scorecardresearch
 
डाउनलोड करें इंडिया टुडे हिंदी मैगजीन का लेटेस्ट इशू सिर्फ 25/- रुपये में

विशेषांकः सेहत ही है दौलत

स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार ध्यान देकर राज्य ने इस श्रेणी में शीर्ष स्थान कायम रखा.

जनहित पुदुच्चेरी के इंदिरा गांधी अस्पताल में डायलिसिस यूनिट जनहित पुदुच्चेरी के इंदिरा गांधी अस्पताल में डायलिसिस यूनिट

पुदुच्चेरी: स्वास्थ्य में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला छोटा राज्य

हर एक लाख की आबादी पर भारत के किसी भी दूसरे राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से ज्यादा 71 पंजीकृत सरकारी एलोपैथिक डॉक्टरों के साथ पुदुच्चेरी में स्वास्थ्य सेवा का टिकाऊ नेटवर्क है. स्वास्थ्य सेवा पर कुल मिलाकर राज्य प्रति व्यक्ति 3,354 रुपए खर्च करता है, जो केवल अरुणाचल प्रदेश, गोवा, सिक्किम और मिजोरम से ही कम है.

राज्य में प्रति सरकारी अस्पताल 108 बिस्तर हैं, जो दिल्ली (254) को छोड़कर किसी भी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से ज्यादा हैं. यही कारण है कि राज्य में भरोसेमंद रोग प्रबंधन व्यवस्था है और दवाइयों की अच्छी आपूर्ति भी, जिसे भारतीय जनस्वास्थ्य सेवाओं में दुर्लभ माना जा सकता है.

विशेषांकः सेहत ही है दौलत
विशेषांकः सेहत ही है दौलत

पुदुच्चेरी की सफलता का एक कारण यहां आबादी का कम होना भी है. 12.4 लाख लोगों की आबादी के साथ राज्य का जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किमी मात्र 2,598 का है, जबकि दिल्ली का 11,297 है. नतीजतन स्वास्थ्य के ज्यादातर मानकों पर राज्य का प्रदर्शन समग्र भारत के मुकाबले कहीं बेहतर है.

शिशु मृत्य दर प्रति 1,000 पर 11 है, जबकि देश का औसत 28 है. इसी तरह से मातृ मृत्यु दर प्रति एक लाख पर 60 है. गौर करने वाली बात यह है कि करीब सभी प्रसव स्वास्थ्य संस्थाओं में होते हैं और 91.3 फीसद बच्चों का टीकाकरण होता है जबकि स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव के मामले में राष्ट्रीय औसत 78.4 और बाल टीकाकरण 62 फीसद है.

पुदुच्चेरी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक समृद्ध राज्यों के मुकाबले प्रति व्यक्ति ज्यादा खर्च करके, ज्यादा मेडिकल कॉलेज स्थापित करके, स्वास्थ्य प्रशासन में कोई भी पद खाली न रहने देकर और कई अन्य तरीकों से स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देता रहा है.

स्वास्थ्य देखभाल पर राज्य का ध्यान है, यह उसके बजटीय खर्च में भी साफ दिखाई देता है. नेशलन हेल्थ प्रोफाइल 2017 के मुताबिक, यह केंद्र शासित प्रदेश स्वास्थ्य पर अपने जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) का 1.85 फीसद खर्च करता है, जबकि दिल्ली 0.86 फीसद और ज्यादातर बड़े राज्य 0.74 फीसद खर्च करते हैं.

इसी तरह, स्वास्थ्य पर इसका प्रति व्यक्ति खर्च 2019-20 में बढ़कर 3,653 रुपए हो गया, जो दिल्ली के 3,145 रुपए और बड़े राज्यों से कहीं ज्यादा है. अखिल भारतीय औसत 1,765 रुपए है जो कोविड-19 के एक टेस्ट की कीमत से भी कम है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें
ऐप में खोलें×