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पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला पहला राज्य बनेगा यूपी

कुशीनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ान की अनुमति मिलने के बाद यूपी में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की संख्या तीन हो गई है. उत्तर भारत के किसी राज्य में दो से ज्यादा एयरपोर्ट नहीं हैं. अयोध्या और नोएडा में भी बन रहा है इंटरनेशनल एयरपोर्ट.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुख्यमंत्री योगी ने वर्ष 2017 में यूपी की सत्ता संभालते ही एयरपोर्ट निर्माण पर विशेष ध्यान देना शुरू किया था
  • सचिव, मुख्यमंत्री, सुरेंद्र सिंह को मेरठ का कमिश्नर बनाकर जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में तेजी लाने की योजना
  • अयोध्या एयरपोर्ट के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने खोला खजाना, अगले वर्ष से शुरू होंगी उड़ानें

उत्तर प्रदेश सबसे अधिक पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला राज्य  बनने को तैयार है. प्रदेश के तीसरे कुशीनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ान की अनुमति मिल गई है. प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही कुशीनगर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने जा रही है. केंद्र व राज्य सरकार वर्ष 2022 तक अयोध्या और 2024 तक जेवर से भी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव और निदेशक उड्डयन के पद पर तैनात रहे आइएएस अधि‍कारी सुरेंद्र सिंह को मेरठ का कमिश्नर बनाकर जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में गति देने की योजना बनाई है. देश में इस समय कुल 34 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं. सबसे अधिक चार-चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तमिलनाडु और केरल राज्य में हैं. उत्तर भारत के किसी भी राज्य में दो से अधिक एयरपोर्ट नहीं हैं. उत्तर प्रदेश में सिर्फ वाराणसी और लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हैं. मात्र तीन वर्ष में गोरखपुर, हिंडन, आगरा, प्रयागराज और अब बरेली सहित पांच अन्य एयरपोर्ट क्रियाशील हो गए हैं. यही नहीं, देश के सबसे बड़े प्रदेश में मात्र दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट थे, लेकिन कुशीनगर और अयोध्या एयरपोर्ट के साथ बहुत जल्द यहां पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे. 21 एयरपोर्ट और सात हवाई पट्टियों के क्रियाशील होने की प्रक्रिया चल रही है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में यूपी की सत्ता संभालते ही प्रदेश में एयरपोर्ट निर्माण की दिशा में तेजी से काम शुरू किया था. इसके लिए केंद्र सरकार से सामंजस्य बनाने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री विभाग में प्रमुख सचिव एस.पी. गोयल को दी. बाद में वाराणसी के जिलाधि‍कारी रहे सुरेंद्र सिंह को अपने कार्यालय में विशेष सचिव (अब सचिव) और निदेशक उड्डयन की जिम्मेदारी सौंपकर यूपी में हवाई अड्डों के विकास में तेजी लाने की योजना तैयार की. मुख्यमंत्री योगी के प्रयास से यूपी में जेवर एयरपोर्ट, नोएडा के रूप में एशि‍या के सबसे बड़े एयरपोर्ट की नींव पड़ चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 1 मार्च को जेवर एयरपोर्ट के लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के बीच राज्य समर्थित समझौते के हस्ताक्षरित होने के मौके पर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की. इसके अगले ही दिन योगी ने मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव रहे सुरेंद्र सिंह को मेरठ का कमिश्नर बना दिया. पश्च‍िमी यूपी में जाट और किसान आंदोलन से निबटने के साथ योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट के निर्माण को गति देने में भी सुरेंद्र सिंह की बड़ी भूमिका रहेगी. एयरपोर्ट के निर्माण के कारण विस्थापित आबादी के पुनर्वास के लिए जेवर बांगर में 48.0979 हेक्टेयर भूमि का प्रबंध कर लिया गया है. आबादी के पुनर्वास के साथ यहां पर सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की सीधी निगरानी सुरेंद्र सिह के जिम्मे होगी. नोएडा एयरपोर्ट में कुल 5 रन-वे होगा. वर्तमान में 2 रन-वे के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है. बाकी तीन रनवे के लिए 3,418 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है. नागरिक उड्डयन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गौतमबुद्ध नगर जिले में जेवर में विकसित होने वाले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का पहले फेज का काम पूरा करने के साथ ही विमान सेवाएं शुरू कर देने का लक्ष्य रखा गया है.

यूपी के कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) डीजीसीए ने 23 फरवरी को सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ान का लाइसेंस जारी कर दिया है. यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का तीसरा व देश का 87वां लाइसेंसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन गया है. यहां से अब देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ पूर्वांचल सहित पश्चिम बिहार व नेपाल के सीमावर्ती लोगों को आने जाने में सुविधा हो जाएगी. इससे पहले कुशीनगर एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने में डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) की आपत्तियां लाइसेंस में बाधक बन रही थीं, जिसके चलते एयरलाइंस कंपनियां उड़ान के लिए आने से कतरा रहीं थी. तीन माह पूर्व डीजीसीए की टीम ने एयरपोर्ट का दौरा किया. टीम ने 50 से अधिक बिंदुओं पर खामियां पाई थीं. साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को नोटिस देकर आपत्तियां दूर करने को कहा था. आपत्तियां दूर कर एएआई ने पुनः लाइसेंस के लिए डीजीसीए के सामने अर्जी दी. जांच के बाद डीजीसीए ने लाइसेंस जारी कर दिया. कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निदेशक ए.के. द्विवेदी बताते हैं, “कुशीनगर एयरपोर्ट को फोर सी कैटेगरी में लाइसेंस मिला है. यह लाइसेंस रनवे और जहाज की कैटेगरी को लेकर जारी किया गया है. यहां छोटे से लेकर बड़े जहाज आसानी से आ-जा सकते हैं. इस एयरपोर्ट से डोमेस्टिक व इंटरनेशनल दोनों प्रकार की उड़ानें होंगी.” दूसरी तरफ एएआई ने एयरलाइंस कंपनियों को कुशीनगर एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने के लिए आमंत्रित किया है. स्पाइस जेट, इंडिंगो, गो एयर, एयर इंडिया, थाई एयरवेज, मिहिर लंका समेत दो दर्जन से अधिक देशी-विदेशी कंपनियों को न्योता गया है. एयरलाइंस कंपनियां संपर्क में हैं.

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के साथ इस शहर को हवाई मार्ग से जोड़ने की दिशा में भी तेजी से काम चल रहा है. इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने खजाना खोल दिया है. हाल ही में केंद्र सरकार ने अयोध्या एयरपोर्ट के लिए 250 करोड़ जारी किए, तो राज्य सरकार ने भी एयरपोर्ट की अतिरिक्त भूमि खरीदने के लिए तीन अरब 21 करोड़ 99 लाख 50 हजार सात सौ 20 रुपए की वित्तीय स्वीकृति दे दी है. मुख्यमंत्री योगी के ड्रीम प्रोजेक्ट मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हवाई अड्डा अयोध्या के लिए 555.66 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदने के लिए सरकार ने कुल 1,001 करोड़ 77 लाख की धनराशि मंजूर की है. हवाई अड्डे के विकास के लिए अब तक एएआई को 377 एकड़ भूमि उपलब्ध भी कराई जा चुकी  है. इस एयरपोर्ट से साल 2022 से विमान सेवाएं शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है.

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