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गांव में योजनाएं पहुंचाएंगी योगी सरकार की 'सखियां'

योगी सरकार की अनोखी बीसी सखी योजना की कमान संभालने को तैयार 56,875 महिलाएं. यूपी में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू हुआ बीसी सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम.

यूपी में महिलाओं के लिए शुरू हुआ सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम (प्रतीकात्मक फोटो: मृदा) यूपी में महिलाओं के लिए शुरू हुआ सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम (प्रतीकात्मक फोटो: मृदा)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इस योजना में महिलाओं को बैंकिंग कॉरेस्पांडेंट का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है
  • इस योजना के तहत यूपी में 75 जनपदों की 56,875 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है
  • इस योजना के तहत ग्रामीण लोगों को अपने ही गांव में बिना भागदौड़ के बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा

आधी आबादी को आत्‍मनिर्भर बनाने के सकंल्‍प को पूरा करते हुए योगी सरकार की ओर से शुरू की गई बीसी सखी योजना का लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिलने लगा है. देश की इस अनोखी योजना में महिलाओं को बैंकिंग कॉरेस्पांडेंट का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है. उत्‍तर प्रदेश में बीसी सखी योजना के तहत 75 जनपदों की 56,875 ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाना है. इन सभी ग्रामीण महिलाओं का प्रशिक्षण मार्च तक पूरा हो जाएगा. योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत समूह की महिलाओं को बैंकिग कॉरेस्पांडेंट सखी (बीसी सखी) बनाकर रोजगार का एक बेहतर अवसर प्रदान किया जाएगा. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के समूह की महिलाएं सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को मूर्तरूप देने में जुट गई हैं. स्‍टेट प्रोजेक्‍ट मैनेजर दिवाकर सिंह ने बताया कि जनवरी साल 2021 से प्रदेश के 28 जनपदों में ग्रामीण महिलाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम को शुरू कर दिया गया है. अगले हफ्ते से अन्‍य 47 जनपदों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. हर जनपद में 30-30 महिलाओं का ग्रुप बनाकर उनको प्रशिक्षण दिया जा रहा है. यह प्रशिक्षण रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट इंस्टीट्यूट द्वारा किया जा रहा है.

प्रदेश में बीसी सखी योजना के तहत प्रशिक्षण ले रहीं ग्रामीण महिलाएं ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अप्रैल से गांवों में जमीनी स्‍तर पर योजना की कमान संभालेंगी. इन बैंक सखियों को स्वयं सहायता समूह के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा छह माह तक प्रति माह चार हजार रुपए मानदेय दिया जाएगा. इसके साथ ही उनको 50,000 रुपए की राशि डिजिटल डिवाइस खरीदने के लिए दी जाएगी. उन्हें धन की जमा और निकासी पर कमीशन बैंक द्वारा दिया जाएगा. इससे गांव में ही महिलाओं को रोजगार भी मिल सकेगा.

इस योजना के तहत ग्रामीण लोगों को अपने ही गांव में बिना भागदौड़ के बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा. बीसी सखी ग्रामीण क्षेत्रों में योगी सरकार की स्‍वर्णिम योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगी. ये बैंकिंग कॉरेस्पांडेंट कन्‍या सुमंगला योजना, विधवा पेंशन योजना समेत महत्‍वपूर्ण सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों को देंगी. ग्राम विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम ने लोगों के जीवन को काफी आसान बना दिया है. डिजिटल इंडिया की ही देन है कि अब घर बैठे रोजगार की चाह भी पूरी हो रही है. योगी सरकार की इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है.

इस योजना के तहत ट्रेनिंग के बाद महिलाओं की एक परीक्षा होगी. इस परीक्षा में पास होने वाली महिलाओं को बैंकिंग सखी के रूप में काम करने का मौका मिलेगा. अगर चयनित महिलाएं इस परीक्षा में फेल होती हैं तो दूसरे नंबर की महिला को प्रशिक्षण के लिए भेजने की व्यवस्था की जाएगी. बता दें कि पिछले हफ्ते इस परीक्षा को 550 महिलाओं ने पास किया है. उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए इस प्रकार की योजना को शुरू किया गया है.

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