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विशेषांकः दोपहिया पर सावधानी जरूरी

यह राज की बात नहीं कि चलाने वालों का कड़ा इम्तिहान लेता है. यहां जानें कि दोपहियों पर बारिश के हमले से कैसे बचें और उसका आनंद लें.

मॉनसून में मोटरसाइकिल की सावधानियां मॉनसून में मोटरसाइकिल की सावधानियां

मुसीबत से बचें
बारिश में कैलिपर्स पर पानी के चलते घर्षण कम होने से ब्रेक की पकड़ ढीली हो जाती है. घर्षण बनाए रखने के लिए पक्का करें कि ब्रेक प्लुइड पूरा भरा हो और ब्रेक पैड अच्छी हालत में हों. बेहतर पकड़ के लिए ड्रम ब्रेक कस दें.

डब्ल्यूडी-40 सरीखे वाटर रिपेलेंट का इस्तेमाल करें. यह धातु सतहों को जंग से भी बचाता है. प्राथमिक ब्रेक के तौर पर पिछले ब्रेक का इस्तेमाल न करें. आगे का ब्रेक लगाने से मोटरसाइकिल सधी रहती है जबकि पिछला ब्रेक लगाने से, खासकर जब यह गीला हो, उसका पिछला हिस्सा रपट सकता है.

ट्रैक्शन की परेशानी
खासकर हल्की बारिश का पानी धूल के साथ मिलकर सड़क पर कीचड़ जमा देता है. यह काली, गंदी और फिसलन भरी होती है. सुरक्षित सवारी का एक तरीका टायरों का अच्छी हालत में होना पक्का करना है. पक्का करें कि टायर की सतह मुहानों पर और बीच में 2-3 मिमी गहरी हो.

टायरों में हवा का दबाव कम रखें क्योंकि इससे उनको संपर्क क्षेत्र ज्यादा मिलता है और ट्रैक्शन बढ़ता है. टायरों में हवा के 29-34 पीएसआइ दबाव की सिफारिश की जाती है. अधिकतम ट्रैक्शन के लिए आप 2-3 पीएसआइ तक कम रख सकते हैं.

दुस्साहसी न बनें
सूखी स्थितियों में आप आम तौर पर जिस रफ्तार से चलते हैं, उससे हमेशा 20-25 किलोमीटर प्रति घंटे धीमी गति से चलें. तेज बारिश में हेडलाइट ऑन रखें, क्योंकि इससे आप दिखते रहेंगे. पानी का स्तर दो फुट से ऊपर हो, तो मोटरसाइकिल से उतर जाएं और उसे पैदल चलाकर ले जाएं.ञ़

अगर लगता है कि आप मोटरसाइकिल पर वहां से निकल सकते हैं तो निचले गियर पर एक ही गति से चलें. अगर आप बीच में फंस जाएं और टेलपाइप पानी में डूब जाए तो इंजन पर जोर न डालें, क्योंकि इससे इंजन में पानी भरेगा और यह जाम हो जाएगा. सर्विस का भारी बिल चुकाना पड़ेगा, सो अलग. 

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