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राजनीति के टॉप 10: टिकने का करिश्मा मनमोहन सिंह

उनके घोषित उत्तराधिकारी राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश में पटखनी खाने के बाद उनकी हैसियत बढ़ गई. क्योंकि 2जी और कॉमनवेल्थ घोटालों, सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह के हमलावर तेवरों, अण्णा हजारे की साल भर चली घेराबंदी और ममता बनर्जी जैसे हमेशा कुछ-न-कुछ वसूलने वाले गठबंधन साझीदारों के बावजूद उनकी सरकार चलती रही.

3 मनमोहन सिंह

79 वर्ष, प्रधानमंत्री (2)

टिकने का करिश्मा

क्योंकि उनके घोषित उत्तराधिकारी राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश में पटखनी खाने के बाद उनकी हैसियत बढ़ गई. क्योंकि 2जी और कॉमनवेल्थ घोटालों, सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह के हमलावर तेवरों, अण्णा हजारे की साल भर चली घेराबंदी और ममता बनर्जी जैसे हमेशा कुछ-न-कुछ वसूलने वाले गठबंधन साझीदारों के बावजूद उनकी सरकार चलती रही.

क्योंकि दुनिया में उनका कद अधिकांश विश्व नेताओं से कहीं ऊंचा है, देश में उनकी प्रतिष्ठा से भी कहीं ज्‍यादा. जो उन्हें वास्तव में छोड़ देना चाहिए रात्रिभोज के जरिए कूटनीति. क्योंकि वरिष्ठ सहयोगी अपनी जगह जूनियर मंत्रियों को भेज देते हैं, जैसा कि 13 मार्च को उनकी ओर से आयोजित पिछले डिनर के दौरान हुआ.

वे आज भी मानते हैं विदेशी हाथ की कहानी को. जुलाई, 2011 के अण्णा हजारे के आंदोलन के वक्त उन्होंने संसद में कहा कि भारत की विकास यात्रा बाधित करने की साजिश चल रही है. फरवरी में उन्होंने कुडनकुलम और जीएम फसलों के विरोध के लिए विदेशी हाथ को दोषी ठहराया.

आखिरी बार मनाई छुट्टी 40 वर्ष पहले नैनीताल में. जब भी उन्हें छुट्टी लेने की सलाह दी जाती है, वे कहते हैं, ''लेकिन मैं करूंगा क्या.'' छुट्टी मनाएं और क्या?

हाल की उपलब्धि: पीएमओ अब ट्विटर पर मौजूद है.

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