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गिफ्ट देकर टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करेंगे योगी

यूपी में कोरोना टीकाकरण कराने वालों को प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्‍य से योगी सरकार 7 अप्रैल को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस के अवसर पर अनूठी योजना का संचालन करने जा रही है. इसके तहत प्रदेश के तीन वर्गों में विभाजित सर्वाधिक टीकाकरण कराने वाले जिलों को लॉटरी सिस्‍टम के जरिए उपहार दिए जाएंगे.

कोरोना वैक्सीन लगवाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना वैक्सीन लगवाते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बढ़ते कोरोना संक्रमण के बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने प्रत्‍येक जिले के सभी कोविड अस्‍पतालों के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती करने के आदेश दिए हैं
  • लखनऊ में कोरोना संक्रमण दर बढ़कर 6.93 तथा प्रदेश की 1.80 दर्ज हुई है
  • कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कंटेनमेंट जोन के नियम में बदलाव किया गया है

प्रदेश में कोरोना टीकाकरण कराने वालों को प्रोत्‍साहित करने के उद्देश्‍य से योगी सरकार सात अप्रैल को विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य दिवस के अवसर पर अनूठी योजना का संचालन करने जा रही है. इसके तहत प्रदेश के तीन वर्गों में विभाजित सर्वाधिक टीकाकरण कराने वाले जिलों को लॉटरी सिस्‍टम के जरिए उपहार दिए जाएंगे. जनवरी 16 से तीन अप्रैल के बीच पहली और दूसरी डोज लेने वालों की लॉटरी निकाली जाएगी. जिन जिलों में 25,000 तक ऐसे लोग होंगे, जिनकी पहली और दूसरी डोज लग चुकी है, उन जिलों में चार उपहार दिए जाएंगे. वहीं, 25 हजार से 50 हजार तक टीकाकरण कराने वाले जिले में छह उपहार और 50,000 से अधिक टीकाकरण कराने वाले जिले में आठ उपहार दिए जाएंगे.

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेश में सर्तकता बरतते हुए प्रदेश के सभी जिलों के मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारियों और चिकित्‍सा शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है. उन्‍होंने प्रदेश के प्रत्‍येक जिले के निजी और सरकारी क्षेत्र के सभी कोविड अस्‍पतालों के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती करने के आदेश दिए हैं. ये नोडल अधिकारी प्रदेश के कोविड अस्‍पतालों में इलाज से जुड़ी सभी व्‍यवस्‍थाओं को सुनिश्चित करेंगे. साथ ही कोविड अस्‍पतालों में कोई भी कमी मिलने पर कार्यवाही भी करेंगे.

कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कंटेनमेंट जोन के नियम में बदलाव किया गया है. एक केस होने पर 25 मीटर और अधिक केस होने पर 50 मीटर रेडियस के क्षेत्र को प्रतिबंधित किया जाएगा. जिला प्रतिरक्षण अधिकारी कंटेनमेंट जोन में निगरानी की गतिविधियां के नोडल अधिकारी होंगे. मुख्य सचिव आर.के. तिवारी ने इसके दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. मुख्य सचिव के अनुसार, संक्रमण बढ़ते प्रकोप को देखते हुए निगरानी की गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है. कंटेनमेंट जोन में प्रदेश की वर्तमान जनसंख्या घनत्व के अनुसार 25 मीटर रेडियस क्षेत्र में लगभग 20 घर होंगे. और 50 मीटर के रेडियस में 60 घर आएंगे. कोविड-19 का एक मरीज मिलने पर दो कंटेनमेंट जोन में एक टीम लगाई जाएगी. एक क्षेत्र में एक से अधिक मरीज होने पर क्लस्टर माना जाएगा. क्लस्टर के बीच के बिंदु को एपीसेंटर मानते हुए 50 मीटर के रेडियस में क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाया जाएगा. ऐसे प्रत्येक कंटेनमेंट जोन में स्थित घरों की निगरानी के लिए एक टीम लगाई जाएगी. हर टीम में कुल तीन लोग, स्वास्थ्य विभाग, स्थानीय निकाय शहरी क्षेत्र, ग्राम विकास पंचायती राज ग्रामीण क्षेत्र और स्थानीय प्रशासन से एक सदस्य होगा. कंटेनमेंट जोन का निर्धारण और गतिविधियों के लिए पल्स पोलियो अभियान की तरह ही कार्य किया जाएगा.

उधर, यूपी में कोरोना संक्रमण की दर में तेजी से इजाफा हुआ है. एक मार्च को पूरे प्रदेश में कोरोना के 87 नए मामले मिले थे. इनमें से लखनऊ में 15 तथा प्रदेश के 74 जनपदों में 72 मामले थे. इस दौरान लखनऊ में 5,406 और बाकी प्रदेश मे 1,03,255 सैंपल लिए गए थे. उस वक्त तक लखनऊ में संक्रमण दर .27 प्रतिशत तथा प्रदेश में .08 फीसदी थी. इसके बाद 16 मार्च को प्रदेश में कुल 228 मामले मिले. इसमें लखनऊ के 44 मामले थे. प्रदेश में लिए गए सैंपलों की संख्या 1,00,329 और लखनऊ की 4982 थी. उस समय तक प्रदेश की संक्रमण दर 0.22 तथा लखनऊ की 0.61 प्रतिशत थी. इसके बाद संक्रमण के मामले में काफी तेजी आई. 31 मार्च को प्रदेश में कुल 1,230 संक्रमित मिले, इसमें से लखनऊ की संख्या 361 थी. लखनऊ में इसके लिए 9,040 तथा प्रदेश में कुल 67,443 सैंपल लिए गए. इस तरह लखनऊ की संक्रमण दर बढ़कर 6.93 तथा प्रदेश की 1.80 दर्ज हुई. इसके बाद से संक्रमण की यही स्थिति बनी हुई है. बढ़ते हुए संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने नमूनों की संख्या काफी बढ़ा दी है.

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