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योगी सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे कर्मचारी

भत्ते खत्म किए जाने से नाराज कर्मचारियों पर लॉकडाउन के बाद आंदोलन की रणनीति बना रहे है. इसके लिए लामबंदी शुरू हो गई.

योगी आदित्यनाथ योगी आदित्यनाथ

योगी सरकार ने कोविड-19 से प्रदेश के राजस्व पर पड़ने वाले विपरीत असर का हवाला देते हुए नगर प्रतिकार समेत आठ भत्तों के समाप्त करने का आदेश जारी किया है. इससे सरकारी खजाने को करीब पंद्रह सौ करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की बचत होगी. इस आदेश से करीब 16 लाख कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है. भत्ते खत्म किए जाने से नाराज कर्मचारी लॉकडाउन के बाद आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं. इसके लिए लामबंदी शुरू हो गई है.

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने प्रदेश के कई कर्मचारी संगठनों ने नेताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर बात की है. सभी आंदोलन को लेकर एकराय हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में भत्तों की कटौती और सरकार तथा नौकरशाहों की भूमिका पर भी विचार किया गया. सभी संगठनों ने आंदोलन की रणनीति तैयार करने और उसके अमल में लाने को कहा है. राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि महंगाई भत्ता समेत लगभग 15 भत्तों पर सरकार ने कैंची चलाई है. इस पर प्रदेश के कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी नाराज हैं.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में रेलवे के राष्ट्रीय नेता शिवगोपाल मिश्र, अधिकारी महापरिषद के संरक्षक बाबा हरदेव ने भी विचार रखे और भत्तों की कटौती के लिए कुछ ही नौकरशाहों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है. हरिकिशोर तिवारी बताते हैं, “वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हुए सरकार के खिलाफ होने वाले आंदोलन में अपने समर्थन का आश्वासन दिया.” बैठक में कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार के चंद अधिकारियों ने प्रदेश के बड़े कर्मचारी संगठनों की चिंता अब और बढ़ा दी है. सरकार न तो कर्मचारियों की कोई मांग मान रही है और न ही अपने किसी फैसले में कर्मचारियों से बात तक कर रही है.

कोविड के चलते सरकारी कर्मचारियों के भत्ते कटौती के बाद इनमें बने आक्रोश को थामने के लिए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी आने वाले दिनों में कर्मचारी संगठन के नेताओं से बात कर सरकार का पक्ष रख सकते हैं.

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