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किसानों की आय में वृद्धि के लिए पतंजलि के पास भावी योजनाएं हैंः स्वामी रामदेव

‘नव हरित क्रांति-एन एग्रो विजन’ डॉक्यूमेंट के माध्यम से कृषि से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के निस्तारण, कृषि को सरल बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए भावी योजनाओं पर विचार किया गया.

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पतंजलि के कार्यक्रम में स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और अन्य लोग पतंजलि के कार्यक्रम में स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और अन्य लोग
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रामदेव ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए पतंजलि के पास भावी योजनाएं हैं
  • आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि ने किसान और सरकार के बीच की दूरी को खत्म किया
  • पतंजलि ने 'नव हरित क्रांति-एन एग्रो विजन' डॉक्यूमेंट तैयार किया है

स्वामी रामदेव के दिशानिर्देशन और आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि अनुसंधान संस्थान के करीब 150 वैज्ञानिकों ने भारतीय किसान तथा कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है. इस योजना को ‘नव हरित क्रांति-एन एग्रो विजन’ पुस्तक में संकलित किया गया है. हरिद्वार में 19 दिसंबर को इस संकलन के माध्यम से कृषि से जुड़ी बुनियादी समस्याओं के निस्तारण, कृषि को सरल बनाने और किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए भावी योजनाओं पर विचार किया गया. 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए पतंजलि के पास भावी योजनाएं हैं. उन्होंने कहाकि जैविक कृषि प्रशिक्षण से लेकर जैविक खाद, उच्च गुणवत्तायुक्त बीज और उर्वरक कम कीमत पर किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं. उन्होंने बताया कि अब तकनीक के क्षेत्र में भी पतंजलि ने किसानों की सहायता के लिए आधुनिक ऐप डेवलप किए हैं, जिनकी मदद से भूमि की जीयो-मैपिंग, जीयो फैंसिंग तथा मौसम का पूर्वानुमान जैसी बुनियादी जानकारियां आसानी से सुलभ हो सकेंगी.

कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि का लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि करना, कृषि संबंधी डिजिटल सॉल्यूशन्स तथा सरकार की सभी योजनाओं का लाभ देश के अंतिम किसान तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से विगत एक दशक में पतंजलि अनुसंधान संस्थान के माध्यम से वैज्ञानिकों की ओर से विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि पतंजलि ने किसान और सरकार के बीच की दूरी को खत्म करने का काम किया है. उन्होंने कहा कि अगर इस विजन डॉक्यूमेंट को धरातल पर उतारा गया तो किसानों को इसका लाभ जरूर मिलेगा.

इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद्र ने कहा कि पतंजलि ने कृषि संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए एक बुनियादी ढांचा तैयार कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह संभावनाएं तलाशने वाला नहीं, बल्कि संभावनाएं क्रिएट करने वाला डॉक्यूमेंट है. वहीं, कृषि नीति विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि पतंजलि का डॉक्यूमेंट बहुत व्यापक और महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि किसानों की दशा सुधारने के लिए किसी को नेतृत्व करना होगा और पतंजलि ऐसा करने में सक्षम है.

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