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विशेषांकः बढ़ती खुशहाली

अनाज की पैदावार में आत्मनिर्भरता पर राज्य के जोर देने का नतीजा अच्छी कृषि उपज और दुनिया भर को निर्यात के रूप में सामने आया.

कुदरत का तोहफा अगरतला में किसान कुदरत का तोहफा अगरतला में किसान

त्रिपुरा: कृषि में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला छोटा राज्य

कृषि में त्रिपुरा की कामयाबी का एक उदाहरण अनानास से जुड़ा है. राज्य के बागवानी विभाग के अनुसार, राज्य के 8,800 एकड़ जितने रकबे में अनानास उगाए जाते हैं और कोई 4,000 किसान इससे सीधे जुड़े हैं.

त्रिपुरा में तीन किस्म के अनानास की पैदावार होती है—क्यू, क्वीन और बॉम्बे. इनमें क्वीन अनानास अनोखे माने जाते हैं और इनकी भारी मांग रहती है. इसने राज्य को वैश्विक नक्शे पर जगह दिलाई है. त्रिपुरा 2009 से क्वीन  अनानास अरब और मध्य-पूर्व के दूसरे देशों को निर्यात कर रहा है.

विशेषांकः बढ़ती खुशहाली
विशेषांकः बढ़ती खुशहाली

यह कामयाबी हाल के सालों में कृषि पर सरकार के ध्यान देने का नतीजा है. त्रिपुरा प्रति हेक्टेयर 8.64 टन फसल उपजाता है और इसकी बदौलत राज्य की पैदावार छोटे राज्यों में सबसे ज्यादा और भारत के सभी राज्यों में तीसरी सबसे ज्यादा है. जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) में कृषि का जीएसवीए (सकल राज्य मूल्य संवर्धित) 41 फीसद है.

मुख्यमंत्री बिप्लब देव इसका श्रेय खाद्य, दूध, मछली और मांस उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर सरकार के जोर को देते हैं. 2018 में सत्ता में आने के बाद वे कृषि, मछलीपालन और पशुपालन के जरिए ग्रामीण विकास के लिए मुख्यमंत्री स्वनिर्भर परिवार योजना लेकर आए.

विशिष्ट लक्ष्यों पर केंद्रित नीतियां, खासकर नगद फसलों के लिए शुरू की गईं. मसलन, राज्य ने त्रिपुरा अगरलकड़ी नीति 2021 लॉन्च की, जिसका मकसद अगले पांच सालों में अगर के 50 लाख पौधे लगाना है. इससे 2,000 करोड़ रुपए का कारोबार पनपेगा और युवा लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे.

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