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विशेषांकः बरकरार है चमक 

हमने तीन प्रमुख कोर्स प्रोग्राम के लिए नए शैक्षणिक और परीक्षा नियमों को अपनाया है.

नए पहलू नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू में डॉ. सुधीर कृष्णास्वामी नए पहलू नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू में डॉ. सुधीर कृष्णास्वामी

लॉ स्कूल
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलूरू

‘‘महामारी के बावजूद नौकरियों में कोई कमी नहीं आई’’
डॉ. सुधीर कृष्णास्वामी 
वाइस चांसलर, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरू

पिछले एक साल में हमने एक ऐसी ऑनलाइन शिक्षण प्रबंधन प्रणाली तैयार की और उसे अपनाया है जो हर कोर्स के लिए व्यवस्थित और दृष्टिगत सिलेबस और पठन सामग्री की आसान उपलब्धता सुनिश्चित कराती है.

एनएलएसआइयू के ऐच्छिक पाठ्यक्रम कार्यक्रम (इलेक्टिव कोर्स प्रोग्राम) में नए और बौद्धिक रूप से चुनौतीपूर्ण कोर्स की पेशकश की गई है और इसके लिए बाहरी तथा आंतरिक संकाय को एकीकृत किया गया है. शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में 55 बाहरी/अतिथि शिक्षकों ने वैकल्पिक पाठ्यक्रमों की पेशकश की है. 

हमने तीन प्रमुख कोर्स प्रोग्राम के लिए नए शैक्षणिक और परीक्षा नियमों को अपनाया है. इसका मुख्य उद्देश्य अकादमिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोग्राम्स को बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराने की हमारी क्षमता को मजबूत करना है.

शिक्षण प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को सुगम बनाया गया और दूर से इस पर निगरानी रखी गई. मूल्यांकन ऑनलाइन किया गया था और दिव्यांग छात्रों के लिए परीक्षा प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. इंटरनेट और अन्य संबंधित सुविधाओं तक सीमित या खराब पहुंच वाले छात्रों को वित्तीय मदद दी गई.

महामारी के कारण कैंपस हायरिंग से जुड़ी सभी गतिविधियों को ऑनलाइन कर दिया गया. हालांकि इस बदलाव के कारण प्लेसमेंट को लेकर हमारी उम्मीदें पहले जैसी नहीं थीं लेकिन खुशी की बात है कि भर्ती रुझान पिछले वर्षों जैसा रहा. छात्रों के लिए भर्तियों के अवसरों में कोई गिरावट नहीं आई.’’     

(अरविंद गौड़ा से बातचीत पर आधारित)
 

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