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विशेषांकः पूर्वोत्तर का गौरव

राज्य में अपेक्षाकृत शांति ने आर्थिक लाभ और प्रगति को बढ़ावा दिया है

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रौशन शहर इंफाल शहर का एक दृश्य रौशन शहर इंफाल शहर का एक दृश्य

मणिपुर: समग्र रूप से सर्वाधिक सुधार वाला छोटा राज्य

ऐसा लगता है कि मणिपुर उत्कृष्टता को अपनी आदत में तब्दील करता जा रहा है. राज्य लगातार दूसरे वर्ष देश में सबसे बेहतर छोटे राज्य के रूप में उभरा है. वर्ष 2018 के बाद से जब नए पैरामीटर जोड़े गए, इसने 12 श्रेणियों में से सात में अपने प्रदर्शन में सुधार किया है—अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शासन, उद्यमिता और स्वच्छता. और यह उन छोटे राज्यों की सूची में सबसे ऊपर है, जिन्होंने कृषि में सबसे अधिक सुधार किया है, यह आठ दूसरी श्रेणियों में शीर्ष तीन सबसे बेहतर छोटे राज्यों में से एक है.

राज्य के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह मणिपुर की सफलता का श्रेय अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण वातावरण को देते हैं. उनके कार्यभार संभालने से पहले आर्थिक सड़क नाकेबंदी एक तरह से साल भर चलने वाला पहलू बन गए थे. लोगों को काले बाजार में एक एलपीजी सिलेंडर के लिए 2,000 रुपए और एक लीटर पेट्रोल के लिए 200 रुपए का भुगतान करना होता था.

विशेषांकः पूर्वोत्तर का गौरव
विशेषांकः पूर्वोत्तर का गौरव

पिछले चार वर्षों में जबसे सिंह शासन संभाल रहे हैं, ऐसी कोई नाकेबंदी नहीं हुई है. भारतीय सेना के एक काफिले पर हाल ही हुए एक हमले को छोड़कर, जिसमें सात जवानों की जान चली गई, पिछले छह वर्षों में आतंकवाद की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है—आतंक से संबंधित घटनाएं 2014 के 700 के मुकाबले घटकर 2020 में 113 हो गई हैं.

और इस शांति का लाभ कई सारे मोर्चों पर मिला है—2016 के बाद से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद में 200 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है. आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आई है. राज्य ने स्वस्थ विकास का रुझान दिखा है. 2015-16 और 2020-21 के बीच राज्य की जीएसडीपी 14.05 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ी है. राज्य ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी है. राज्य में व्यवसायों का पंजीकरण दूसरे सभी पूर्वोत्तर राज्यों की तुलना में लगभग 75 प्रतिशत ज्यादा है.

हालांकि सिंह विकास के फल का समान वितरण चाहते हैं और मानते हैं कि सुशासन इसकी कुंजी है. मणिपुर भारत का पहला राज्य है, जिसने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना के चार-मुख्य बुनियादी ढांचे की स्थापना की—एक सामान्य सेवा केंद्र, एक राज्यव्यापी क्षेत्र नेटवर्क, एक राज्य डेटा केंद्र और पोर्टल, और एक राज्य सेवा वितरण गेटवे और ई-फॉर्म. मुख्यमंत्री कहते हैं, ''सेवा अदायगी हमारे ध्यान वाले प्रमुख क्षेत्रों में से एक रहा है. मेरा मानना है कि शासन का अंतिम पैमाना नागरिकों की संतुष्टि है.'' सिंह के लिए यह एक धर्म है.

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