scorecardresearch
 

अस्पतालों को ऑक्सीजन देंगी यूपी की चीनी मिलें

यूपी के आबकारी तथा चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा अस्पतालों में कोरोना मरीजों को बचाने के लिए ऑक्सीजन जेनरेटर्स लगवाए जा रहे हैं. चीनी मिलों द्वारा प्रदेश के 40 जिलों में तथा डिस्ट‍लरियों के माध्यम से 35 जिलों में ऑक्सीजन संयत्र लगाने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है.

X
अस्पतालों में लगने वाले ऑक्सीजन संयत्र अस्पतालों में लगने वाले ऑक्सीजन संयत्र
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ग्रामीण अस्पतालों में लगने वाले ऑक्सीजन संयत्र की क्षमता 20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी
  • इस क्षमता के ऑक्सीजन संयत्र द्वारा करीब 100 मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन दी जा सकेगी
  • यूपी की करीब 97 चीनी मिलों और अन्य छोटी इकाइयों ने अबतक दो करोड़ लीटर से अधि‍क सैनिटाजर का उत्पादन किया है

कोरोना के खि‍लाफ जंग में उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों ने बड़ी भूमिका अदा की है. पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की पहली लहर आने के बाद जब यूपी समेत पूरे प्रदेश में सैनिटाइजर की कमी हुई तब चीनी मिलों ने रिकॉर्ड उत्पादन करके देश भर में सैनिटाइजर की कमी पूरी की. यूपी की करीब 97 चीनी मिलों और अन्य छोटी इकाइयों ने अब तक दो करोड़ लीटर से अधि‍क सैनिटाजर का उत्पादन किया है. इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब ऑक्सीजन की कमी हुई तब एक बार फि‍र चीनी मिलें सामने आयीं हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी का आबकारी तथा चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा राज्य में कोरोना मरीजों को बचाने के लिए ऑक्सीजन जेनरेटर्स लगवाए जा रहे हैं. चीनी मिलों द्वारा प्रदेश के 40 जिलों में तथा डिस्ट‍लरियों के माध्यम से 35 जिलों में ऑक्सीजन संयत्र लगाने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है. इसके लिए आपूर्तिकर्ताओं को आशयपत्र के साथ आंशि‍क भुगतान भी किया गया है.

उत्तर प्रदेश चीनी मिल संघ यह ऑक्सीजन जनरेटर संयत्र अधि‍कतर ग्रामीण अंचलों में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लगाने की कार्रवाई कर रहा है. उत्तर प्रदेश चीनी मिल संघ के एक पदाधि‍कारी बताते हैं, “ऑक्सीजन जेनेरेटर्स संयत्र जून के पहले हफ्ते से लगने शुरू हो जाएंगे. अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो जून के पहले हफ्ते में कुछ संयत्र काम करने भी लग जाएंगे.” ग्रामीण अस्पतालों में लगने वाले इस संयत्र की क्षमता 20 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. इस क्षमता के ऑक्सीजन संयत्र द्वारा करीब 100 मरीजों को 24 घंटे प्राणवायु ऑक्सीजन दी जा सकेगी. इसमें कुछ रोगी वेंटीलेटर के भी हो सकते हैं. इस संयत्र के मुख्य भाग में दो ऑक्सीजन टैंक, कम्प्रेशर तथा नियंत्रण एवं निरीक्षण प्रणाली शामिल है. इस संयत्र की विशेषता यह है कि यह एक बार चालू होने के बाद बिना रुके लंबे समय तक काम कर सकता है. इस संयत्र के जरिए पैदा होने वाली ऑक्सीजन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लू.एच.ओ.) के मानकों के अनुरूप बिछाई गई पाइपलाइनों के द्वारा संयत्र से रोगी शैया तक पहुंचेगी. बता दें कि स्थापित किये जा रहे ऑक्सीजन जेनरेटर्स को उपयोग में लाये जाने के लिए चयनित अस्पतालों में डब्लू.एच.ओ. द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ऑक्सीजन पाइपलाइन और न्यूनतम लगभग 42 किलोवाट क्षमता के जनरेटर एवं विद्युत स्वीकृत लोड की आवश्यकता होगी. इसके लिए चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने संबंधित जिलाधिकारियों को जानकारी उपलब्ध करा दी गई है.

बरेली, गोरखपुर और सीतापुर, शामली, कुशीनगर, अमरोहा में दो-दो अस्पतालों का चयन किया गया है, जहां ऑक्सीजन जेनरेटर्स की स्थापना की जा रही है. सहारनपुर जिले में सीएचसी ननौता-50 बेड, बरेली में सीएचसी, मीरगंज-30 बेड और सीएचसी बहेड़ी में 30 बेड, बांदा में सीएचसी, नारायनी-50 बेड, श्रावस्ती में सीएचसी लक्ष्मणपुर-50 बेड, उन्नाव में सीएचसी, औरास-50 बेड, प्रयागराज में पीएचसी उरुवा-50 बेड, फतेहपुर में सीएचसी बिंदकी-50 बेड, प्रतापगढ़ में ट्रामा सेंटर रानीगंज-50 बेड, कौशाम्बी सीएचसी मंझनपुर-50 बेड, चित्रकूट में सीएचसी मानिकपुर-50 बेड, अलीगढ़ में सीएचसी अतरौली-150 बेड, एटा में सीएचसी बगवाला-70 बेड, हाथरस में सीएचसी मुरसान-30 बेड, कासगंज में सीएचसी गंजडुण्डवाडा-30 बेड, बदायूं में सीएचसी घाटपुरी-50 बेड, महोबा में जिला अस्पताल-50 बेड और बलिया में सीएचसी, सिआर-30 बेड में भी ऑक्सीजन जनरेटर स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. 

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें