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अनजाने नायकः रास्ते ही जिनकी मंजिल हैं

''प्रयास यदि ईमानदारी से किया जाए तो वह चाहे जितना छोटा हो, उससे फर्क पड़ता है''

संदीप सहदेव संदीप सहदेव

वर्षों पहले 2007 में नवदीप असीजा के लिए दिल्ली में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी छोड़ कर गृहनगर पंजाब के फाजिल्का लौट कर गैर-सरकारी संगठन ग्रेजुएट वेलफेयर एसोसिएशन फाजिल्का (जीडब्ल्यूएएफ) शुरू करने का फैसला करना काफी मुश्किल था. इस गैर-सरकारी संगठन का उद्देश्य था अपने कस्बे की सड़कों को सुरक्षित बनाना, रास्ते पर पैदल चलने वालों के अधिकार सुनिश्चित करना और शहर की अर्बन प्लानिंग को उन्नत बनाना.

वे कहते हैं, ''इसके लिए युवाओं को अपनी जड़ों, कस्बे की विरासत और संसाधनों पर गर्वबोध की जरूरत थी.'' 2008 में रिक्शा बुलाने के लिए 'इकोकैब्स' (डायल-ए-साइकिल रिक्शा) नाम से काल सेंटर की स्थापना के उनके प्रयासों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर समाचारों में स्थान दिलाया, जिसके बाद 2011 में उन्हें केंद्रीय नगर विकास मंत्रालय की ओर से उत्कृष्टता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. वे बताते हैं, ''पुरस्कार की पूरी राशि का उपयोग मैंने ईको-कैब पायलटों के लिए मोबाइल फोन खरीदने में किया.''

आइआइटी, दिल्ली से पीएचडी असीजा अब पंजाब सरकार के यातायात प्रबंधन सलाहकार भी हैं. भूतल परिवहन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े 16 विभाग उनके साथ मिलकर राज्य की सड़कों को सुरक्षित बनाने की दिशा में कार्य करते हैं.

जो काम उन्होंने फाजिल्का में शुरू किया था, वह अब बड़ा हो रहा है. असीजा और उनकी 15-सदस्यीय टीम मोहाली में पंजाब पुलिस कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय से काम करती है. असीजा के मुताबिक, यह कार्यालय नहीं प्रयोगशाला है. ''यहां हम भूतल परिवहन में लोगों के सामने आने वाली समस्याओं की पहचान करने और उनका हल निकालने की कोशिश करते हैं.'' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भौगोलिक सूचना प्रणालियों और अन्य डेटा इंटरप्रिटेशन उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने सड़क सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को विकसित करने के साथ चालान प्रबंधन, संपर्कहीन दंडात्मक शुल्क आरोपण और वाहन चोरी रोकने के लिए टोल प्रबंधन का विकास किया है.

इसके अलावा, डेटाबेस से उन्हें सड़कों पर सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थानों (ब्लैक स्पॉट) को चिह्नित करने में मदद मिलती है. उनकी टीम ने पूरे पंजाब में 395 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं. असीजा की टीम तीन क्षेत्रों का विकास कर रही है—वृहत डेटाबेस प्रबंधन, सड़क दुर्घटनाओं की जांच और सड़क सुरक्षा मूल्यांकन तथा अधिकारियों को जागरूक और प्रशिक्षित करना.

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