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ओसामा की बीवियों पर अमेरिकी नजर

अब ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अमेरिका जोर दे रहा है कि पाकिस्तान उसके जांचकर्ताओं को अल-.कायदा प्रमुख की बीवियों से पूछताछ की इजाजत दे. उसका मानना है कि ये महिलाएं इस संगठन की अंदरूनी कार्यप्रणाली और उसके भावी आतंकी मंसूबों की जानकारी दे सकती हैं.

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अब ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद अमेरिका जोर दे रहा है कि पाकिस्तान उसके जांचकर्ताओं को अल-.कायदा प्रमुख की बीवियों से पूछताछ की इजाजत दे. उसका मानना है कि ये महिलाएं इस संगठन की अंदरूनी कार्यप्रणाली और उसके भावी आतंकी मंसूबों की जानकारी दे सकती हैं.

1 मई की छापेमारी में जब अमेरिका के विशेष बलों ने अल-.कायदा के भगोड़े नेता को पाकिस्तान के ऐबटाबाद में स्थित उसके आवास के आंगन में मार गिराया था, इस्लामाबाद और वाशिंगटन के बीच तल्ख कहा-सुनी के बाद अमेरिका अब भी क्रोध की आग में जल रहा है. इसलिए कि मारे गए आतंकवादी की तीन पत्नियों से पूछताछ करने वाले पाकिस्तानी गुप्तचर धीरे-धीरे सूचनाएं जारी कर रहे हैं. बताते हैं कि ये महिलाएं सऊदी अरब में पैदा हुईं खैरियाह साबर तथा सिहाम साबर और यमन में पैदा हुई अमाल अहमद अब्दुलफात्ताह उर्फ अमाल अल-साबाह हैं.

ओसामा की एक पत्नी पाकिस्तानी जांच-कर्ताओं के समक्ष पहले ही दो आश्चर्यजनक दावे कर चुकी है. एकः सऊदी अरबपति परिवार का वारिस लादेन अंतिम दिनों में पैसों का मोहताज था. और दूसराः अल-.कायदा दो गुटों में बंट गया है, जिनमें से बड़ा गुट अल-.कायदा के नंबर दो रहे और मिस्त्र में जन्मे चिकित्सक अयमान अल जवाहिरी के नियंत्रण में है.

पाकिस्तान के एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी के अनुसार अमाल ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह अल-.कायदा सरगना के आखिरी गुप्त अड्डे में छह साल से रह रही थी और कभी उस मकान से बाहर नहीं निकली. माना जाता है कि सऊदी अरब में जन्मे ओसामा ने इस दौरान आतंकवादी साजिशों का समन्वय दूर बैठकर किया. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने उस मकान से कंप्यूटर हार्ड डिस्कों, वीडियो और थम्ब ड्राइव्स का पूरा खजाना जब्त किया है, लेकिन वे पिछले छह वर्ष में ऐबटाबाद में उसके जीवन के बारे में ज्‍यादा पुख्ता जानकारी चाहते हैं.

पाकिस्तान अब तीनों विधवाओं से पूछताछ की अमेरिका को सशर्त इजाजत देने के लिए तैयार हो गया है, पर उनकी इद्दत अवधि पूरी हो जाने यानी पति के मरने के चार महीने और दस दिन बीत जाने के बाद ही. सूत्रों का कहना है, ''अमेरिका इस्लामी कानूनों से अच्छी तरह परिचित है, जिनके तहत रेमंड डेविस की रिहाई पक्की की गई थी (डेविस द्वारा मारे गए दो लोगों के परिवारों को कत्ल का मुआवजा दिया गया था), लिहाजा उसने भी इस अवधि के बाद तीनों विधवाओं से पूछताछ की बात मंजूर कर ली.''

इन तीनों में सबसे ज्‍यादा उत्सुकता सबसे युवा पत्नी अमाल को लेकर है. बिन लादेन से उसका निकाह सन्‌ 2000 में यमन में हुआ था, पर वह छह साल पहले ही पति के पास पाकिस्तान में आई. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जब नेवी सील्स ने बिन लादेन के बेडरूम पर धावा बोला था, तो अनुमान है कि पति को बचाने की कोशिश में 24 वर्षीया अमाल को पिंडली में गोली लगी थी.

एक कयास यह है कि अमेरिकियों ने उसे साथ ले जाने की सोची थी, पर जब चौथा रोटरक्राफ्ट उसी परिसर में ध्वस्त हो गया और उसे नष्ट कर दिया गया, तो उनके पास हेलिकॉप्टरों में जगह नहीं बची थी.

ओसामा के शव को अरब सागर में दफनाने ले जाया गया और अमाल को उसकी 12 साल की बेटी साफिया के साथ वहीं छोड़ दिया गया था. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उस इमारत में जो दर्जन भर बच्चे और थे, उनमें ओसामा के कितने थे.

जांचकर्ताओं ने इंडिया टुडे को बताया कि अमाल और उसकी बेटी अब ऐबटाबाद से करीब 80 किमी दक्षिण में स्थित रावलपिंडी छावनी के एक सैनिक अस्पताल में स्वास्थ्यलाभ कर रही हैं. दोनों को पाकिस्तान की आइएसआइ ने हिरासत में ले लिया था. पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसके यमनी पासपोर्ट का चित्र जारी किया है, जिसमें वह पीतवर्ण युवा महिला दिखाई गई है, जिसका सिर नकाब से ढका है.

अमाल ने पाकिस्तानी जांचकर्ताओं के समक्ष एक ऐसे आशिक मि.जाज आतंकवादी नेता का अक्स पेश किया है, जो उस पर उपहार लुटाता रहता था. अमाल का कहना है कि जब ओसामा ने उसे यमन में पहली बार देखा था, तो तभी उस पर लट्टू हो गया था.

शादी के समय अमाल सिर्फ 13 साल की थी. सूत्रों ने अमाल को उद्धृत किया है, ''हमारे बीच उम्र का बहुत फासला होने के बावजूद मेरे घरवालों ने उसके साथ मेरे निकाह को गर्व की बात माना था. ओसामा ने जेवरात और कपड़े खरीदने के लिए मेरे मां-बाप को 5,000 डॉलर दिए थे.'' दूसरी मुलाकात में ओसामा ने उसे 3,200 डॉलर का हीरों का हार भेंट किया, जो वह उसकी मौत तक पहने रही.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने इंडिया टुडे को बताया कि ओसामा की दो बेटियों-22 वर्षीया इमान और 26 वर्षीया मरियम को परिसर पर हुए हमले के दौरान मामूली चोटें आईं. दोनों लड़कियों को उपचार के बाद पूछताछ के लिए रावलपिंडी भेज दिया गया. अधिकारियों के कब्जे में वे आठ या नौ बच्चे भी हैं, जिन्हें अमेरिकी छापे के बाद इस परिसर से पकड़ा गया था.

जांचकर्ताओं को ओसामा के परिवार की कानूनी तौर पर पहचान करने में मुश्किल आ रही है, क्योंकि उनमें से किसी के भी पास पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं हैं. पाकिस्तानी सरकार ने घोषणा की है कि परिवार के बाकी बचे सदस्यों को उनके मूल देशों में भेज दिया जाएगा, लेकिन जैसा कि एक अधिकारी ने स्वीकार किया, ''ऐसा करना बहुत मुश्किल होगा, क्योंकि उनमें से किसी के भी पास किसी प्रकार का यात्रा दस्तावेज नहीं है.''

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