scorecardresearch
 

'आयुर्वेद को 30 से अधिक देशों में पारंपरिक चिकित्सा के रूप में मिली मान्यता'

आयुर्वेद दिवस पर आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई कालूभाई ने कहा कि आयुर्वेद को वर्तमान में 30 से अधिक देशों में एक पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता मिल चुकी है और वैश्विक स्तर पर इसकी स्वीकृति तेजी से बढ़ रही है.

X
नई दिल्ली में आयोजित आयुर्वेद दिवस 2022 कार्यक्रम
नई दिल्ली में आयोजित आयुर्वेद दिवस 2022 कार्यक्रम
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारतीय आयुष उद्योग का वर्तमान कारोबार 18.1 बिलियन डॉलर है.
  • वर्ष 2014 से 2020 के बीच इसके बाजार का आकार 17 प्रतिशत बढ़ा है.
  • सातवें आयुर्वेद दिवस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भव्य समारोह आयोजित किया गया.

-इंडिया टुडे

नई दिल्ली में आयोजित आयुर्वेद दिवस 2022 कार्यक्रम में आयुष राज्य मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई कालूभाई ने कहा कि आयुर्वेद को वर्तमान में 30 से अधिक देशों में एक पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता मिल चुकी है और वैश्विक स्तर पर इसकी स्वीकृति तेजी से बढ़ रही है.

कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “आयुष, हर्बल उत्पादों और दवाओं का निर्यात 100 से अधिक देशों में किया जा रहा है. आयुष के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए निर्यात प्रोत्साहन परिषद की स्थापना की गई है. रिसर्च ऐंड इन्फॉर्मेशन सिस्टम सेंटर फॉर डेवलपिंग कंट्रीज की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय आयुष उद्योग का वर्तमान कारोबार 18.1 बिलियन डॉलर है. वर्ष 2014 से 2020 के बीच बाजार का आकार 17 प्रतिशत बढ़ा है.

7वें आयुर्वेद दिवस के मौके पर भारत में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भव्य समारोह आयोजित किया गया. इस साल आयुर्वेद दिवस की थीम "हर दिन हर घर आयुर्वेद" रखी गई, ताकि आयुर्वेद के लाभों को जमीनी स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जा सके. छह सप्ताह तक चलने वाले इस उत्सव में देशभर से बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. भारत सरकार के 26 से अधिक मंत्रालयों और विदेश मंत्रालय के मिशन और दूतावासों के सहयोग से आयुष संस्थानों/परिषदों की ओर से 5,000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.

राज्य मंत्री श्री डॉ. मुंजपारा के साथ-साथ इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा; आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल; विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी; एमओए सचिव वैद्य राजेश कोटेचा; जनजातीय कार्य मंत्रालय सचिव अनिल कुमार झा, एमओए विशेष सचिव प्रमोद कुमार पाठक और एआइआइए निदेशक प्रो. (डॉ.) तनुजा मनोज नेसारी सहित विदेशी दूतावासों और डब्ल्यूएचओ-एसईआरओ के प्रतिनिधि शामिल रहे.

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, "आयुर्वेद भारत की प्राचीन परंपरा और धरोहर है. जंगल में रहने वालों के सहयोग से आयुर्वेद को समृद्ध किया जा सकता है. आयुर्वेद ही एकमात्र ऐसा चिकित्सा विज्ञान है, जो बीमारी से बचाव की बात करता है, बीमार होने के बाद इलाज की नहीं."

इस अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, "हर दिन हर घर आयुर्वेद अभियान का उद्देश्य आयुर्वेद और इसकी क्षमता को जन-जन तक ले जाना है. आयुर्वेद को अब वैश्विक स्तर पर जाना जाता है और यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निरंतर एवं अथक प्रयासों से संभव हुआ है. आयुर्वेद रोग निवारण का विज्ञान है. यह प्राचीन ज्ञान है और हम आयुष क्षेत्र में कुछ प्रभावशाली शोध कार्य कर रहे हैं."

वहीं, विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, “यह हमारे पूर्वजों के विज्ञान की सराहना का समय है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद दिवस के अवसर पर एक ऐसे विज्ञान का उत्सव मनाया जाता है, जो 5,000 वर्ष से अधिक पुराना है. पीएम मोदी ने हमेशा आयुर्वेद के विज्ञान को बढ़ावा दिया है और पिछले कुछ वर्षों में यह अपने शिखर पर पहुंच गया है."

एआइआइए निदेशक प्रो. तनुजा मनोज नेसारी ने कहा, ''आई सपोर्ट आयुर्वेद अभियान को सभी का भरपूर समर्थन मिला, जिसमें 1.7 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया. 6 सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम में आयुर्वेद दिवस 2022 पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों में 56 लाख से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया."

इस अवसर पर द आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ इंडिया, द आयुर्वेदिक फॉर्म्युलरी ऑफ इंडिया पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया. औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए आयुष मंत्रालय की ओर से अश्वगंधा-एक हेल्थ प्रमोटर के रूप में विशिष्ट राष्ट्रीय अभियान भी शुरू किया गया, जिसमें इस औषधीय प्रजाति की खूबियों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा. शॉर्ट वीडियो पर आधारित पांच प्रतियोगिताओं के प्रथम पुरस्कार विजेताओं को केंद्रीय आयुष मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की ओर से सम्मानित किया गया.

***

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें