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डाइट चार्टः अच्छी सेहत का फॉर्मूला

भोजन में बड़ा हिस्सा सब्जियों, फलों और सूखे मेवों का होना चाहिए. गेहूं की जगह मल्टीग्रेन रोटी, सलाद, दही की मात्रा बढ़ाकर भोजन को पौष्टिक बनाया जा सकता है. विभिन्न आयुवर्ग के लिए पेश है एक आदर्श डाइट चार्ट.

जब मेरी प्लेट में खाना कम होता है तो मैं अच्छा महसूस करती हूं." यह कहना है ईट, प्रे, लव की लेखिका एलिजाबेथ गिलबर्ट का. उनके इस अनुभव से दिल्ली के बीएलके हॉस्पिटल की चीफ डाइटिशियन डॉ. सुनीता रॉय चौधरी भी इत्तेफाक रखती हैं, ''चार बार ज्यादा मात्रा में भोजन करने से अच्छा है छोटी-छोटी मात्रा में छह से आठ बार खाना." इस तरह खाने से बेहिसाब खाने की संभावना कम हो जाती है, भरपूर पोषण मिलता है और शुगर लेवल भी नियंत्रित रहता है. विभिन्न आयुवर्ग के लिए भोजन और पोषण की जरूरत भी अलग होती है. खान-पान में पोषण बढ़ाने का एक नुस्खा क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट और होल फूड्स इंडिया की फाउंडर ईशी खोसला भी बताती हैं, ''भोजन में बड़ा हिस्सा सब्जियों, फलों और सूखे मेवों का होना चाहिए. गेहूं की जगह मल्टीग्रेन रोटी, सलाद, दही की मात्रा बढ़ाकर भोजन को पौष्टिक बनाया जा सकता है." विभिन्न विशेषज्ञों की राय पर आधारित अलग-अलग आयुवर्ग के लोगों के लिए एक आदर्श डाइट चार्ट बनाया गया है.


















































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