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नए फॉर्मूले के साथ किसानों से बातचीत करेगी सरकार

कृषि कानूनों और किसानों का धरना, दोनों को होल्ड पर रखने का सुझाव. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर सकते हैं किसान नेताओं से बातचीत.

मंत्रियों के साथ पिछले दौर की बातचीत के दौरान किसान नेता मंत्रियों के साथ पिछले दौर की बातचीत के दौरान किसान नेता
स्टोरी हाइलाइट्स
  • धरने पर डटे किसानों के साथ सरकार नए सिरे से बातचीत करेगी
  • सरकार किसानों से अपने धरने को डेढ़ साल तक स्थगित करने की बात कह रही है
  • कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते किसानों के साथ बातचीत हो सकती है

कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर धरने पर डटे किसानों के साथ सरकार नए सिरे से बातचीत करेगी. सरकार की साख और किसानों का सम्मान, दोनों को बचाते हुए धरना कैसे खत्म हो इसके लिए सरकार ने एक नया फॉर्मूला तय किया है. अनौपचारिक रूप से किसान नेताओं को यह संदेश दिया गया है कि वे सरकार की तरफ से पेश किए जाने वाले नये फॉर्मूले पर सकारात्मक रूप से बात करते हुए समाधान की तरफ बढ़ने में मदद करें.

कृषि मंत्रालय की तरफ से जो नया फॉर्मूला तय किया जा रहा है उसके तीन आयाम हैं. पहला आयाम यह है कि किसानों से कहा जाएगा कि चूंकि डेढ़ साल तक तीनों नए कृषि कानून को लागू करने पर रोक है, इसलिए किसान अपने धरने का मध्यांतर करते हुए उठ जाएं. अर्थात् सरकार किसानों से धरना को खत्म करने के लिए नहीं कहते हुए उसे डेढ़ साल तक स्थगित करने की बात कह रही है. इस बीच औपचारिक और अनौपचारिक तरीके से सरकार और किसान संगठनों की बातचीत चलती रहेगी और अगर समाधान निकल जाता है तो फिर धरने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन अगर समाधान नहीं निकलता है तो फिर किसानों के पास यह विकल्प होगा कि वे धरने पर डेढ़ साल बात दोबारा आ जाएं. दूसरे आयाम के तहत सरकार यह पेशकश करेगी कि अगर किसान चाहें तो सरकार डेढ़ साल की जगह दो साल के लिए कानूनों को होल्ड पर रख सकती है. किसान को भी दो साल के लिए धरना को होल्ड करना चाहिए. तीसरा आयाम यह है कि सरकार किसानों को यह भरोसा देगी कि अगर 2 साल में बातचीत से समाधान नहीं निकला और किसान दोबारा धरने पर आने का फैसला लेते हैं तो उन्हें उन स्थान तक आने दिया जाएगा जहां अभी वे बैठे हुए हैं.

कृषि मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अगले हफ्ते किसानों के साथ बातचीत हो सकती है. सरकार इसकी कोशिश कर रही है. लंबे अंतराल के बाद किसानों के साथ जब सरकार बातचीत के लिए मेज पर आएगी तो उसमें कृषि मंत्री के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हो सकते हैं. राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी जैसे नेताओँ को बातचीत के लिए अधिकृत करने की मांग विभिन्न राजनीतिक हलकों की तरफ से भी की गई है.

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