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साइकोलाज

एकांत में उम्मीद को बनाएं साथी

लॉकडाउनः अकेले में खुश रहना पागलपन नहीं कला है

10 मई 2020

कोरोना काल में गैब्रियल ग्रेसिया मार्खेज के 1967 के उपन्यास वन हंड्रेड इयर ऑफ सॉलीट्यूड (One Hundred Years of Solitude)के शीर्षक की याद बार-बार आती है. एक सौ नहीं, अगर सौ दिन भी एकांत में रहना पड़ा तो क्या होगा?

मेंटल हेल्थ के लिए जरूरी डोज देती है प्रकृति

साइकोलाजः प्रकृति से दूर पले-बड़े बच्चों में होती है यह बीमारी

03 मई 2020

अमेरिका मनोवैज्ञानिक रिचर्ड लव ने बताया प्रकृति से दूर पले-बड़े बच्चों के व्यक्तित्व में कम होता है आत्मविश्वास, जिद्दीपन और अड़ियल रवैया उन्हें बनाता है एंटीसोशल या दब्बू.

कोरना संकट और टेक्नोलॉजी

कोरोना संकट के बाद दुनिया होगी ज्यादा 'टेक्नोफ्रेंडली' !

22 अप्रैल 2020

ऑनलाइन एजुकेशन, आनलाइन मेंटल काउंसलिंग, और ज्यादा ऑनलाइन शॉपिंग, आनलाइन डॉक्टरों से सलाह यानी इन दिनों दुनिया असल कम वर्चुअल ज्यादा नजर आती है.यह त्रासदी एक टक्नोफ्रेंडली दुनिया का विकल्प भी देकर जाएगी!

मानसिक स्वास्थ्य के लिए वरदान है, प्रकृति का संग

साइकोलाजः लॉकडाउन के बीच कहीं घूमकर आएं, प्रकृति की सैर कर आएं !

10 अप्रैल 2020

केरल में कोरोना उपचार के बीच मेंटल हेल्थ को लेकर भी सरकार सजग हुई है. जैसा कि पहले से ही रिपोर्ट आ रही थीं कि यह महामारी मेंटल हेल्थ के लिए भी खतरनाक साबित होगी. कुछ महीनों में कोरोना दौर खत्म होगा ही और फिजिकल हेल्थ की रिकवरी भी तय है. लेकिन मेंटल हेल्थ में खरोंचे बाकी रहेंगी. डर, तनाव, चिंता के निशान लंबे समय तक रहेंगे.

फोटो साभार-इंडिया टुडे

साइकोलाजः आपकी दहशत हमलावर वायरस के लिए है खतरनाक हथियार

20 मार्च 2020

प्रतिरोधक सिस्टम (immune system)कई लाखों कोशिकाओं से मिलकर बनता है. इनमे कुछ कोशिकाओं का काम ही होता है बीमारी से लड़ना और आपको स्वस्थ्य रखना. पूरे शरीर के भीतर यह कोशिकाएं यात्रा करती रहती हैं. इन्हें फाइटर सेल्स (लड़ाकू कोशिकाएं) भी कहते हैं. यह यात्रा बेमकसद नहीं होती.

हनुमान भक्त अरविंद केजरीवाल

साइकोलाजः...तो कमल छाप राजनीति के नए मुरीद हैं, केजरीवाल

18 फरवरी 2020

सियासत के ट्रेंड सेटर फिलहाल तो नरेंद्र मोदी ही हैं. मुद्दों को मोड़ने के महारथी प्रधानमंत्री मोदी को पटखनी देने वाले सबसे ताजा मुख्यमत्री अरविंद केजरीवाल ने भी साबित कर ही दिया की इस देश में राजनीति करनी है तो विकास मुद्दा हो सकता है लेकिन सूची में पहले नंबर पर 'धर्म' ही होगा. पिछले दो बार से अलग इस बार दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का यह अरविंद (कमल) अवतार है ?  तो क्या देश के नेताओं को 'स्टॉक होम सिंड्रोम' हो गया है? यानी सियासी विपक्ष भाजपा की कथित तौर पर धर्म की सियासत के ही मुरीद तो नहीं हो बैठे हमारे विपक्षी नेता? खैर, खबरों की मानें तो  दिल्ली के लोगों को इस बार उनके हनुमान भक्त अरविंद केजरीवाल ने सौगात में सुंदरकांड का पाठ दिया है.

सिर्फ दर्द भरे नगमें नहीं, कुछ सुखद धुनों के भी हकदार हैं आप

साइकोलोजः दूसरों को कोसते-कोसते खुद पर खंजर तो नहीं घोंप रहे आप?

05 फरवरी 2020

हां यह अजीब है, शायद सबसे ज्यादा अजीब कि आप खुद से ज्यादा उस व्यक्ति को वक्त देते हैं जिसके बारे में आपको लगता है कि उसने आपको दर्द दिया या फिर लगातार तकलीफें देता रहता है. पूछिए खुद के लिए आप अहम हैं या आपका बनाया हुआ वह दुश्मन?