scorecardresearch
 

राकेश धर द्विवेदी के गीतों को अब मिला सुर और संगीत

राकेश धर द्विवेदी की दो रचनाओं ‘चिरैया’ और ‘होली खेलन आए श्रीराम’ को एक म्यूजिक कंपनी ने हाल ही में रिलीज किया है.

X
राकेश धर के कविता संग्रह 'कंक्रीट के जंगल' की दो रचनाओं को म्यूजिक कंपनी ने रिलीज किया है राकेश धर के कविता संग्रह 'कंक्रीट के जंगल' की दो रचनाओं को म्यूजिक कंपनी ने रिलीज किया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राकेश धर का कविता संग्रह 'कंक्रीट के जंगल' कुछ साल पहले प्रकाशित हुआ था
  • 'चिरैया' में गौरैया को संरक्षित करने का संदेश दिया गया है
  • एक अन्य अवधी लोकगीत में भगवान श्रीराम के विवाह का वर्णन किया गया है

कवि की सबसे बड़ी कामयाबी यह होती है कि उसकी कविताएं गाई जाएं और उन्हें स्वर मिले. और, सरकारी अधिकारी का दायित्व निभाते हुए लेखन कार्य करने वाले साहित्यकार राकेश धर द्विवेदी को यह सफलता हासिल हुई है. उनकी दो रचनाओं को न सिर्फ स्वर और सुर मिले हैं बल्कि एक म्यूजिक कंपनी ने इसे रिलीज किया है. 

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन दिल्ली में सहायक भविष्य निधि आयुक्त के पद पर कार्यरत द्विवेदी की दो रचनाओं ‘चिरैया’ और ‘होली खेलन आए श्रीराम’ को एक म्यूजिक कंपनी ने हाल ही में रिलीज किया है. इसमें स्वर और संगीत रजब अली भारती का है. द्विवेदी ने बताया कि उनके कविता संग्रह ‘कंक्रीट के जंगल’ से ये दोनों रचनाएं ली गई हैं. उनका कविता संग्रह कुछ साल पहले आया था जिसमें ज्वलंत मुद्दों पर लिखी गई कविताएं शामिल थीं. 'चिरैया' में मूल रूप से गौरैया को संरक्षित करने का संदेश दिया गया है. द्विवेदी बताते हैं कि यह बिहार और दिल्ली का राज्य पक्षी है. इसके संरक्षण के लिए गौरैया दिवस मनाया जाता है और इसी मौके पर म्यूजिक कंपनी ने यह गीत जारी किया.   

उन्होंने बताया कि एक अन्य लोकगीत अवधी में उन्होंने लिखा है जिनमें भगवान श्रीराम के विवाह का वर्णन किया गया है. यह भी संगीतमय रूप में बाजार में आ गया है. द्विवेदी कहते हैं कि यह सब लिखने की प्रेरणा बचपन में दादी-नानी से सुने गीतों को याद करते हुए उन्हें मिली. उन गीतों में समाज और पर्यावरण को बचाने का संदेश होता था. इसलिए उन गीतों को नए अंदाज में जीवित रखने का प्रयास उन्होंने किया है.

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें