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ऊंचे और असरदारः कोरोना के मोर्चे पर

उन्होंने 17-17 घंटे काम करते हुए तमाम दबावों के बावजूद अपनी आक्रामकता को तिलांजलि दे दी. उन्होंने कोरोना पर विशेष सत्र के दौरान विपक्ष के हमले को शांतचित्त रहकर संभाला

रघु शर्मा, 62 वर्ष स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और सूचना तथा जनसंपर्क मंत्री रघु शर्मा, 62 वर्ष स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और सूचना तथा जनसंपर्क मंत्री

क्योंकि पहली बार मंत्री बनने के बावजूद वे बेहतर ढंग से कोरोना संकट पर काबू पाने वाले स्वास्थ्य प्रबंधन के चेहरे रहे हैं. प्रति दिन 52,000 जांच की क्षमता प्राप्त की

क्योंकि उन्होंने 17-17 घंटे काम करते हुए तमाम दबावों के बावजूद अपनी आक्रामकता को तिलांजलि दे दी. उन्होंने कोरोना पर विशेष सत्र के दौरान विपक्ष के हमले को शांतचित्त रहकर संभाला

क्योंकि गहलोत ने उन्हें टोंक जिले का प्रभारी बना दिया है जहां से पायलट विधानसभा में दाखिल हुए हैं, और इस तरह आने वाले दिनों में उनके लिए अहम राजनैतिक भूमिका का संकेत दे दिया है

सच्चे कांग्रेसी: छात्र नेता के अपने कामयाब दिनों से ही वे सच्चे कांग्रेसी हैं. उन्होंने मैनेजमेंट में डॉक्टरेट और कानून की डिग्री ली है

अशोक पाटनी

66 वर्ष एमेरिटस चेयरमैन, आरके ग्रुप

संगमरमर की चमक

क्योंकि संगमरमर, सीमेंट और बॉडीशॉप में कार्यरत 5,000 करोड़ रु. के इस समूह ने दो साल पहले सस्ते आवास खंड को लक्ष्य करके एक नया उद्यम वंडर होम फाइनेंस लॉन्च किया और बिना किसी बिचौलिये के राजस्थान, गुजरात और उत्तराखंड में 35 शाखाओं के जरिए 2,500 लोगों में हर को औसतन दस लाख रुपए का कर्ज बांटा

क्योंकि वे 100 फीसद ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं यानी पिछले साल का 133 करोड़ रुपए का टर्नओवर अगले साल 270 करोड़ रुपए हो जाएगा

क्योंकि उन्होंने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में सीमेंट कारखाने लगाए हैं, वियतनाम में वे खदानों के मालिक हैं, इसके अलावा जयपुर, राजसमंद, अजमेर और चित्तौडग़ढ़ में उनका पूरा तामझाम है

परिवार: अगली पीढ़ी को अलग-अलग भूमिका सौंप संयुक्त परिवार का कारोबार बनाए रखा

कुलदीप रांका
 

48 वर्ष मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रिंसिपल सेक्रेटरी

भरोसेमंद अफसर

क्योंकि वे मुख्यमंत्री के सक्षम और सर्वसुलभ प्रिंसिपल सेक्रेटरी के तौर पर उभरे हैं. उनके मातहत मुख्यमंत्री का कार्यालय ताकतवर और भरोसेमंद बन गया है क्योंकि गहलोत पदस्थापनाओं, नियुक्तियों और दूसरे प्रशासनिक मसलों पर उनके फीडबैक पर भरोसा करते हैं

क्योंकि वे कई दशकों में इस पद को सुशोभित करने वाले राजस्थान में ही जन्मे पहले आइएएस अफसर हैं और पांच जिलों में कलेक्टर रह चुकने के बाद यहां तक कि अफसरशाहों के बीच भी लोकप्रिय बनकर उभरे हैं

क्योंकि भाजपा के दूसरे कार्यकाल में गहलोत के करीबी होने की सजा भुगतने के बावजूद किसी के भी विरुद्ध बदले का रवैया नहीं अपनाया

पदयात्रा: उन्हें लंबी ट्रेकिंग और सुबह की सैर बहुत पसंद है

डॉ. आदित्य शास्त्री
 

57 वर्ष कुलपति, वनस्थली विद्यापीठ, टोंक

अग्रणी शिक्षाविद्

क्योंकि कोरोना संकट को देखते हुए उन्होंने पूरे शैक्षिक पाठ्यक्रम को ऑनलाइन बना दिया  और छात्रावास में रहने वाली 17 हजार छात्राओं को लॉकडाउन से ऐन पहले घर पहुंचाने का इंतजाम किया

क्योंकि  उन्होंने हाल ही में, उत्कृष्ट व्यापक इंजीनियरिंग शिक्षा उपलब्ध कराने और बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्कूल ऑफ ऑटोमेशन की शुरुआत की, वह भी तब जब अधिकतर इंजीनियरिंग कॉलेजों में बड़ी गहराई से पढ़ाई हो रही है

अल्पज्ञात तथ्य: वे कामयाब महिलाओं को कैंपस में बुलाने का कोई मौका नहीं छोड़ते. जब वे इंडिया टुडे मुंबई कॉन्क्लेव में पीवी सिंधु से मिले तब उन्होंने सिंधु को अपने कैंपस में आमंत्रित किया और उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की

नवीन माहेश्वरी
 

55 वर्ष निदेशक, एलन करियर इंस्टीट्यूट

जलवा बरकरार

क्योंकि अपने तीन भाइयों के साथ, उन्होंने देश के 26 शहरों में दो लाख छात्रों के साथ इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं, खासकर आइआइटी के लिए कोचिंग देने वाले संस्थानों में अगुआ एलन करियर इंस्टीट्यूट का संचालन करना जारी रखा है

क्योंकि उन्होंने कोटा में रहने वाले एक लाख छात्रों के लिए सुरक्षित आवासीय प्रोटोकॉल के आने तक, ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखने की दिशा में काम किया. उन्होंने लॉकडाउन के दौरान छात्रों के घर लौटने के प्रबंध में अपना योगदान दिया  

क्योंकि उनके चार हजार छात्रों ने इस साल जेईई एडवांस क्वालिफाइ किया है और जिनमें से 35 शीर्ष 100 में तथा सात शीर्ष 20 में शामिल हैं

खास बात: छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान करते हैं
—रोहित परिहार

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