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बिहार में पांच सीएम इन वेटिंग

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन का स्वरूप अभी तक साफ नहीं है.

तेजस्वी यादव (एएनआइ) तेजस्वी यादव (एएनआइ)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार में सीएम इन वेटिंग के पांच चेहरे सामने आ चुके हैं
  • लोजपा की तरफ से चिराग पासवान को भावी सीएम के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है
  • लेकिन अभी तक दोनों प्रमुख गठबंधनों का स्वरूप स्पष्ट नहीं हो सका है

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन बृहस्पतिवार से शुरू हो गया है. इस चुनाव में अभी तक सीएम इन वेटिंग के पांच चेहरे सामने आ चुके हैं जबकि सबसे मजबूत चेहरा माने जाने वाले नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली पार्टियां अभी तक गठबंधन की गुत्थियों को सुलझाने में ही जुटी हुई हैं.

एनडीए की तरफ से सीएम उम्मीदवार नीतीश कुमार, तो राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के सीएम उम्मीदावर के रूप में तेजस्वी यादव सामने हैं. बसपा के साथ गठजोड़ कर चुनाव में उतर रहे उपेद्र कुशवाहा सीएम इन वेटिंग के तीसरे उम्मीदवार हैं. लोजपा की तरफ से चिराग पासवान को भी भावी सीएम के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है. वहीं पांचवे सीएम इन वेटिंग के लिए प्लुरल्स पार्टी की पुष्पम प्रिया चौधरी का नाम सामने है.

प्लुरल्स पार्टी की समस्तीपुर जिला अध्यक्ष कविता चौधरी दावा कर रही हैं कि बिहार के पूरे युवा और महिला तो पार्टी के साथ हैं ही समाज के हर तबके के लोग उनकी पार्टी को बड़ा समर्थन दे रहे हैं. उनका कहना है कि यह सच है कि बिहार के लोग साफ-सुथरा और नया चेहरा तलाश रहे हैं और पुष्पम प्रिया चौधरी एक विकल्प के रूप में लोगों के सामने हैं. हमने पचास फीसद टिकट महिलाओं को देने का फैसला लिया है.

उधर, लोजपा के नेताओं का दावा है कि जिस तरह से चिराग पासवान पिछले एक साल से बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट मिशन को लेकर काम करते आए हैं वैसे में सीएम पद के लिए वह सबसे बेहतर विकल्प हैं. उधर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (लोसपा) के उपेंद्र कुशवाहा ने बसपा के साथ गठजोड़ कर खुद को सीएम चेहरे के रूप में सामने रखा है. लोसपा के नेताओं का कहना है कि बिहार राजद और महागठबंधन के नेताओं से इतर सीएम देखना चाहता है और कुशवाहा इसके लिए सर्वश्रेष्ठ  विकल्प हैं. बहरहाल, सीएम प्रत्याशी के इन पांच चेहरे के बावजूद राज्य में सबसे मजबूत दोनों गठबंधन में कौन-कौन से दल शामिल हैं, इसको लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है. 8 अक्तूबर तो प्रथम चरण के नामांकन की आखिरी तारीख है और इससे पहले ही गठबंधन की पेंच को सुलझाना पड़ेगा.

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