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ऑटो सेक्टर की मंदी की एक वजह सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी : सरकार

भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की तरफ से 19 नवंबर 2019 को संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि ऑटो सेक्टर में बिक्री पर मंदी का साया अन्य सेक्टरों की तरह ही छाया हुआ है लेकिन त्योहारी मौसम में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 0.3% की बढ़ोतरी दिखी है.

फोटो साभारः इंडिया टुडे फोटो साभारः इंडिया टुडे

सरकार ने संसद के भीतर देश की आर्थिक गतिविधियों के सुस्ती की गिरफ्त में होने की बात मानते हुए कहा है कि ऑटो सेक्टर भी इससे अछूता नहीं रहा है. सरकार ने जो कारण इस मंदी के गिनाए हैं उनमें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को भी वजह माना गया है जिसमें कहा गया है कि नई कार खरीदने वालों से थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम तीन साल का और नया दुपहिया खरीदने वालों से पांच साल का लिया जाए. इससे वाहन की कीमतें बढ़ जाएंगी.

सरकार ने ये बात संसद में ऑटो सेक्टर से जुड़ी मंदी पर पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में कही. भारी उद्योग मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की तरफ से 19 नवंबर 2019 को दिए गए जवाब में कहा गया कि ऑटो सेक्टर में बिक्री पर मंदी का साया अन्य सेक्टरों की तरह ही छाया हुआ है लेकिन त्योहारी मौसम में पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में 0.3% की बढ़ोतरी दिखी है.

मंदी के जो कारण सरकार ने गिनाए उनमें-ऑटो सेक्टर को फाइनेंस में कमी, वाणिज्यिक वाहनों के एक्सल लोड में 25 फीसदी की बढ़ोतरी जिससे इस श्रेणी के नए वाहनों की मांग घटी, सुप्रीम कोर्ट का थर्ड पार्टी प्रीमियम का आदेश, डीलरों के कोलेटरल में 25% से 60% तक की बढ़ोतरी जिससे इन्वेंटरी फाइनेंस में कमी, बीएस 5 उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों की खेप आने वाली है इसलिए लोगों ने बीएस4 वाहनों पर डिस्काउंट के इंतजार में खरीद टालना-शामिल है. साथ ही सरकार ने बताया है कि इससे निपटने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं जिनमें कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, रजिस्ट्रेशन फीस में बढ़ोतरी टालना, बैंकों की तरलता बढ़ाने के उपाय और स्क्रैपेज पॉलिसी पर विचार शामिल हैं.

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