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एसबीआइ ही नहीं अन्य कंपनियों में भी है महिलाओं का दबदबा

पुरुषों के वर्चस्व वाले पदों पर कब्जा जमाने वाली महिलाओं की संख्या में पिछले एक साल में इजाफा हुआ है. महिलाओं को शीर्ष पद पर पहुंचाने में सरकारी बैंक सबसे आगे हैं.

अरुंधति भट्टाचार्य
चेयरपर्सन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
7 अक्तूबर, 2013 से
देश के सबसे बड़े बैंक के इस पद पर पहुंचने वाली वे पहली महिला हैं. अरुंधति ने 1977 में इसी बैंक से बतौर प्रोबेशनरी ऑफिसर बैंकिंग में अपना करियर शुरू किया था. इस दौरान उन्होंने कई जिम्मेदारियां संभालीं, जैसेः डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर और कॉर्पोरेट डेवलपमेंट ऑफिसर. वे एसबीआइ की सब्सिडियरी कंपनी एसबीआइ कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड और एसबीआइ के न्यूयॉर्क ऑफिस की प्रमुख भी रह चुकी हैं.
निशि वासुदेव
चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, एचपीसीएल
28 फरवरी, 2014 से
आइआइएम-कलकत्ता की पूर्व छात्रा वर्तमान में एचपीसीएल की डायरेक्टर (मार्केटिंग) हैं. वे अगले साल फरवरी में शीर्ष पद पर होंगी. उन्होंने इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड से शुरुआत की थी और उन्हें ऑयल इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है.
दीपक संधु
चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर,
सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन
5 सितंबर, 2013 से
1971 बैच की भारतीय सूचना सेवा (आइआइएस) की अधिकारी संधु इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं. इस पद पर आने से पहले वे डीडी न्यूज की डायरेक्टर जनरल और ऑल इंडिया रेडियो की डायरेक्टर जनरल (न्यूज) भी रह चुकी हैं.
सुधा शर्मा
चेयरपर्सन, सेंट्रल बोर्ड ऑफ
डायरेक्ट टैक्सेज
1 जून, 2013 से
वे 1976 बैच की राजस्व सेवा (आइआइएस) की अधिकारी हैं. वे 7 सदस्यीय सीबीडीटी की सदस्य (लेजिस्लेशन और कंप्यूटराइजेशन) थीं. सीबीडीटी से पहले इनकम टैक्स विभाग में डायरेक्टर जनरल (विजिलेंस) रह चुकी हैं.  
चित्रा रामाकृष्ण
चित्रा रामाकृष्ण
मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
1 अप्रैल, 2013 से
वे क्वालिफाइड चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं. 1991 में एनएसई के लॉन्च होने के समय से ही उसमें हैं. वे सरकार की उस पांच सदस्यीय टीम की सदस्य थीं जिसने देशभर में स्क्रीन आधारित स्टॉक एक्सचेंज बनाने के लिए काम किया था.
विजयलक्ष्मी आर.अय्यर
विजयलक्ष्मी आर. अय्यर
चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर,
बैंक ऑफ इंडिया
5 नवंबर, 2012 से
उन्हें बैंकिंग में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है. उन्होंने 1975 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से करियर शुरू किया था. उसमें वे 12 साल तक फील्ड ऑफिसर रहीं. बैंक ऑफ इंडिया में आने से पहले वे सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में एजिग्क्यूटिव डायरेक्टर थीं.
प्रवीन महाजन
प्रवीन महाजन
चेयरपर्सन, सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज ऐंड कस्टम्स
9 अगस्त, 2012 से
वे 1976 बैच की भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी हैं. दिलचस्प बात यह है कि पहली बार सीबीईसी के बोर्ड में सभी महिलाएं हैं. अन्य सदस्य हैः शीला सांगवान (सर्विस टैक्स), श्रीला घोष (एक्साइज), शांति सुंदरम (लीगल) इत्यादि.
अर्चना भार्गव
अर्चना भार्गव

चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर,
युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआइ)
23 अप्रैल, 2013 से
उन्होंने 2013 में युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआइ) की चेयरपर्सन और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला था. उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर करियर शुरू किया था. वे 34 साल तक पीएनबी में काम कर चुकी हैं. वे कॉर्पोरेट क्रेडिट, प्रायरिटी सेक्टर, प्लानिंग और डेवलपमेंट फील्ड को देख चुकी हैं. यूबीआइ में आने से पहले वे केनरा बैंक में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर थीं.
शुभलक्ष्मी पानसे
शुभलक्ष्मी पानसे
चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर
इलाहाबाद बैंक
4 अक्तूबर, 2012 से
उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से बतौर प्रोबेशनरी ऑफिसर करियर शुरू किया था. इलाहाबाद बैंक में शीर्ष पद हासिल करने से पहले वे विजया बैंक में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर थीं. उन्हें बैंकिंग फील्ड का व्यापक अनुभव है.
सीनियर मैनेजमेंट में महिलाए
वैसे ये महिलाएं अपवाद हैं. कंपनियों में सीनियर मैनेजमेंट पदों पर पुरुषों का वर्चस्व कायम है. अगर ग्रांट थॉर्नटन इंटरनेशनल बिजनेस रिपोर्ट 2013 के खुलासे पर नजर दौड़ाएं तो पता चल जाता है कि जेंडर संबंधी विविधता के मामले में भारत अब भी अन्य कई देशों से काफी पीछे है.

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