scorecardresearch
 

चुनावी बाजी पलटने की जिम्मेदारी मोदी को

देश भर में बन रहे क्षेत्रीय दलों के गठबंधन भाजपा की चिंता बढ़ी, अब पार्टी नरेंद्र मोदी के करिश्मे के भरोसे

नरेंद्र मोदी के सहारे है भाजपा नरेंद्र मोदी के सहारे है भाजपा

देश भर में बन रहे क्षेत्रीय दलों के गठबंधन की चिंता से वाकिफ भाजपा ने बाजी पलटने की जिम्मेदारी सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कंधे पर डाल दी है. कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वह इस बात की चर्चा हर उपलब्ध प्लेटफॉर्म पर करना शुरू करें कि 2019 लोकसभा चुनाव के लिए चेहरा और मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही हैं. इन मुद्दों को आगे कैसे बढ़ाना है, कार्यकर्ताओं को क्या और कैसे बोलना है, क्या नारे लगाने हैं और क्या करना और क्या नहीं करना है इसको लेकर मंगलवार 16 जनवरी को पूरा खाका तैयार और स्वीकृत होने की उम्मीद है.  

अगामी लोकसभा चुनाव के वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में बनी प्रचार प्रसार कमेटी की तीन बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया कि चुनाव में तीन स्तर पर फोकस किया जाए जिसकें केंद्र में पीएम होंगे. 

जिन तीन मुद्दों पर फोकस रखा जाएगा वह है नेतृत्व, प्रदर्शन और मजबूत सरकार. 

भाजपा सूत्रों का कहना है कि पहला फोकस इस पर रखा जाएगा कि मोदी के मुकाबले किसी भी दल के पास कद्दावर नेता नहीं है. मोदी की नीयत, मेहनत और फैसला लेने की क्षमता को जोरदार तरीके से लोगों के सामने रखा जाएगा. इन तीनों बिंदुओं पर फोकस करने के लिए प्रभावी और कैची स्लोगन तैयार किए जा रहे हैं. स्लोगन को छोटा रखा जाएगा. खास बात यह है कि कार्यकर्ताओं को इस बात के लिए विशेष रूप से सावधान रहने को कहा जाएगा कि प्रचार-प्रसार और चर्चा के दौरान किसी भी तरह से स्लोगन अतिरेक नहीं लगे न ही उसमें अहंकार की ध्वनि हो. 

गौरतलब है कि 2004 में वाजपेयी सरकार के समय शाइनिंग इंडिया (भारत उदय) के नारे से लोगों में सरकार की उपलब्धि बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की चर्चा शुरू हो गई थी जिसे विपक्षी दलों ने यह कहते हुए और हवा दी कि यह सरकार (वाजपेयी सरकार) अहंकार में है. इसलिए इस बार सावधानी बरती जा रही है.

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें