scorecardresearch
 

सेवा सत्याग्रह से यूपी के गांवों में जमीन तलाशेगी कांग्रेस

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने में आठ महीने से भी कम का समय रह गया है. इसी क्रम में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में आम जनता से जुड़ाव बढ़ाने के लिए 26 मई से 'सेवा सत्याग्रह' कार्यक्रम शुरू किया है.

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर सेवा सत्याग्रह अभि‍यान की शुरुआत करते प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर सेवा सत्याग्रह अभि‍यान की शुरुआत करते प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में “सेवा सत्याग्रह” के तहत “मेरा गांव-मेरा अभियान” कार्यक्रम शुरू किया है
  • कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी द्वारा प्रियंका गांधी द्वारा 10 लाख कोरोना होम आइसोलेशन उपचार के लिए दवाएं भेजी जा रही हैं
  • अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा 25 मई से 'जिम्मेदार कौन?' के नाम से अभियान शुरू किया गया है

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने में आठ महीने से भी कम का समय रह गया है. ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. इसी क्रम में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में आम जनता से जुड़ाव बढ़ाने के लिए 26 मई से “सेवा सत्याग्रह” कार्यक्रम शुरू किया है. इसके तहत उत्तर प्रदेश की प्रभारी महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा भेजी गयी जरूरी दवाओं की पहली खेप लखनऊ से विभि‍न्न जिलों को भेजी गई. गौरतलब है कि महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा 10 लाख कोरोना होम आइसोलेशन उपचार के लिए दवाएं भेजी जा रही हैं. यह दवाएं कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा चिकित्सीय परामर्श पर दी जाएगी. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी के कई जिलों में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर और ऑक्सीजन सिलेंडर भेजकर फौरी तौर पर राहत पहुंचाने का अभियान पहले ही शुरू कर दिया था.

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में “सेवा सत्याग्रह” के तहत “मेरा गांव-मेरा अभियान” कार्यक्रम शुरू किया है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू बताते हैं, “कोरोना संक्रमितों के लिये 10 लाख दवाओं के साथ 15 लाख लीटर सेनेटाइजर की व्यवस्था कर प्रदेश के सभी गांवों में सेनेटाजेशन शुरू किया जा रहा है जिसके लिये दवाएं 26 मई से रवाना करने के साथ सेनेटाइजर टैंक भी भेजे जा रहे हैं.”

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाते हैं कि गांवों में पीएचसी व सीएचसी में ताले लटक रहे हैं. कोरोना जांच के लिए बनी कमेटियों में मृतक, रिटायर्ड व त्यागपत्र दे चुके कर्मचारियों को रखकर जांच का कराने का ढोंग कर लोगों को त्रासदी में ढकेलने का दुःखद काम कर रही है. सरकार की समस्त घोषणाएं हवा हवाई है जिनसे लोगों के जीवन की रक्षा नहीं हो सकती है. मुख्यमंत्री के गृह जनपद में एक-एक गांव में 20 से 80 लोगों तक की मौत हो गयी. सरकार गांवों में हो रही मौतों के आंकड़े छिपाने के लिये उनकी मौतों को कोरोना से हुई मौत नहीं मान रही है. कांग्रेस इन्हीं सारी गड़बडि़यों को जनता के सामने उजागर करेगी.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी पदाधिकारी न्याय पंचायत स्तर तक कि कमेटियों के माध्यम से गांव-गांव कोरोना लक्षण वाले संक्रमितों व होम आइसोलेशन के मरीजों को चिकित्सीय परामर्श के आधार पर दवाएं उपलब्ध करायेंगे. गांव-गांव सेनेटाइजेशन का अभियान सेवा सत्याग्रह के अंतर्गत “मेरा गांव मेरा अभियान” में वृहद स्तर पर चलाया जा रहा है. अजय कुमार लल्लू के मुताबिक संकटकाल मे कांग्रेस पूर्व से ही बड़े स्तर पर कोविड हेल्प डेस्क के माध्यम से जरूरतमंदों तक ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कन्संट्रेटर, प्लाज्मा व रक्तदान के साथ भोजन व राशन वितरण कर  सेवा में लगातार लगी है. पूर्व राज्यसभा सदस्य व छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी डॉ पी.एल. पुनिया बताते हैं कि संकटकाल में कांग्रेस प्रदेश की जनता के साथ खड़ी है. प्रदेशवासियों की सेवा कांग्रेसजन पूरी गम्भीरता से कर रहे हैं. दवाईयों के साथ प्रवासी श्रमिकों, गरीबों के भोजन, राशन की व्यवस्था का अभियान भी चलाया जा रहा है.

यूपी कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी भी सोशल मीडिया के जरिए यूपी और केंद्र सरकार को घेरने का अभि‍यान शुरू कर चुकी हैं. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा 25 मई से 'जिम्मेदार कौन?' के नाम से अभियान शुरू किया गया है. इस अभियान के तहत वे जनता की तरफ से केंद्र सरकार से सवाल पूछ रही हैं. इस बाबत कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट भी साझा किया है. प्रियंका गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि जब कोरोना की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचानी शुरू की और देश के नागरिक बेड, ऑक्सीजन, वैक्सीन और दवाइयों के लिए संघर्ष कर रहे थे, उस समय देश की सरकार से लोगों को उम्मीद थी कि वो इस भयावह स्थिति से निपटने के लिए पहले की तैयारियों एवं देश में उपलब्ध संसाधनों का पूरा इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए करेगी. उन्होंने लिखा है कि लेकिन सरकार पूरी तरह से मूकदर्शक मोड में चली गई और पूरे देश में एक पीड़ादायी स्थिति पैदा हुई. उन्होंने फेसबुक पोस्ट के अंत में लिखा है कि आने वाले कुछ दिनों तक मैं 'ज़िम्मेदार कौन?' के तहत कुछ तथ्य रखूंगी जिससे मौजूदा दयनीय स्थिति की वजह को जनता समझ सके. इसी क्रम में 26 मई को प्र‍ियंका गांधी ने ने "जिम्मेदार कौन?" के नाम से एक श्रृंखला के तहत फेसबुक, ट्विटर एवं इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए वैक्सिनेशन की धीमी और लचर प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है.

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें