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सबरंग

फातिमा सना शेख

कॉमेडी मैं पहली बार कर रही हूं: फातिमा सना शेख

30 अक्टूबर 2020

दंगल गर्ल फातिमा सना शेख इन दिनों अपनी दो फिल्मों को लेकर चर्चा में हैं. एक है 'सूरज पे मंगल भारी' तो दूसरी 'लूडो' है.

मिर्जापुर-2 में भी अनंग्शा बिस्वास धमाल मचाने को तैयार हैं

'मिर्जापुर' की जरीना हर दिल पर राज करेगी: अनंग्शा बिस्वास

15 अक्टूबर 2020

अनंग्शा बिस्वास कहती हैं कि इस बार जरीना का कैरेक्टर ग्राफ बहुत बदला हुआ दिखेगा और दर्शकों को काफी मजा आएगा.

हल्दीवीटा के उत्पाद

हल्दीवीटा से करें सेहत की सुरक्षा

05 अक्टूबर 2020

आयुर्वेदिक फार्मूले से तैयार किया गया है यह स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद. समीर गुप्ता और अंकित खंडूरी ने खड़ा किया अपना यह अनूठा उद्यम.

फिल्म 376डी 9 अक्तूबर को रिलीज होगी

बलात्कार के शिकार पुरूष के दर्द को बयान करती है फिल्म 376डी

05 अक्टूबर 2020

बलात्कार के मामले पर बनी फिल्म ‘376डी’ 9 अक्तूबर को शेमारू बॉक्स ऑफिस पर दिखाई जाएगी. लेकिन यह फिल्म थोड़ी लीक से हटकर है. इसमें बलात्कार की शिकार कोई महिला नहीं है बल्कि एक पुरुष है.

शरमन जोशी

हर धर्म का सम्मान करना चाहिए: शरमन जोशी

27 अगस्त 2020

फिल्म 'ग्राहम स्टेंस-एक अनकही सच्चाई' में शरमन जोशी ने एक खोजी पत्रकार की भूमिका निभाई है. इस फिल्म में शरमन ने किस तरह से सच्चाई को पेश किया है, उस बारे में उनसे बातचीत के मुख्य अंश.

आपटा स्टेशन

बॉलीवुड को इसलिए पसंद है आपटा स्टेशन

31 जुलाई 2020

बॉलीवुड के लिए मध्य रेलवे का आपटा स्टेशन सबसे ज्यादा पसंदीदा रेलवे स्टेशन है. यहां दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का वह लोकप्रिय ट्रेन का सीन फिल्माया गया था जिसमें अमरीश पुरी काजोल से कहते हैं, "जा सिमरन जा जी ले अपनी जिंदगी."

पंडित पारसनाथ (फोटोः नवीन कुमार)

अवसाद मिटाने की दवा है संगीत: पंडित पारसनाथ

04 जुलाई 2020

बनारस घराने के युवा बांसुरी वादक पंडित पारसनाथ का विश्वास है कि संगीत अवसाद मिटाने की दवा है. इसमें बांसुरी की धुनें भी हैं जो संगीत प्रेमियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है.

फोटोः इंडिया टुडे

स्मृतिशेषः मां से किया वादा ताउम्र निभाया सुशांत सिंह राजपूत ने

18 जून 2020

इस इंडस्ट्री का दस्तूर है कि जब कोई ऐक्टर एक फिल्म की वजह से दूसरे प्रोड्यूसरों को निराश करता है तो उसके करियर को तबाह करने वाले भी खड़े हो जाते हैं और इसका कड़वा अनुभव सुशांत को हुआ होगा, इस सच्चाई को नकारा नहीं जा सकता है. लेकिन सुशांत कमजोर नहीं थे.

धारावाहिक बुनियाद के सेट पर रमेश सिप्पी (फोटोः इंडिया टुडे)

धारावाहिक ‘बुनियाद’ आधुनिक भारत के एक अहम कालखंड का दस्तावेज है

13 जून 2020

अगर किसी को 20वीं सदी के शुरुआत से लेकर देश की आज़ादी और बंटवारे की कहानी समझनी हो तो ‘बुनियाद’ उसके लिए ज़रूरी धारावाहिक है.

गीतकार योगेश नहीं रहे

स्मृतिशेषः गीतकार योगेश ने ठीक लिखा था, जिंदगी कैसी है पहेली

30 मई 2020

गीतकार योगेश के गीत अपनी ख़ूबसूरत ज़बान, इमैज़िनेशन और बेहतर सोच के साथ बिल्कुल अलग नज़र आते हैं. उनके गीतों में एक ऐसा जीवन दर्शन है जो दुखी मन पर मरहम लगाता है. लोगों को जीने की प्रेरणा देता है. अंधेरों में रोशनी की लकीर खींच देता है.

गीतकार योगेश नहीं रहे

स्मृतिशेषः जिंदगी और रिश्तों के मुकम्मल जहां थे योगेश

30 मई 2020

जिंदगी कैसी है पहेली...गीत लिखने वाले गीतकार योगेश सामान्य जिंदगी जीते हुए बेहद खुश थे. उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं थी. क्योंकि, उन्होंने जिंदगी और रिश्तों को ताउम्र जिया और यही उनके लिए मुकम्मल जहां था