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बिजली का उपहार दे रहा बुंदेली सूरज

यूपी में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी की सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 2017 में सौर ऊर्जा नीति तैयार की थी. इसके तहत सोलर पार्क की स्थापना और सौर ऊर्जा को थर्ड पार्टी विक्रय के लिए ओपन एक्सेस दिया गया.

चित्रकूट में शुरू हुआ 25 मेगावॉट का प्लांट चित्रकूट में शुरू हुआ 25 मेगावॉट का प्लांट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बुंदेलखंड के सातों जिलों में अब तक स्थापित सोलर प्लांट से 500 मेगावॉट बिजली मिल रही है
  • चित्रकूट में अडानी सोलर एनर्जी लिमिटेड ने 25 मेगावॉट का सौर ऊर्जा यंत्र चालू किया है
  • साल 2021 से 2025 तक 4 वर्षों में प्रतिवर्ष 1,000 मेगावॉट की परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी

पिछड़ा क्षेत्र होने का दंश झेलने वाले बुंदेलखंड में सूरज की तपि‍श समृद्धि की दास्तान लिखने को तैयार है. बुंदेलखंड में जमीन की उपलब्धता और मौसम के साफ रहने के कारण प्रचुर मात्रा में उपलब्ध सौर ऊर्जा से यहां पर सोलर प्लांट लगाने को निजी कंपनियां आकर्ष‍ित हुई हैं. बुंदेलखंड में सौर ऊर्जा प्लांटों की स्थापना की शुरुआत कई वर्षों पूर्व हुई थी. वर्ष 2016 में पनवाड़ी (महोबा) और हमीरपुर में लगाए गए प्राइवेट सौर ऊर्जा प्लांटों से लगभग 200 मेगावॉट बिजली आपूर्ति की जा रही है. बांदा जिले में चहितारा गांव में 20 मेगावॉट का सौर ऊर्जा प्लांट भी वर्ष 2016 से चल रहा है. इसमें उत्पादित हो रही 20 मेगावॉट बिजली बांदा में स्थित पॉवर कार्पोरेशन के 220 केवी सब स्टेशन को आपूर्ति हो रही है. इसके पहले ललितपुर में वर्ष 2013 में 70 मेगॉवाट का सौर ऊर्जा प्लांट चालू हुआ था.

यूपी में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 2017 में सौर ऊर्जा नीति तैयार की थी. उसके तहत सोलर पार्क की स्थापना और सौर ऊर्जा को थर्ड पार्टी विक्रय के लिए ओपन एक्सेस दिया गया. सौर ऊर्जा नीति में प्रोत्साहन प्रावधानों के तहत ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था के साथ ही सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 100 फीसद स्टॉम्प ड्यूटी में छूट और इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में 10 वर्ष तक 100 फीसद छूट का प्रावधान किया गया. यूपी में सोलर प्लांट लगाने वाले एक कंपनी के प्रोजेक्ट निदेशक अरुण शर्मा बताते हैं, “देश के किसी राज्य में अब वैसी जमीन की उपलब्धता नहीं है जैसा कि बुंदेलखंड में है. यहां पर आमतौर पर मौसम साफ रहने से सौर ऊर्जा भी पर्याप्त मिलती है. सोलर कंपनियों को छूट देकर बुंदेलखंड को सोलर पॉवर हब के रूप में विकसित करने की योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अब धरातल पर उतरने लगी है.”

बुंदेलखंड के सातों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा सौर ऊर्जा प्राइवेट कंपनियां अपने बिजली घर स्थापित कर चुकी हैं. इनसे साढ़े 500 मेगावाट से ज्यादा बिजली रोजाना मिल रही है. सौर ऊर्जा से अब तक अछूते रहे विश्व प्रसिद्ध धार्मिक क्षेत्र चित्रकूट में भी अब सौर ऊर्जा उत्पादन शुरू हो गया है. यहां अडानी सोलर एनर्जी लिमिटेड ने छीबों गांव में 25 मेगावॉट का सौर ऊर्जा यंत्र चालू कर दिया है. उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड के बांदा स्थित 220 केवी सब स्टेशन अधिशासी अभियंता (ट्रांसमीशन) रवि वर्मा ने बताया कि छीबों के सौर ऊर्जा प्लांट में पैदा होने वाली बिजली पॉवर कार्पोरेशन के मऊ और चित्रकूट सब स्टेशन में ली जाएगी. दिन में पैदा होने वाली यह बिजली क्षेत्र में आपूर्ति की जाएगी. वर्मा ने बताया कि रात में सौर ऊर्जा उत्पादन बंद होने के बाद प्लांट को जरूरत के मुताबिक बिजली सब स्टेशन से दी जाएगी. चित्रकूट जिले के मऊ छीबों गांव में 50 मेगावॉट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट भी लगाया गया है. यह 30 जनवरी को चालू होने की उम्मीद है. इसके चालू हो जाने पर चित्रकूट जिले में दो सौर ऊर्जा यंत्रों की कुल क्षमता 75 मेगावॉट हो जाएगी. इस प्लांट से चित्रकूट जिले के सरैंया गांव में स्थित 220 केवी सब स्टेशन को दिन में बिजली आपूर्ति की जाएगी. उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन के एक अधि‍कारी बताते हैं कि सौर ऊर्जा कंपनियों में आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते इनके द्वारा उत्पादित की जा रही बिजली की दरें भी घटी हैं. पूर्व में यह कंपनियां सात रुपये प्रति किलोवॉट (यूनिट) की दर से बिजली बेच रही थीं. अब घटकर तीन रुपये प्रति यूनिट तक आ गई हैं.

योगी सरकार ने बुंदेलखंड में सौर विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 4,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरीडोर का निर्माण करने की योजना तैयार की है. इस कॉरीडोर में उत्पादित ऊर्जा की निकासी के लिए पारेषण तंत्र के विकास पर लगभग 5,500 करोड़ रुपए का निवेश होगा. वर्ष 2021 से वर्ष 2025 तक 4 वर्षों में प्रतिवर्ष 1,000 मेगावॉट की परियोजनाएं स्थापित कर लक्ष्य हासिल किया जाएगा. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की अल्ट्रा मेगा रिन्युएबल सोलर पॉवर पार्क योजना के तहत 1,200 मेगावॉट क्षमता की जालौन में सोलर पावर पार्क की स्थापना की सैद्धांतिक सहमति मिल गई है. इस पार्क की स्थापना यूपीनेडा एवं एनएचपीसी लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम बुंदेलखंड सौर ऊर्जा लिमिटेड (बीएसयूएल) करेगा. इसी योजना के तहत 600-600 मेगावॉट क्षमता की सोलर पॉवर पार्क की झांसी और ललितपुर में स्थापना की सैद्धांतिक सहमति दी गई है. इन सोलर पार्क की स्थापना यूपीनेडा एवं टीएचटीसी लिमिटेड के संयुक्त उपकम टीयूएससीओ लिमिटेड द्वारा की जाएगी.

बुंदेलखंड में इस तरह उत्पादित हो रही सौर ऊर्जा

जिला              उत्पादन क्षमता                     उत्पादक कंपनियां

बांदा                25 मेगावाट                        अज्योर पॉवर प्लांट

चित्रकूट              25 मेगावाट                    अडानी सोलर एनर्जी लिमिटेड

महोबा/हमीरपुर       200 मेगावाट             अडानी, सुखवीर, स्पाइनल सौर ऊर्जा कंपनियां

उरई                130 मेगावाट                        अज्योर, जैक्शन

झांसी               70 मेगावाट                        अडानी, यूपी नेडा

ललितपुर            70 मेगावाट                     सुखवीर, समाविष्ट, जैक्शन

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