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यूपी: फ्रंटलाइन कर्मचारियों का मानदेय 25 प्रतिशत बढ़ा, बड़े पैमाने पर होगी भर्ती

योगी सरकार ने 3 मई को कोविड की लड़ाई में दिन-रात जुटे स्वास्थ्य विभाग के फ्रंटलाइन वकर्स को बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स के मानदेय में 25 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी कर यह साफ कर दिया कि सरकार उनका मनोबल बढ़ाने में कोई कमी नहीं रखेगी.

प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रदेश में 8 हजार से अधिक फार्मासिस्ट, इतनी ही संख्या में नर्सेज, 12 हजार से अधिक डॉक्टर, तीन हजार से अधिक लैब टेक्नीशियन, एक हजार से अधिक एक्सरे टेक्नीशियन कोविड ड्यूटी में लगे हैं
  • प्रदेश में नर्स, वार्ड ब्वाय, सुपरवाइजर, चिकित्सक, अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों को बड़े पैमाने पर मानदेय पर रखने की तैयारी की गई है
  • रिटायर स्वास्थ्यकर्मियों, अनुभवी चिकित्सकों, एक्स सर्विस मैन को कोविड ड्यूटी से जोड़ा जाएगा

योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार 3 मई को कोविड की लड़ाई में दिन-रात जुटे स्वास्थ्य विभाग के फ्रंटलाइन वकर्स को बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स के मानदेय में 25 प्रतिशत की अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी कर यह साफ कर दिया कि सरकार उनका मनोबल बढ़ाने में कोई कमी नहीं रखेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार की कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रदेश के सभी लोग अपने-अपने माध्यम से सेवा दे रहे हैं. प्रमुख रूप से स्वास्थ्य विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर्स का इसलिये बड़ा योगदान है कि वे सीधे कोरोना से संक्रमित मरीजों के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

सीएम योगी की ओर से स्वास्थ्य विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोत्तरी करने के फैसले का कर्मचारी वर्ग ने दिल से स्वागत किया है. यूपी फार्मासिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव और राजकीय नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है. गौरतलब है कि वर्तमान में प्रदेश में 8 हजार से अधिक फार्मासिस्ट, इतनी ही संख्या में नर्सेज, 12 हजार से अधिक डॉक्टर, तीन हजार से अधिक लैब टेक्नीशियन, एक हजार से अधिक एक्सरे टेक्नीशियन, एनएमएच के लगे दो हजार स्वास्थ्य कर्मी है. कोविड केयर ड्यूटी में लगे स्टाफ (डॉक्टर, नर्स, वार्ड ब्वॉय और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ) को बेसिक आय का 25 फीसद अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हर पल सुविधाओं और संसाधनों में बढ़ोतरी कर रहे हैं. सीएम योगी के निर्देश पर अब प्रदेश में नर्स, वार्ड ब्वाय, सुपरवाइजर, चिकित्सक, अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों को बड़े पैमाने पर मानदेय पर रखने की तैयारी की गई है. जल्द ही इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा. सीएम के इस निर्देश से आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में उपचार कराने में काफी सहूलियत मिलेंगी. सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि अस्पतालों में अतिरिक्त मैनपावर के लिए बड़ी संख्या में मानदेय पर मेडिकल और नर्सिंग अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की सेवाएं ली जाएं. इसके अलावा रिटायर स्वास्थ्यकर्मियों, अनुभवी चिकित्सकों, एक्स सर्विस मैन को कोविड ड्यूटी से जोड़ा जाए. इसके लिए विभाग की ओर से कार्यवाही शुरू कर दी गई है. सीएम के निर्देश पर बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी कोविड सेवाओं से जोड़ा जाएगा. ऐसे ही अंतिम वर्ष के एमबीबीएस चिकित्सकों को मानदेय मिलेगा. साथ ही निशुल्क खाना और निशुल्क क्वारंटीन रहने की व्यवस्था सरकार करेगी. कोरोना वालंटियर को प्रतिदिन एनएचएम की दर से 25 फीसद अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा.

यूपी सरकार की योजना मेडिकल और पैरा मेडिकल तक की पढ़ाई कर रहे अंतिम वर्ष के छात्रों को विशेष पैकेज देकर कोरोना की लड़ाई में उतारने की है. अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे छात्रों के सरकार के साथ इस लड़ाई में शामिल होने से काफी मदद मिल सकती है. इन छात्रों को अनुभव के साथ सीधे फील्ड में उतरने का मौका भी इनके कॅरियर के लिए कारगर सिद्ध हो सकता है. इसके लिए इन छात्रों को विशेष पैकेज भी सरकार की ओर से दिया जाएगा. 

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