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कर्नाटक से भाजपा को नई उम्मीद

कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिरने की कगार पर पहुंच गई है. कांग्रेस के 8 और जेडीएस के 3 विधायकों ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है. विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार मंगलवार 9 जुलाई को विधायकों के इस्तीफे पर अंतिम फैसला लेंगे.

फोटो सौजन्यः इंडिया टुडे फोटो सौजन्यः इंडिया टुडे

कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिरने की कगार पर पहुंच गई है. कांग्रेस के 8 और जेडीएस के 3 विधायकों ने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष को भेज दिया है. विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार मंगलवार 9 जुलाई को विधायकों के इस्तीफे पर अंतिम फैसला लेंगे.

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में भाजपा के 105, कांग्रेस के 78, (स्पीकर को छोड़) डेडीएस के 37, बीएसपी के 1 तथा 2 निर्दलीय विधायक है. बहुमत के लिए 113 विधायकों की जरूरत है. कांग्रेस-और जेडीएस के पास इस वक्त बसपा और निर्दलीय को मिला कर 118 सदस्य हैं. 11 विधायकों के इस्तीफे के बाद मौजूदा गठबंधन सरकार अल्पमत में आ जाएगी. ऐसे में 105 विधायकों वाली भाजपा सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है.

हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा का कहना है कि विधायकों के इस्तीफे में भाजपा की कोई भूमिका नहीं है. मुख्य विपक्षी दल होने के नाते स्थिति पर हम निगाह रख रहे हैं. यह सरकार खुद ही अंतर्विरोध से घिरी हुई है और सरकार खुद ब खुद गिर जाएगी. भाजपा की इसमें कोई भूमिका नहीं है. 

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि स्पीकर जब विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे तो निश्चित रूप से भाजपा, सरकार को बहुमत साबित करने के लिए कहेगी. ऐसी स्थिति में यदि सरकार बहुमत साबित नहीं कर सकेगी तो भाजपा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकती है.

केंद्रीय भाजपा नेताओं का कहना है कि कर्नाटक को लेकर वहां की प्रदेश इकाई खुद निर्णय करेगी. भाजपा सूत्रों का कहना है कि तत्काल भाजपा की तरफ से सरकार बनाने के लिए कोई जल्दबाजी नहीं है. स्पीकर के सामने जब मामला जाएगा और वह यदि इस्तीफा स्वीकार करते हैं तभी आगे की रणनीति पर भाजपा बढ़ेगी. फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

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