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जल विशेषांकः बढ़ गया जलस्तर

सूखाग्रस्त वाइएसआर कडपा जिले में नई तरह के बांध से जल स्तर बढ़ा और सतत सिंचाई में मदद मिली.

नई उम्मीद पापाग्नि नदी पर बने पुल पर चिरुतानी प्रताप नई उम्मीद पापाग्नि नदी पर बने पुल पर चिरुतानी प्रताप

वाइएसआर कडपा जिले  में पापाग्नि नदी के पुल पर खड़े चिरुतानी प्रताप नीचे सूखे पड़े नदी तल पर झिलमिलाती छोटी-छोटी धाराओं की तरफ इशारा करते हैं. वे कहते हैं, ‘‘हमें ये बस बीते दो सालों में ही दिखाई देने लगी हैं. आम तौर पर यह नदी हर साल बारिश के मौसम में महज चार महीने ही एक धारा में बहती है.’’ आंध्र प्रदेश के जल संसाधन विभाग से जुड़े 50 वर्षीय पर्यावरण इंजीनियर नदी के अनूठे कायापलट की बात कर रहे हैं.

यह बदलाव पापाग्नि पर उपसतह या सतह से नीचे बने बांधों (एसएसडी) की बदौलत आ सका है. पापाग्नि कई महीने लगभग सूखी पड़ी रहती है. धाराओं या घाटियों पर बनाए गए एसएसडी का मकसद भूमिगत जलाशयों का निर्माण करना और भूमिगत जल को फिर से भरना है. इनका निर्माण पाइलिंग टेक्नोलॉजी से किया गया है, जिसमें टेढ़े-मेढ़े आकार की स्टील की चादरें रेत में 18 मीटर की गहराई तक उतारकर एक किस्म की दीवार बनाई गई है और भूमिगत जल का स्तर बढ़ाने के लिए नीचे पानी को घेरकर रखा गया है.

कडपा में इन बांधों का निर्माण नदी के 34 किमी लंबे फैलाव की छह ढलानों पर मई 2017 और मार्च 2018 के बीच किया गया. 2019 आते-आते भूमिगत का जल का स्तर इतना बढ़ गया कि यह गंडी में 5.19 मीटर से लेकर राजुपालम में 14.64 मीटर के बीच आ गया है. नतीजतन, खरीफ के सीजन के दौरान धान की फसल स्थिर हो चुकी है और रबी के सीजन में एक और फसल, ज्यादातर सूरजमुखी, उगाई जा रही है.

मरुस्थलीकरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन ने एसएसडी सरीखे भूमिगत जल बांधों का सुझाव दिया था और इन्हें सूखे या अर्ध-सूखे इलाकों में पानी के किफायती भंडार के लिए उपयुक्त टेक्नोलॉजी बताया था.

बजट में इस काम के लिए कोई धनराशि नहीं होने की दशा में वाइएसआर कडपा के जिला कलेक्टर सी. हरि किरण ने एसएसडी के निर्माण के लिए 26 करोड़ रुपए जुटाने की खातिर उस खनिज उपकर का सहारा लिया जो जिले में इकट्ठा गया था और विवेकाधीन इस्तेमाल के लिए मौजूद था. वाइएसआर कडपा में एसएसडी ने दो साल के भीतर खेती-किसानी का चेहरा बदल दिया है और करीब 8,000 एकड़ इलाके को फायदा पहुंचाया है.

बड़ी तस्वीर 
समस्या  बहुत कम बारिश तथा ऐसी मिट्टी जिसमें वर्षजल आसानी से नीचे नहीं जा पाता
समाधान इलाके में सूखे के दिनों में भूजल स्तर बनाए रखने के लिए उपसतह या सबसर्फेस बांध (एसएसडी) का निर्माण. साथ ही, एसएसडी के निर्माण में सामान्य बांध का दसवां हिस्सा खर्च होता है


आंध्र प्रदेश: वाइएसआर कडपा में उपसतह बांध
80 %

जमीन वाइएसआर कडपा की ऐसी है, जिसमें भूमिजल बहुत जल्दी रिस जाता है

8,000
एकड़ जमीन रिचार्ज हुआ वाइएसआर जिले में एसएस

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