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बिटकॉइन जैसी करेंसी जियोकॉइन ला सकती है रिलायंस

जियोकॉइन ला सकती है रिलायंस, बिटकॉइन जैसी होगी रिलायंस की क्रिप्टोकरेंसी, ई-कॉमर्स कंपनियों से टाइअप के आसार, आकाश अंबानी के जिम्मे प्रोजेक्ट, अभी ब्लॉकचेन प्रोडक्ट देख रहे हैं मुकेश अंबानी के पुत्र 

जियोकॉइन ला सकती है रिलायंस जियोकॉइन ला सकती है रिलायंस

अरबपतिमुकेश अंबानी बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी लाने का इरादा रखते हैं. लाइवमिंटवेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेशके पुत्र आकाश अंबानी के नेतृत्व में 50 लोगों की टीम जियोकॉइन नामक प्रोजेक्टपर काम करेगी. 

भारत में फिलहाल वर्चुअल करेंसी या आभासी मुद्रा जिसका नोट-सिक्कोंकी तरह कोई रूप नहीं है, को सरकार से मान्यता नहीं मिली है.अहमदाबाद में क्रिप्टोकरेंसी के जानकार कह रहे हैं कि रिलायंस का जियोकॉइन शायदकंपनी के खुद के एक्सचेंज के साथ आए और इसका इस्तेमाल ऑनलाइन शॉपिंग में मुमकिनहो.

दुनियामें बिटकॉइन के अलावा करीब एक हजार से ज्यादा क्रिप्टोकरेंसी चलन में हैं. 

फिलहालआकाश अंबानी के लिए टीम बनाई जा रही है. ये टीम मुख्य रूप से ब्लॉकचेन प्रोडक्टतैयार करने के लिए बनाई जा रही है. ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी लेनदेन और हिसाब-किताब केलिए सबसे सुरक्षित माना जाता है. यह सर्वर आधारित नहीं बल्कि क्लाउड पर आधारित है. 

अहमदाबाद के साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट मनन शाह ने इंडिया टुडे से बातचीत मेंबताया, रिलायंस का वर्चुअल करेंसी बिजनेस बतौरएक्सचेंज हो सकता है. ई-कॉमर्स कंपनियों से टाइ-अप करके अपने एप्लीकेशन के जरियेइसे लांच कर सकते हैं. फिलहाल इन्होंने कंसेप्ट लांच किया है कि हम फ्यूचर में येला सकते हैं. 

रिलायंस की क्रिप्टोकरेंसी के खरीद-बेच के काम में इस्तेमाल होने केज्यादा आसार हैं. इसके यूजर्स को ऑनलाइन शॉपिंग में फायदा होने उम्मीद है. इसकीमाइनिंग भी देश में करने पर फिलहाल कोई सरकारी बाधा नहीं है.

क्रिप्टोकरेंसीकी सुरक्षा पर शाह का कहना है कि ये हैकिंग प्रूफ नहीं है. आपका वॉलेट या कंप्यूटरका पासवर्ड हैक होने पर वर्चुअल करेंसी हाथ से जाने का खतरा हर जगह बना हुआ है.

मालूमहो कि केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक लगातार लोगों को चेतावनी दे रहे हैं किक्रिप्टोकरेंसी से लेनदेन को सरकार मान्यता नहीं देती है. इस करेंसी की कोई वैल्यूनहीं है और न ही इसके पीछे किसी तरह की गारंटी है. लोग इससे बचकर रहें. 

लेकिनसरकार ने इसे अवैध भी नहीं ठहराया है और न ही अपराध बनाया है. 

सरकार ने इसके लिएकोई कानून, नियम या गाइडलाइन तय नहीं की है. इसीवजह से देश के कई शहरों में क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज काम कर रहे हैं और इसकीमाइनिंग का काम हो रहा है. हमने ऐसे ही एक एक्सचेंज कॉइनसिक्योर को जब फोन किया औरखाता खोलने की बात कही तो उन्होंने आधार, पैनऔर एड्रेस प्रूफ लाने की बात कही. 

बहरहाल, क्रिप्टोकरेंसीमें निवेश जुआ खेलने जैसा ही है. हालांकि जापान समेत कई अन्य देश इसके लेनदेन कोवाजिब करार दे चुके हैं.

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