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विशेषांकः खुशी केवल मन की स्थिति नहीं है

मैंने अपने पिता लालूजी से सीखा है, जो न केवल खुद खुश रहते हैं बल्कि अपने आस-पास के सभी लोगों को भी खुश करते हैं और उन्हें सशक्त बनाते हैं

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तेजस्वी यादव, बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष, राजद नेता तेजस्वी यादव, बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष, राजद नेता

खुशी केवल मन की स्थिति नहीं है, बल्कि यह एक समग्र विचार है. खुशी के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज चौतरफा भलाई है. इसलिए, खुशी का मेरा विचार एक समावेशी प्रक्रिया का हिस्सा बनना और चलाना है, जो सब के लिए भलाई सुनिश्चित करता है.

चकाचौंध वाली घटनाओं, मीडिया के बयानों और वास्तविकता का सिर्फ एक हिस्सा दिखाकर खुशियों का भ्रम बनाया जा सकता है, लेकिन असली खुशी तब होती है, जब लोग अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें और गरिमा के साथ जीवन जी सकें. यह कुछ ऐसा है, जो मैंने अपने पिता लालूजी से सीखा है, जो न केवल खुद खुश रहते हैं बल्कि अपने आस-पास के सभी लोगों को भी खुश करते हैं और उन्हें सशक्त बनाते हैं''

तेजस्वी यादव, बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष, राजद नेता

''जब हम में से अधिकांश लोग घर पर फंस गए थे और कठिन समय से गुजर रहे थे तो मुझे एहसास हुआ कि जो मुझे खुश करता है, वह है लोगों को हंसाना. इस तरह मैंने कोविड से बचे लोगों के लिए शो करने का फैसला किया. इसने लोगों को कम से कम उन 30 मिनटों के लिए अपनी समस्याओं को भुला दिया. अपनी पत्नी से भी मैं अक्सर दूर रहकर उसे खुश करने की कोशिश करता हूं.

जैसे अभी मैं इस प्रोजेक्ट के लिए बाहर हूं, और इस वजह से सिर्फ 40 दिनों के लिए उससे दूर हूं क्योंकि महामारी के दौरान वह मेरा थोबड़ा देख-देखकर तंग आ गई थी...मैं अपने बच्चों से बस इतना ही पूछकर उन्हें भी खुश रखता हूं कि वे किससे बात कर रहे हैं और किस बारे में बात कर रहे हैं. मेरी खुशी का पैमाना काफी हद तक यही रहा है''

अमित टंडन, स्टैंडअप कॉमेडियन

''मुझे पढ़ने से उत्साह, खुशी और परमानंद की अनुभूति होती है. पढ़ना एक अनूठा अनुभव है. लोग कहते हैं कि हम किताबें पढ़ते हैं. मेरा मानना है कि किताबें भी हमें पढ़ती हैं. वे हमें खुद को बेहतर तरीके से जानने में मदद करती हैं. किताबें हमें ऐसे अनुभव प्रदान करती हैं जो हम अन्यथा नहीं करते. वे हमारे विचारों को प्रज्ज्वलित करती हैं. मैं किसी भी शैली विशेष के बारे में बात नहीं कर रही. मुझे हर तरह की किताबों से प्यार है. मुझे लिखना पसंद है, लेकिन पढ़ना बहुत अधिक रोमांचक है''

के.आर. मीरा, लेखिका

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