scorecardresearch
 

सोना बना भारत के लिए विकास की राह में रोड़ा

भारत में सोने के प्रति निवेशकों का सम्मोहन उत्पादक संपत्तियों में निवेश के आड़े आ रहा. एसोचैम का कहना है कि भारत का स्वर्ण आयात 2015-16 तक बढ़कर 5 लाख करोड़ रु. हो जाएगा. इससे चालू खाते के घाटे का दबाव बढ़ेगा.

हर भारतीय को सोना लुभाता है. लेकिन अब इसके प्रति लोगों की लालसा का देश के वित्तीय बाजारों पर असर महसूस किया जा सकता है. इस पीली धातु को खरीदने पर बढ़ते खर्च ने वित्तीय बाजारों को पीछे छोड़ दिया है.

साल 2012 के पहले ढाई महीनों में भारत में सोने की खरीदारी लगभग 35 फीसदी बढ़ गई. इसका असर दिखा दूसरी संपत्तियों, जैसे जमीन-जायदाद, शेयरों और म्यूचुअल फंड्स में होने वाले सालाना निवेश पर. इसका नतीजा यह है कि देश की बचत में सेंध लग रही है. यहां तक कि भारत की आर्थिक प्रगति पर भी खतरा महसूस होने लगा है.

भारत दुनिया भर में सोने का सबसे बड़ा खरीदार है. वैश्विक सलाहकार मैकिंजी ऐंड कंपनी के मुताबिक यहां सोने का भंडार (भूमि के ऊपर, यानी जो खानों में है उसे छोड़कर) 18,000 टन का है. इसकी कीमत कितनी होगी? बस 40 लाख करोड़ रु. से कुछ ज्‍यादा. यह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पास पड़े सोने के भंडार का लगभग दोगुना है. यह सारी संपत्ति गहनों, सिक्कों और पट्टियों (बार) के रूप में लोगों के घरों की तिजोरियों में पड़ी रहती है. सरकार चाहेगी कि लोगों की बचत का निवेश ज्‍यादा उत्पादक संपत्तियों में, जैसे शेयरों और म्यूचुअल फंड्स में हो क्योंकि इससे विकास दर बढ़ेगी.

मॉर्गन स्टेनले में वरिष्ठ अर्थशास्त्री चेतन आह्या कहते हैं, 'अगर भारतीयों ने यही निवेश अन्य संपत्तियों में किया होता तो देश की सालाना विकास दर 0.4 फीसदी ज्‍यादा होती.' उनका कहना है, '40 लाख करोड़ रु. की बचत को सोने में डालकर छोड़ देने से जीडीपी में अब तक का नुकसान आंका जाए तो यह बहुत बड़ी रकम होती है. सोने में निवेश लगातार बढ़ा है, जबकि शेयर बाजार में निवेश में काफी कमी आई है.'

अर्थशास्त्रियों ने यह चेतावनी भी दी है कि सोने की मांग को पूरा करने के लिए बढ़ते आयात की वजह से भारत को बहुमूल्य विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है. सोने का आयात 2011 में 2.2 लाख करोड़ रु. रहा. कच्चे तेल के बाद सबसे ज्‍यादा खर्च सोने के आयात पर ही हुआ. यह रकम जीडीपी की 2.1 फीसदी और गैर-तेल आयात की 13 फीसदी है.

उद्योग संगठन एसोचैम का आकलन है कि भारत का सोने का आयात 2015-16 तक बढ़कर 5 लाख करोड़ रु. को छू सकता है. जाहिर है कि इससे चालू खाते का घाटा बढ़ेगा. एसोचैम के महासचिव डी.एस. रावत कहते हैं, 'सोने के प्रति भारतीयों की यह असाधारण लालसा खत्म होनी चाहिए. सरकार को चाहिए कि वह लोगों की बचत को दूसरे वित्तीय साधनों की ओर ले जाने के लिए बड़े स्तर पर जानकारी देने का अभियान चलाए और प्रोत्साहन दे. ऐसे वित्तीय निवेश के लिए डाक घरों में मौजूद निवेश के तरीकों का भी प्रयोग हो सकता है.'

एचडीएफसी बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ इस बात से सहमत हैं. उनका मानना है कि शेयर बाजार में निवेश को लेकर भारतीयों में एक डर बैठा हुआ है, जिसके चलते वे अपने धन का निवेश सोने में ही करते रहते हैं. बरुआ कहते हैं, 'यह बात समय-सिद्ध है कि सोना मंदी की स्थिति में सुरक्षा देता है. लेकिन भारतीयों को यह जरूर समझना चाहिए कि सोने में निवेश पर हमेशा सुरक्षित लाभ की गारंटी नहीं होती. बाजार में ऐसे कई साधन उपलब्ध हैं, जिनके जरिये लोग अपनी बचत से फायदा उठा सकते हैं.'

बढ़ती महंगाई के चलते लोगों के हाथ में खर्च या निवेश करने लायक पैसा घटा है. भारत की घरेलू बचत दर साल 2010-11 में घट कर जीडीपी के 9.7 फीसदी पर आ गई. पिछले वित्त वर्ष में यह दर 12.1 फीसदी थी. यह पिछले 13 वर्षों की सबसे खराब स्थिति है. पिछली बार जीडीपी के 10 फीसदी से कम शुद्ध घरेलू बचत दर 1997-98 में थी, जब यह 9.6 फीसदी रह गई थी.

मार्च में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि शेयर बाजार में लोगों का निवेश बहुत कम है, क्योंकि लोगों में इसे लेकर एकदम बेरुखी है. आरबीआइ के पूर्व गवर्नर वाइ. वेणुगोपाल रेड्डी कहते हैं, 'संभावना यही है कि आम भारतीय सोने को एक लोकप्रिय निवेश के रूप में देखना जारी रखेंगे. इस स्थिति को देख कर तुरंत कदम उठाना जरूरी है. यही पैसा जमीन-जायदाद या शेयर बाजार को मजबूती देने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है.'

थॉमसन रॉयटर्स के आंकड़े दिखाते हैं कि सोने में निवेश करने वाले फंडों का प्रदर्शन निवेश के बाकी ज्‍यादातर विकल्पों से कहीं बेहतर रहा है. एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) या 'कागजी सोने' में निवेशकों को 15.2 फीसदी का लाभ मिला है. भारत में गोल्ड ईटीएफ का निवेश 2011-12 में 15 टन का रहा और साल भर में इसके दोगुना हो जाने की संभावना है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें