेदारी संभाली. योगी ने बिहार चुनाव के दौरान वहां ताबड़तोड़ 19 रैलियां कीं.

योगी आदित्यनाथ ने बिहार में अपनी चुनावी रैली की शुरुआत 20 अक्तूबर को कैमूर की रामगढ़ विधानसभा सीट से की. रामगढ़ रैली में योगी ने यूपी और बिहार के रिश्ते पर जोर देकर यहां चुनाव प्रचार करने की रणनीति को तार्किक रूप देने की कोशि‍श की. रैली की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम और सीता से की. अपने भाषण में योगी ने कहा था, “मैं भगवान राम की जन्मभूमि से आया हूं. बिहार और यूपी का संबंध चोली दामन का है. त्रेता युग में रामगढ़ को महर्षि विश्वामित्र ने अपनी तपस्थली के लिए चुना था.” अयोध्या में साकेत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. वी. एन. दास बताते हैं, “अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद बि‍हार में विधानसभा चुनाव हो रहे थे. योगी ने अपने भाषणों में सीधे तौर पर अयोध्या का नाम नहीं लिया लेकिन खुद को भगवान राम की जन्मभूमि से जुड़ा हुआ बताकर अयोध्या मुद्दे को जनता के बीच प्रभावी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. योगी के इसी ‘’कनेक्ट’ के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद योगी आदित्यनाथ बिहार में एनडीए उम्मीवारों के बीच सबसे ज्यादा डिमांड वाले नेता थे.” मुख्यमंत्री योगी ने 'जंगलराज' और भ्रष्टाचार को लेकर आरजेडी तथा कांग्रेस पर हमला बोला. योगी ने अपने भाषणों में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने को बड़ा मुद्दा बनाया था.

योगी ने 20 और 21 अक्तूबर को कैमूर के रामगढ़, अरवल, रोहतास की काराकाट, जमुई , भोजपुर की तरारी और पटना के पालीगंज में जनसभाएं कर विपक्ष को बैक फुट पर धकेल दिया था. यहां सभी जगह एनडीए के उम्मीदवार जीते हैं. इसके बाद योगी ने 28 अक्तूबर से बिहार में अपने चुनाव प्रचार के दूसरे चरण की शुरुआत सीवान की गोरियाकोठी विधानसभा सीट से की. सीएम योगी ने सिवान के बाहुबली शहाबुद्दीन पर जोरदार प्रहार किया. मुख्यमंत्री योगी ने यूपी में माफि‍या मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की अवैध संपत्त‍ियों पर बुलडोजर के जरिए ढहाए जाने की कार्रवाई का भी बिहार के चुनाव प्रचार के दौरान प्रमुखता से जिक्र किया. सिवान में रैली करते हुए योगी ने कहा था, “यहां का भी एक दुर्दांत अपराधी जेल के अंदर सड़ रहा है जिसे संरक्षण देने का काम कांग्रेस और आरजेडी ने किया था. अगर बिहार में एनडीए की सरकार नहीं होती और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं होते तो यहां का माफिया जेल के अंदर सड़ नहीं रहा होता बल्कि यहां की एक पीढ़ी को खराब कर रहा होता. हमने तो यूपी में ऐसे अपराधि‍यों की अवैध संपत्त‍ियों पर ही बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया है.”

बिहार में 28 और 29 अक्तूबर को योगी की सीवान के गोरियाकोठी, पूर्वी चंपारण के गोविंदगंज, पश्चिमी चंपारण के चनपटिया, सीवार के दरौंदा, वैशाली के लालगंज, मधुबनी के झंझारपुर की जनसभाओं में जुटी भारी भीड़ ने एनडीए के उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल तैयार कर दिया था. अपने चुनावी अभि‍यान के तीसरे चरण में योगी ने 2 नवंबर को पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकि नगर, रक्सौल, सीतामढ़ी में रैली की तो 4 नवंबर को कटिहार, मधुबनी की बिस्फी, दरभंगा की केवती और सहरसा की सिमरी बख्तियारपुर विधान सभा सीटों पर जनसभाएं की. सीवान के स्वतंत्र पत्रकार अभय कुमार कहते हैं, “यूपी के मुख्यमंत्री बिहार के चुनाव प्रचार के दौरान अपनी रैलियों में बेहद आक्रामक रहे. खासकर यूपी में अपराधि‍यों के खि‍लाफ हो रही कार्रवाई की बात कहकर योगी ने जनता को बिहार में आरजेडी सरकार के दौरान खराब कानून-व्यवस्था की स्थ‍िति की याद भी दिलाई. अपने भाषणों में घुसपैठियों को बाहर खदेड़ने और धार्मिक फतवों के खिलाफ करारा प्रहार कर योगी ने खास तौर से हिंदू युवाओं को एनडीए के साथ लामबंद करने का काम किया. जिसका असर नतीजों में दिखा है.” बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान योगी आदित्यनाथ ने तीन चरणों में कुल 19 सभाएं की. जिनके प्रभाव में बिहार के 17 जिलों के 75 से अधिक विधान सभा क्षेत्र आए. इनमें से 50 सीटों पर एनडीए उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की. इस प्रकार योगी का स्ट्राइक रेट 66 प्रतिशत का रहा.

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें