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यूपी बजट: छात्रों को टैबलेट, महिलाओं को सामर्थ्य, किसानों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा

योगी सरकार ने पेश किया 5.50 लाख करोड़ रुपये का "पेपर लेस" बजट. यूपी के पिछले बजट के मुकाबले इस बार का बजट 37,410.06 करोड़ रुपये अधिक.

यूपी विधानसभा में बजट पेश करने जाते वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के साथ मुख्यमंत्री योगी यूपी विधानसभा में बजट पेश करने जाते वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के साथ मुख्यमंत्री योगी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बजट में 27,598.40 करोड़ रुपये की नई योजनाएं सम्मिलित
  • किसानों की आय को दोगुना करने के लिए आत्मनिर्भर कृषक कल्याण योजना संचालित होगी
  • मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत पात्र छात्र-छात्राओं को टैबलेट मुहैया कराएं जाएंगे

यूपी की योगी सरकार ने सोमवार, 22 फरवरी को वित्तीय वर्ष 20201-22 के लिए अब तक का सबसे बड़ा 5,50,270.78  करोड़ रुपये का बजट पेश किया. पिछला बजट 5,12,860.72 करोड़ रुपये का था. इस प्रकार पिछले बजट के मुकाबले इस बार का बजट 37,410.06 करोड़ अधिक है. राज्य के इस पहले पेपरलेस बजट में 27,598.40 करोड़ रुपये की नई योजनाओं को सम्मिलित करते हुए योगी सरकार ने सूबे की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर का आकार देने की दिशा में कदम बढ़ाया है. इस बार के बजट में सरकार ने हर वर्ग की दिक्कतों का संज्ञान लेते हुए उन्हें दूर करने का प्रयास किया है. महिला शक्ति केन्द्रों की स्थापना के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान करना, युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में पात्र छात्रों को टैबलेट मुहैया करना और श्रमिकों के लिए रोजगार योजना की शुरुआत की गई है.   

राज्य की अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने जहां बुनियादी ढांचे के विकास और सूबे में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर फोकस किया है, वहीं रोजगार के मोर्चे पर भी अपना ध्यान लगाया गया है. शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, कृषि, सिंचाई, औद्योगिक विकास, पर्यटन, क्षेत्रीय विकास तथा अवस्थापना सहित राज्य के हर सेक्टर के लिए बजट का प्रावधान किया है. राज्य में कोविड -19 की रोकथाम के लिए टीकाकरण योजना के लिए भी सरकार 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है. वहीं सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को और परिष्कृत कर लागू किये जाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत 1,200 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में की गई है.

वित्तीय वर्ष 2021- 2022 से महिला सामर्थ्य योजना के नाम से नई योजना शुरु करने का फैसला लिया गया है. इस योजना के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है. महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या के निदान के लिए मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना के लिए 100 करोड़ रूपये का प्रावधान बजट में किया गया है.     

खेती किसानी के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जारी रखते हुए सरकार ने इस बजट में किसानों की आय को दोगुना करने के संकल्प के तहत इस बजट में आत्मनिर्भर कृषक कल्याण योजना संचालित करने का फैसला लिया है. इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी बजट में की गई है. इसी प्रकार मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 600 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था बजट में की गई है. किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा के लिए 700 करोड़ रुपये की बजट में प्रावधान किया गया है. रियायती दरों पर किसानों को फसली ऋण उपलब्ध कराए जाने हेतु अनुदान के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी बजट में की गई है.

राज्य में किसानों, महिलाओं के उत्थान और युवाओं के लिए सरकार ने दिल खोल कर खर्च करने का फैसला लिया है. इसके तहत ही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत पात्र छात्र -छात्राओं को टैबलेट मुहैया कराये जायेंगे. संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत निर्धन छात्रों को गुरुकुल पद्धति के अनुरूप निशुल्क छात्रावास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है. राज्य के 12 अन्य जिलों में मॉडल करियर सेंटर स्थापित करने की योजना को भी बजट में मंजूरी दी गई है. युवा खेल विकास एवं प्रोत्साहन के लिए 8.55 करोड़ की योजना प्रस्तावित की गई है. ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपेन जिम के निर्माण के लिए 25 करोड़ रूपये तथा मेरठ में नये स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 20 करोड़ रूपये का प्रस्ताव बजट में किया गया है. जिलों में अधिवक्ता चैंबर का निर्माण कराने के लिए 20 करोड़ रुपये और युवा अधिवक्ताओं के लिए पुस्तक एवं पत्रिका आदि के क्रय के लिए 10 करोड़ का प्राविधान बजट में किया गया है. युवा अधिवक्ताओं को आर्थिक सहायता देने के लिए बजट में कार्पस फंड के लिए 5 करोड़ रूपये मुहैया कराये गए हैं.
 

योगी सरकार के पांचवें बजट की ख़ास बातें
- आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के लिए 100 करोड़ रुपये 
-मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए 600 करोड़ रुपये 
-किसानों को फसली ऋण मुहैया कराने के लिए 400 करोड़ रुपये 
- कन्‍या सुमंगल योजना के ल‍िए 1,200 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना के लिए 100 करोड़ रुपये  
-राष्ट्रीय पोषण अभियान के लिए 415 करोड़ रुपये  
- मह‍िला शक्‍त‍ि केंद्रों के ल‍िए 32 करोड़ रुपये 
- गांव में स्‍टेड‍ियम और ओपन जिम के ल‍िए 25 करोड़ रुपये  
- अधिवक्ता चैंबर निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये  
- मुख्यमंत्री प्रवासी श्रमिक उद्यमिता विकास योजना के लिए 100 करोड़ रुपये 
-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 100 करोड़ रुपये
-अटल आवासीय विद्यालय के लिए 270 करोड़ रुपये
-कोविड -19 की रोकथाम के टीकाकरण के लिए 50 करोड़ रुपये
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 5,395 करोड़ रुपये  
- आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये  
-आयुष्मान भारत -मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए 142 करोड़ रुपये
-प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना के लिए 320 करोड़ रुपये
-डायग्नोसिस्टक बुनियादी ढ़ांचासृजित करने के लिए 1,073 करोड़ रुपये  
-शहरी स्वास्थ्य एवं आरोग्य केन्द्रों के लिए 425 करोड़ रुपये
- संस्‍कृत स्‍कूलों में फ्री छात्रावास की सुव‍ि‍धा 
- राज्य में 13 नये मेडिकल कालेजों की स्थापना के लिए 1,950 करोड़ रुपये 
- मा. अटल बिहारी बाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय  की स्थापना के लिए 100 करोड़ रुपये
- जल जीवन मिशन (ग्रामीण) योजना के पेयजल कनेक्शन के लिए 15,000 करोड़ रुपये 
- मुख्यमंत्री आरओ पेयजल योजना के लिए 22 करोड़ रुपये
- शौचालयों के निर्माण के लिए 2,031 करोड़ रुपये 
- स्वच्छ भारत मिशन के लिए 1,400 करोड़ रुपये 
- नगरीय सीवरेज एवं जल निकासी की व्यवस्था के लिए 175 करोड़ रुपये
- पूर्वांचल एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए 1,107 करोड़ रुपये 
- बुन्देलखंड एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए 1,492 करोड़ रुपये
- गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे परियोजना के लिए 860 करोड़ रुपये  
- गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना में भूमिग्रहण के लिए 7,200 करोड़ रुपये 
- गंगा एक्सप्रेस वे परियोजना में निर्माण के लिए 489 करोड़ रुपये
-सड़कों और सेतु निर्माण के लिए 12,441 करोड़ रुपये
-सडकों और सेतुओं के अनुरक्षण के लिए 4,135 करोड़ रुपये
-गांवों को पक्के सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए 695 करोड़ रुपये
-प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये
-पूर्वांचल की विशेष योजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये 
-बुंदेलखंड क्षेत्र की विशेष योजनाओं के लिए करोड़ रुपये  
- बीमा के ल‍िए 600 करोड़ की व्‍यवस्‍था 
- प्रदेश की नहरों के ल‍िए 700 करोड़ रुपये 
- ड‍िज‍िटल स्‍वास्‍थ्‍य म‍िशन के ल‍िए 32 करोड़ रुपये 
- च‍ित्रकूट में पर्यटन के ल‍िए 20 करोड़ रुपये 
- वाराणसी में पर्यटन के ल‍िए 100 करोड़ रुपये 
-प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए 10,029 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 7,000 करोड़ रुपये 
- त्वरित आर्थिक विकास के लिए 2,500 करोड़ रुपये 
- मुख्यमंत्री समग्र संपदा विकास योजना के लिए 1,100 करोड़ रुपये 
- मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण के लिए 369 करोड़ रुपये
-राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना के लिए 653 करोड़ रुपये     
-मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये
-विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए 30 करोड़ रुपये 
-एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के लिए 250 करोड़ रुपये
-मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के लिए 3,406 करोड़ रुपये
- समग्र शिक्षा अभियान के लिए 18,172 करोड़ रुपये 
-बच्चों के यूनिफार्म, जूता-मोजा और स्कूल बैग के लिए 450 करोड़ रुपये
-राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये
-वृद्धावस्था/किसान पेंशन के लिए 3,100 करोड़ रुपये
-राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के लिए 500 करोड़ रुपये
-मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 250 करोड़ रुपये
-पिछड़े वर्ग के छात्रों की छात्रवृति के लिए 1,375 करोड़ रुपये 
-अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग के गरीबों की पुत्रियों की शादी के लिए 150 करोड़ रुपये-अल्पसंख्यक छात्र छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए 829 करोड़ रुपये 
-मदरसा आधुनिकीकरण योजना के लिए 479 करोड़ रुपये
-जिलों में न्यायालय भवन निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपये

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