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दलितों को रिझाने की शुरू हुई होड़

इस साल के बिहार चुनाव और वर्ष 2022 में यूपी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजहर सभी पार्टियां दलित वोटों को अपनी ओर खींचने के भरसक प्रयास में जुट गई हैं.

हाथरस कांड पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद हाथरस कांड पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दलित युवती से बलात्कार के मामले में कांग्रेस योगी सरकार के खि‍लाफ हमलावर है
  • भीम आर्मी के चंद्रशेखर भी दलितों के बीच पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं
  • दलितों में पैठ बनाने में जुटी भाजपा को हाथरस प्रकरण ने नुक्सान पहुंचाया है

हाथरस में दलित युवती के साथ हुई दरिंदगी ने भारतीय जनता पार्टी की विरोधी पार्टियों को एक मौका दे दिया है. बिहार चुनाव और वर्ष 2022 में यूपी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजहर सभी पार्टियां दलित वोटों को अपनी ओर खींचने के भरसक प्रयास में जुट गई हैं. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए सबसे ज्यादा मेहनत कर रही कांग्रेस पार्टी अपने संगठन को सक्रिय कर भारतीय जनता पार्टी के सामने मुख्य चुनौती पेश करने की तैयारी में लग गई है. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी प्र‍ियंका गांधी तीन अक्तूबर को हाथरस के बूलगढ़ी गांव पहुंच कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. कांग्रेस की तरफ से परिवार को दस लाख रुपए की आ‍र्थि‍क मदद दी गई. दलित युवती से बलात्कार के मामले में कांग्रेस प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खि‍लाफ पूरी तरह से हमलावर है. 3 अक्तूबर को पूरे प्रदेश में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार के खि‍लाफ प्रदर्शन किया है. यूपी में दलितों को जोड़ने के लिए कांग्रेस योजना बना रही है. इसके तहत यूपी के सभी जिलों में कांग्रेस ने दलित यात्रा निकालने का निर्णय लिया है. कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत बताते हैं, “कांग्रेस को छोड़कर यूपी की सभी राजनीतिक पार्टि‍यों ने दलितों को केवल अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया है. निराश दलित अब कांग्रेस से जुड़ना चाहता है.” दलितों पर पैठ बनाने के लिए कांग्रेस ने इस वर्ष फरवरी में ही पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन भगवती चौधरी को हटाकर महाराजगंज के आलोक प्रसाद पासी को नया चेयरमैन बनाया था.

यूपी की दो प्रमुख पार्टियों समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखि‍लेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती सोशल मीडिया के जरिए हाथरस में दलित लड़की से रेप के मामले को उठा रहे हैं. मेरठ कालेज में राजनीति शास्त्र विभाग के पूर्व प्रोफेसर डा. रमेश आंबेडकर बताते हैं, “लोकसभा चुनाव के बाद से जिस तरह से बसपा का संगठन निष्क्र‍िय बना है उसने दलित युवाओं के बीच भीम आर्मी जैसे संगठनों की जगह बनाई है. इसीलिए पश्च‍िमी यूपी में भीम आर्मी से बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं.” भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद 27 सितंबर को अलीगढ़ के जे.एन. मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वहां इलाज करा रही रेप का शि‍कार युवती के परिजनों से मिले थे. चंद्रशेखर की पहल पर ही परिजन युवती को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल रेफर करवाने को राजी हुए थे. पश्चि‍मी यूपी में दलितों के बीच पैठ बनाने के लिए चंद्रशेखर ने बसपा के संस्थापक कांशीराम के जन्मदिवस 15 मार्च को अपनी नई पार्टी “आजाद सामाज पार्टी” की घोषणा की थी. डॉ. रमेश आंबेडकर बताते हैं, “जिस तरह से चंद्रशेखर ने अपनी नई पार्टी का ऐलान कांशीराम के जन्मदिवस पर किया इससे जाहिर होता है कि वे बसपा का विकल्प बनने की मंशा रखते हैं.” पिछले छह महीने में आजाद समाज पार्टी ने मेरठ और सहारनपुर मंडल के सभी जिलों में जिले से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक अपना संगठन खड़ा कर लिया है. चंद्रशेखर के सहयोगी रमेश कुमार बताते हैं, “आजाद समाज पार्टी वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतरेगी. इससे पहले पार्टी यूपी के पंचायत चुनावों में भी हिस्सा लेगी.”

यूपी में पिछले 11 महीनों से एससी-एसटी कमीशन के चेयरमैन का पद खाली चल रहा है. यूपी में भाजपा की सरकार बनने के बाद पूर्व डीजीपी और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के करीबी रहे पुलिस अधि‍कारी बृजलाल को नवंबर, 2017 को राज्य एससी-एसटी कमीशन का चेयरमैन बनाया गया था. पिछले नवंबर 2019 में बृजलाल का कार्यकाल पूरा हो गया. इसके बाद से चेयरमैन का पद खाली चल रहा है. यूपी के एक वरिष्ठ आइएएस अधि‍कारी बताते हैं, “एससी-एसटी कमीशन के चेयरमैन के पद पर तैनाती के लिए भाजपा के प्रदेश संगठन से नाम मांगे गए हैं. संगठन से नाम न मिलने पर यह पद खाली पड़ा हुआ है.”

दलितों में पैठ बनाने में जुटी भाजपा को हाथरस प्रकरण ने नुक्सान पहुंचाया है. अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर के शि‍लान्यास कार्यक्रम के बाद “राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट” ने पहला प्रसाद अयोध्या में रहने वाले दलित महावीर के घर पहुंचाया था. भाजपा ने 23 अगस्त को राज्य कार्यकारिणी का नए सिरे से गठन किया है. 41 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी में आठ दलित नेताओं को जगह दी है. बसपा के दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की उद्देश्य से जाटव (दलित) समाज की नेता कांता कर्दम को प्रदेश उपाध्यक्ष और अशोक जाटव को प्रदेश मंत्री बनाया गया है. लेकिन, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में दलित किस करवट बैठेंगे इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा.

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