scorecardresearch
 

अर्थव्यवस्था के अंधेरे में रोशनी देता राजस्थान

शुरुआती छह महीनों में आर्थिक मोर्चे पर निराशाजनक प्रदर्शन करने के बाद तीसरी तिमाही में राजस्थान ने कर और राजस्व के आंकड़ों में उल्लेखनीय सुधार किया है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (एएनआइ) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (एएनआइ)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • राजस्थान उन बड़े राज्यों में ओडिशा के बाद दूसरे स्थान पर है जहां जीएसटी संग्रह में सुधार हुआ है
  • राज्य में जीएसटी अनुपालन भी 84 प्रतिशत दर्ज किया गया है
  • राजस्थान सरकार ने जीएसटी और अन्य करों की चोरी की जांच के लिए अभियान शुरू किए हैं

पिछले कुछ समय से राजस्थान सरकार ने कथित तौर पर जीएसटी और अन्य करों की चोरी की जांच के लिए अभियान शुरू किए हैं. इसके नतीजे कर संग्रह के आंकड़ों में दिखाई देने लगे हैं- हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान उन बड़े राज्यों में ओडिशा के बाद दूसरे स्थान पर है जहां जीएसटी संग्रह में सुधार हुआ है. राजस्थान में दिसंबर 2019 के मुकाबले दिसंबर 2020 में इसमें काफी बढ़ोतरी दिखी है. राज्य में जीएसटी अनुपालन भी 84 प्रतिशत दर्ज किया गया है जो कि 78 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से बहुत आगे है. इसके पीछे की वजह राज्य सरकार के फर्जी इनवाइस और टैक्स चोरी के खिलाफ अभियान के साथ कोरोना पाबंदियों से उद्योगों को सही वक्त पर मुक्त करना भी शामिल है.

राज्य का टैक्स और नॉन टैक्स रेवेन्यू भी पिछले तीन महीनों के दौरान पिछले साल के इसी कालखंड के मुकाबले बेहतर रहा है. यह अक्तूबर 2019 के 4,758 करोड़ रु. के मुकाबले अक्तूबर 2020 में 5,797 करोड़ रु. रहा, इसी तरह नवंबर 2019 के 5,402 करोड़ रु. के मुकाबले नवंबर 2020 में 5,829 करोड़ रु. और दिसंबर 2019 के 5,033 करोड़ रु. के मुकाबले दिसंबर 2020 में 6,087 करोड़ रु. रहा. दिसंबर 2020 में पहली बार मासिक कलेक्शन 2019 के इसी महीने के हर पहलू के लिहाज से बेहतर रहा- जिसमें सेल्स टैक्स, वैट, जीएसटी, स्टेज एक्साइज, स्टॉम्प ऐंड रजिस्ट्रेशन, वाहनों पर कर और खनन से हासिल राजस्व शामिल है.

यह सुधार पहले छह महीने के खराब प्रदर्शन के बाद दिखा. मौजूदा वित्त वर्ष में राजस्थान सरकार ने 33,109 करोड़ रुपए का राजकोषीय घाटा झेला है जबकि पूरे साल के लिए राजकोषीय घाटे की अनुमानित रकम 33,922 करोड़ रु. है. इसी तरह राजस्व घाटा पहले छह महीनों में 27,958 करोड़ रु. रहा जबकि इस मद की पूरे साल की अनुमानित रकम 12,345 करोड़ रु. थी. ये आंकड़े राज्य सरकार ने राजस्थान फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी ऐंड बजट मैनेजमेंट अधिनियम के तहत अनिवार्य रिपोर्ट में जारी किए हैं. इससे महामारी के चलते हुए लॉकडाउन के राज्य की सेहत पर पड़े भीषण दुष्प्रभाव का पता चलता है. आर्थिक मोर्चे पर पहले छह महीनों में निराशाजनक प्रदर्शन पेट्रोलियम और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर के अलावा एसजीएसटी और एक्साइज ड्यूटी के संग्रह में कमी की वजह से दिखा है.

इससे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सामने बड़ी चुनौती आ गई है जो कि राज्य के वित्त विभाग के भी मुखिया हैं और इस साल फिर बजट पेश करेंगे. वे कहते हैं कि कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार की आर्थिक सहायता की अपील को केंद्र सरकार नजरअंदाज कर रही है. राज्यों के पास फिलहाल वित्तीय प्रबंधन के के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है. वे कहते हैं, “मैंने पहले भी यह किया है और अब फिर करके दिखाऊंगा.”

अनुवादः मनीष दीक्षित

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें