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यूपी बोर्ड: 12वीं की परीक्षा भी होगी निरस्त, 10वीं की तरह विद्यार्थी किये जाएंगे प्रोन्नत

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने की घोषणा. योगी सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय से हाइस्कूल के 29.94 लाख तथा इंटरमीडिएट के 26.10 लाख परीक्षार्थी लाभान्वित होंगे.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इंटरमीडिएट की निरस्त परीक्षा के परीक्षाफलों को सम्बन्धित परीक्षार्थियों के कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों एवं उनके कक्षा-11 के वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों के औसत के आधार पर तैयार कराया जायेगा
  • यदि कक्षा-11 के वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक उपलब्ध नहीं होंगे तब उस स्थिति में कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों को लिया जायेगा
  • इंटरमीडिएट की वर्ष 2021 की परीक्षा के सभी रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों को आगामी इंटरमीडिएट परीक्षा में अपनी इच्छा के अनुसार एक विषय में अथवा अपने सभी विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होकर अपने अंको में सुधार करने का अवसर प्राप्त होगा.

विद्यार्थी व शिक्षक के स्वास्थ्य की सुरक्षा के प्रति चिंता के क्रम में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा आज उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा की गई. कोविड-19 वायरस के संक्रमण से फैली हुई महामारी के कारण उत्पन्न हुयी असाधारण परिस्थितियों में व्यापक छात्र-शिक्षक हित में तथा सत्र नियमित करने के दृष्टिकोण से प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2021 में निर्धारित उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की कक्षा-12 की बोर्ड परीक्षा निरस्त कर दी गयी है. इस निर्णय से कक्षा-12 के 26,10,316 छात्र/छात्राएं लाभान्वित होंगे.

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा अवगत कराया गया है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश निरन्तर छात्र हित में कार्यवाही कर रहा है. उत्तर प्रदेश देश का प्रथम राज्य है जिसमें गत वर्ष 2020 के जुलाई माह में ही कोरोना महामारी के कारण पठन-पाठन में हो रहे व्यवधान के दृष्टिगत पाठ्यक्रम में 30 प्रतिशत तक की कमी कर दी गई थी. माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष के लॉकडाउन से ही ऑनलाइन पठन-पाठन के साथ साथ दूरदर्शन, स्वयं प्रभा चैनल, ई-विद्या चैनल, वर्चुअल स्कूल तथा यूट्यूब एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद के ई-ज्ञानगंगा के माध्यम से बच्चों का पठन-पाठन सुनिश्चित किया गया है. इसके साथ ही 29 लाख से अधिक व्हाट्सऐप ग्रुप प्रधानाचार्य, शिक्षक एवं छात्रों के बनाये गये तथा पठन-पाठन की नियमित अनुश्रवण व्यवस्था बनायी गयी. परीक्षा की अवधि गत वर्ष से ही 15 दिन में सीमित कर दी गई थी तथा इस वर्ष सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने हेतु परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ा दी गई थी.

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षा कराने की तैयारी पूर्ण कर ली गई थी, परंतु छात्रों व शिक्षकों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने की प्राथमिकता के दृष्टिगत वर्ष 2021 की हाइस्कूल की परीक्षा पूर्व में निरस्त की गई थी तथा आज वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की परीक्षा भी निरस्त कर विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने का अहम निर्णय लिया गया है.

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इंटरमीडिएट की निरस्त हुयी परीक्षा के परीक्षाफलों को सम्बन्धित परीक्षार्थियों के कक्षा-10 की बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों एवं उनके कक्षा-11 के वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों के औसत के आधार पर तैयार कराया जायेगा. यदि कक्षा-11 के वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांक उपलब्ध नहीं होंगे तब उस स्थिति में कक्षा-12 की प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों को लिया जायेगा. इंटरमीडिएट के जिन संस्थागत एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उपर्युक्त प्राप्तांक उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हें सामान्य रूप से प्रमोट कर दिया जायेगा तथा केवल कक्षोन्नति का प्रमाण पत्र दिया जाएगा. इंटरमीडिएट की वर्ष 2021 की परीक्षा के सभी रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों को आगामी इंटरमीडिएट परीक्षा में अपनी इच्छा के अनुसार एक विषय में अथवा अपने सभी विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होकर अपने अंको में सुधार करने का अवसर प्राप्त होगा तथा यह अंक वर्ष 2021 की इंटरमीडिएट की परीक्षा के अंक ही माने जाएंगे.

डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि हाइस्कूल की निरस्त हुयी परीक्षा के परीक्षाफलों को सम्बन्धित परीक्षार्थियों के कक्षा-9 की वार्षिक परीक्षा के प्राप्तांकों एवं उनके कक्षा-10 के प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों के औसत के आधार पर तैयार कराया जायेगा. हाइस्कूल के जिन संस्थागत एवं व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के उपर्युक्त प्राप्तांक उपलब्ध नहीं होंगे, उन्हे सामान्य रूप से कक्षा-11 में प्रमोट कर दिया जायेगा। वर्ष 2021 की हाईस्कूल परीक्षा के सभी रजिस्टर्ड परीक्षार्थियों को आगामी हाइस्कूल परीक्षा में अपनी इच्छा के अनुसार, एक विषय में अथवा अपने सभी विषयों की परीक्षा में सम्मिलित होकर अपने अंको में सुधार करने का अवसर प्राप्त होगा तथा यह अंक वर्ष 2021 की हाइस्कूल परीक्षा के ही अंक माने जाएंगे.

डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि इस महत्वपूर्ण निर्णय से हाइस्कूल के 29.94 लाख तथा इंटरमीडिएट के 26.10 लाख परीक्षार्थी लाभान्वित होंगे. अब नव प्रोन्नत छात्र अपनी अगली कक्षा के पठन-पाठन पर पूर्ण मनोयोग से ध्यान दे सकते हैं और सत्र नियमितीकरण के अंतर्गत अगली कक्षा में ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ की जा सकती हैं. वहीं, कक्षा बारहवीं के उत्तीर्ण छात्रों को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने में सुलभता रहेगी.

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