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विशेषांकः चौतरफा तरक्की

गोवा में बुनियादी ढांचे के सतत विकास के कई अच्छे फायदे सामने आए, राज्य ने शिक्षा से लेकर स्वच्छता तक कई मानकों पर ऊंचे अंक हासिल किए.

बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मंडोवी नदी पर बना केबल वाला पुल बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मंडोवी नदी पर बना केबल वाला पुल

गोवा: बुनियादी ढांचे, शिक्षा, पर्यटन और स्वच्छता में छोटे राज्यों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पहली नवंबर को लौतोलिम और वरना गांवों के बीच 7.32 किलोमीटर लंबी सड़क का उद्घारटन किया और इसके साथ ही गोवा के सबसे बड़े शहरों में से एक पोंडा और राज्य के बड़े बंदरगाह मोर्मुगाव के बीच का सफर 12 किलोमीटर और यात्रा का समय आधा घंटे कम हो गया. यह बीते दो-एक साल में गोवा में बुनियादी ढांचे के सतत विकास की महज एक मिसाल है.

प्रति 1,000 वाहन पर 17 किलोमीटर राजमार्गों के साथ गोवा का सड़क नेटवर्क भारत के सबसे अच्छे नेटवर्क में शामिल है. तीन साल पहले राज्य को मंडोवी नदी पर केबल पर टिका पुल मिला, जिससे पणजी के नजदीक ट्रैफिक की भीड़ कम करने में मदद मिली. तारों पर टिका एक और पुल जुआरी नदी के ऊपर बन रहा है.

विशेषांकः चौतरफा तरक्की
विशेषांकः चौतरफा तरक्की

इसके पूरा होते ही पणजी और दाबोलिम हवाई अड्डे के बीच सफर का समय आधा रह जाएगा. नितिन गडकरी ने पहली नवंबर को ऐलान किया कि इस पुल पर गैलरी भी होगी, जहां से खूबसूरत नजारा देखा जा सकेगा. यह इसे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनाएगी.

राज्य ने 24 घंटे बिजली आपूर्ति और 98.5 फीसद घरों में नल के पेयजल सहित बुनियादी ढांचे के अन्य मानकों पर भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया. बुनियादी ढांचे की वजह से ही राज्य ने स्वच्छता बढ़ाने में लंबे कदम भरे. इससे उसे पानी से पैदा होने वाली बीमारियां कम करने में भी मदद मिली.

साफ-सफाई के पणजी मॉडल ने मानक स्थापित किया है—शहर के नगर निगम ने हाउसिंग सोसाइटियों के अहाते में सूखे, गीले और फिर से उपयोग किए जा सकने वाले कचरे को छांटने की व्यवस्था कायम की है. वह उन्हें कचरे से खाद बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करता है ताकि बाद में उसे खेती में इस्तेमाल किया जा सके.

विशेषांकः चौतरफा तरक्की
विशेषांकः चौतरफा तरक्की

राज्य सांखली में स्थापित कचरा शोधन संयंत्र से 60 मेगावाट बिजली भी बनाता है. फिलहाल राज्य का करीब 70 फीसद शहरी कचरा शोधित किया जाता है. गोवा के करीब 96 फीसद घरों में खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल होता है.

स्वच्छता कायम रखने के लिए लोगों की तत्परता भी जुलाई की उस घटना से भी जाहिर हुई थी, जिसमें यहां की हलडोना पंचायत ने क्रिकेटर अजय जडेजा पर सार्वजनिक जगह पर घर का कचरा फेंकने के लिए 5,000 रुपए का जुर्माना वसूला.

गोवा का पर्यटन क्षेत्र भी कोविड-19 महामारी के बाद पटरी पर लौट रहा है, जिसमें जोर घरेलू सैलानियों पर है. राज्य में हर रोज प्रति 1,00,000 लोगों पर 8.66 उड़ानें संचालित होती हैं. इस स्तर की कनेक्टिविटी से पर्यटन क्षेत्र को मदद मिली है.

पर्यटन मंत्री मनोहर अजगांवकर को उम्मीद है कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी जल्द से जल्द गोवा आने की इजाजत देगी, खासकर जब कई देश महामारी के बाद यात्रा प्रतिबंधों में ढील दे रहे हैं.

गोवा का टीकाकरण अभियान भी प्रभावशाली रहा है. राज्य की पूरी पात्र आबादी को टीके की कम से कम एक डोज और 85 फीसद लोगों को दोनों डोज लगाई जा चुकी हैं. यह भी एक वजह है कि राज्य सरकार अपना पर्यटन क्षेत्र जल्द खोल पाई. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत कहते हैं कि वे गोवा को मेडिकल और एडवेंचर टूरिज्म का गंतव्य बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं.

बुनियादी ढांचे के विकास की बदौलत गोवा शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा काम कर सका. मसलन, राज्य के सभी सार्वजनिक स्कूलों में लड़कियों के लिए अलग शौचालय हैं. इससे छात्राओं के अधबीच स्कूल छोड़ देने की दर कम करने में मदद मिली. पणजी के नजदीक राज्य के शिक्षा केंद्र कुजिरा में तमाम स्कूल विद्यार्थियों की अगवानी करने का इंतजार कर रहे हैं.

राज्य स्तर की टास्क फोर्स ने कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल दोबारा खोलने की सिफारिश की है. इससे ऊपर की कक्षाओं और कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए कक्षाएं पहले ही खुल चुकी हैं.

मुख्यमंत्री सावंत का कहना है कि राज्य अपने यहां चल रही बुनियादी ढांचे की तमाम बड़ी परियोजनाएं अगले छह महीने में पूरी कर लेगा. वे कहते हैं, ''हमने (ये परियोजनाएं) पर्यटन का बुनियादी ढांचा मजबूत बनाने के लिए शुरू की हैं. इस क्षेत्र में भी हम नंबर एक पायदान पर रहेंगे.’’

वे यह भी कहते हैं कि उनकी सरकार ने स्वच्छता से जुड़ी कई केंद्रीय योजनाएं सफलता से पूरी की हैं. इनमें वे परियोजनाएं भी हैं जिनका मकसद ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच बंद करना और सभी घरों में नल का जल पहुंचाना है. वे कहते हैं, ''हमने सड़कों और समुद्रतटों को भी स्वच्छ बनाने पर जोर दिया है.’’

उनका कहना है कि राज्य की ऊंची साक्षरता दर शिक्षकों को हर संभव सहायता मुहैया करने की सरकार की लगातार कोशिशों का नतीजा है. 88.7 फीसद साक्षरता दर के साथ गोवा देश के अत्यधिक साक्षर राज्यों में से एक है.

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